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When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी

When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी
When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी

नई दिल्ली: दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। वहीं, कुछ स्थानों पर इसे देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में भी मनाया जाता है। यह पर्व शारदीय नवरात्रि के समापन का संकेत भी है।

दशहरा 2025 की तारीख और पूजा का समय

वर्ष 2025 में दशहरा 2 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।
विजया मुहूर्त दोपहर 2:09 बजे से 2:56 बजे तक रहेगा।
अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:21 बजे से 3:44 बजे तक रहेगा।
दशमी तिथि 1 अक्टूबर को शाम 7:01 बजे प्रारंभ होगी और 2 अक्टूबर को शाम 7:10 बजे समाप्त होगी।
श्रवण नक्षत्र 2 अक्टूबर को सुबह 9:13 बजे शुरू होकर 3 अक्टूबर को सुबह 9:34 बजे तक रहेगा।

देश के विभिन्न हिस्सों में कैसे मनाते हैं दशहरा

देशभर में दशहरे का उत्सव विभिन्न परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उत्तर भारत में रामलीला का आयोजन किया जाता है और रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है।

बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में इस दिन देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है, जिसे ‘दुर्गा विसर्जन’ कहा जाता है।

दक्षिण भारत में इस दिन शस्त्र, औजार और पुस्तकों की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर लोग अपने वाहन और कामकाजी उपकरणों की भी पूजा करते हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात में शमी वृक्ष और देवी अपराजिता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से विजय और समृद्धि प्राप्त होती है।

दशहरा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और धर्म की गहराई से जुड़ा एक अहम दिन है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है।

How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर

How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर
How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर

भारतीय नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में से एक आधार कार्ड अब पहले से कहीं अधिक आसान तरीके से प्राप्त किया जा सकता है। भारत सरकार ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिसके तहत नागरिक आधिकारिक MyGov हेल्पडेस्क चैटबॉट के माध्यम से व्हाट्सएप पर सीधे अपना आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह कदम प्रक्रिया को सरल बनाने और लाखों व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

UIDAI से व्हाट्सएप तक नई सुविधा

पहले नागरिक अपना आधार कार्ड केवल UIDAI पोर्टल या DigiLocker ऐप के जरिए प्राप्त कर सकते थे। अब इस नए इंटीग्रेशन के साथ, उपयोगकर्ता बिना कई ऐप्स के बीच स्विच किए, अपने आधार कार्ड और DigiLocker से जुड़े अन्य दस्तावेज भी सुरक्षित रूप से डाउनलोड कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दैनिक संचार के लिए व्हाट्सएप पर निर्भर हैं।

इस सेवा का उपयोग करने के लिए आवश्यक बातें

  • आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
  • आपके पास एक सक्रिय DigiLocker खाता होना आवश्यक है।
  • MyGov हेल्पडेस्क का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर +91-9013151515 अपने कॉन्टैक्ट्स में सेव करना होगा।

व्हाट्सएप पर आधार डाउनलोड करने की प्रक्रिया

  1. MyGov हेल्पडेस्क नंबर (+91-9013151515) अपने कॉन्टैक्ट्स में सेव करें।
  2. व्हाट्सएप खोलकर “Hi” या “नमस्ते” जैसे अभिवादन संदेश भेजें।
  3. चैटबॉट मेनू में से DigiLocker सेवाएं चुनें।
  4. अपने DigiLocker खाते की पुष्टि करें और 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
  5. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा, उसे सत्यापित करें।
  6. प्रमाणीकरण के बाद चैटबॉट आपके लिए उपलब्ध दस्तावेजों की सूची दिखाएगा।
  7. आधार चुनें, और आपको आपका आधार कार्ड PDF फॉर्मेट में व्हाट्सएप पर प्राप्त हो जाएगा।

ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • एक समय में केवल एक दस्तावेज डाउनलोड किया जा सकता है।
  • आधार कार्ड DigiLocker से लिंक होना आवश्यक है। यदि लिंक नहीं है, तो उपयोगकर्ता DigiLocker ऐप या वेबसाइट के जरिए इसे अपडेट कर सकते हैं।
  • यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित है और उपयोगकर्ता की निजता की रक्षा के लिए डिज़ाइन की गई है।

डिजिटल भारत की ओर एक और कदम

यह नई सुविधा नागरिकों को उनके आधार कार्ड तक तेजी से और आसान पहुंच प्रदान करती है। भारत में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से यह सेवा आधिकारिक दस्तावेज़ों को हमेशा उपलब्ध रखती है, जिससे आधार कार्ड की पहुंच और उपयोगकर्ता अनुभव दोनों सहज और सुविधाजनक बन जाता है।

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता
71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता

नई दिल्ली में 23 सितंबर को आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की बेहतरीन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठअभिनेता, सर्वश्रेष्ठअभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठनिर्देशक सहित कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए।

इस समारोह में मलयालम के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि शाहरुख खान को उनकी फिल्म ‘जवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठअभिनेता का पुरस्कार मिला। शाहरुख खान ने यह पुरस्कार विक्रांत मैसी के साथ साझा किया, जिन्हें फिल्म ‘12वीं फेल’ के लिए यह सम्मान दिया गया।

लेकिन इस कार्यक्रम की सबसे खास और ध्यान खींचने वाली शख्सियत मात्र 5 साल की त्रिशा विवेक थोसार रहीं, जिन्होंने अपनी मासूमियत और सहजता से सभी का दिल जीत लिया। त्रिशा ने मराठी फिल्म ‘नाल 2’ के लिए सर्वश्रेष्ठबाल कलाकार का पुरस्कार प्राप्त किया, जिसे उन्होंने मात्र तीन साल की उम्र में शूट किया था।

सरल और खूबसूरत बेज रंग की साड़ी में सजी त्रिशा की मुस्कान और उनकी सहजता ने विज्ञान भवन में सबसे ज़्यादा तालियां बटोरीं। पुरस्कार ग्रहण करते समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

त्रिशा ने ANI से बातचीत में अपनी खुशी और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यह सम्मान पाकर बेहद खुशी हुई है।

अन्य बाल कलाकारों को भी मिला सम्मान

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में कुल पांच बाल कलाकारों को सर्वश्रेष्ठबाल कलाकार का पुरस्कार दिया गया। त्रिशा थोसार के अलावा यह पुरस्कार श्रीनिवास पोकले, भार्गव जगताप, कबीर खंडारे और सुकृति वेणी बंदरेड्डी को भी प्रदान किया गया। लेकिन त्रिशा की मासूमियत और प्यारी मुस्कान ने उन्हें शाम की सबसे बड़ी स्टार बना दिया।

त्रिशा थोसार की फिल्मी यात्रा

अभी अपनी कम उम्र के बावजूद त्रिशा ने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने महेश मांजरेकर और सिद्धार्थ जाधव के साथ काम किया है और मांजरेकर की निर्देशित फिल्म ‘पुन्हा शिवाजी राजा भोसले’ में भी प्रमुख भूमिका निभाई है।

उनका सबसे बड़ा ब्रेकआउट मराठी फिल्म ‘नाल’ के सीक्वल ‘नाल 2’ से आया, जिसने समीक्षकों और दर्शकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया।

त्रिशा थोसार की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि भारतीय सिनेमा में युवा प्रतिभाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक भी है।

alice in borderland season 3 netflix: Netflix की हिट जापानी सीरीज़ 25 सितंबर को करेगी धमाकेदार वापसी

alice in borderland season 3 netflix: Netflix की हिट जापानी सीरीज़ 25 सितंबर को करेगी धमाकेदार वापसी
alice in borderland season 3 netflix: Netflix की हिट जापानी सीरीज़ 25 सितंबर को करेगी धमाकेदार वापसी

नई दिल्ली: नेटफ्लिक्स की मशहूर जापानी साइंस-फिक्शन सीरीज़ ‘ऐलिस इन बॉर्डरलैंड’ (alice in borderland season 3) का तीसरा सीजन 25 सितंबर को रिलीज़ होने जा रहा है। यह सीरीज़ हारो आसो के लोकप्रिय मंगा पर आधारित है और इसे नेटफ्लिक्स की अब तक की सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली जापानी सीरीज़ माना जाता है। दूसरे सीजन की रिलीज़ के चार हफ्तों में ही शो को 200 मिलियन घंटे से अधिक देखा गया था।

सीरीज़ की लोकप्रियता केवल जापान तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह नेटफ्लिक्स के टॉप 10 में 90 से अधिक देशों में शामिल हुई थी। यह ग्लोबल ऑडियंस के बीच मंगा-आधारित कंटेंट और ‘डेथ गेम्स’ थीम की बढ़ती मांग को दर्शाती है।

सीजन 3 की लॉन्चिंग से पहले टोक्यो में एक भव्य प्रमोशनल इवेंट भी आयोजित किया गया, जिसमें शो की कास्ट के साथ लाइव Q&A सत्र, मर्चेंडाइज़ शॉप और इंटरैक्टिव गेम्स शामिल थे। इस इवेंट में प्रशंसकों और मीडिया के साथ-साथ AEW के रेसलिंग स्टार केनी ओमेगा जैसे इंटरनेशनल मेहमान भी शामिल हुए, जिन्होंने खुद इस शो को अपना पसंदीदा बताया।

इस सीज़न का निर्देशन और सहलेखन फिर से शिन्सुके साटो कर रहे हैं। मुख्य किरदारों अरिसु (केन्तो यामाजाकी) और उसागी (ताओ त्सुचिया) की वापसी हो रही है, साथ ही कई नए कलाकार भी इस सीजन में नजर आएंगे जिनमें हयातो इसोमुरा, अयाका मियोशी, काट्सुया माइगुमा, कोजी ओकुरा, हायूनरी, टिना तमाशिरो और अन्य शामिल हैं।

क्या है तीसरे सीजन की कहानी?

सीजन 2 के अंत में अरिसु और उसागी बॉर्डरलैंड से बचकर एक अस्पताल में जागते हैं, जहां उन्हें पता चलता है कि वे शिबुया पर गिरे एक उल्कापिंड से बच गए हैं। लेकिन उन्हें बॉर्डरलैंड या खेलों की कोई याद नहीं रहती।

सीजन 3 में कहानी उस मोड़ पर पहुंचती है जब उसागी को एक रहस्यमय विद्वान अगवा कर लेता है, जो जीवन के बाद की अवस्था से ग्रस्त है। अरिसु उसे बचाने के लिए फिर से बॉर्डरलैंड में प्रवेश करता है। यहां वह नए खिलाड़ियों के साथ मिलकर ‘जोकर’ स्तर का सामना करता है, जो अब तक का सबसे खतरनाक खेल है। उनका लक्ष्य है – अपने असली जीवन में वापस लौटना।

कलाकारों की प्रतिक्रिया

एक इंटरव्यू में केन्तो यामाजाकी ने कहा, “शुरुआत में तो वैश्विक प्रतिक्रिया देखकर हैरानी हुई, लेकिन हम पहले सीजन से ही ग्लोबल दर्शकों के लिए कुछ बड़ा बनाने का इरादा रखते थे। अब जब हम तीसरे सीजन में पहुंच चुके हैं, तो यह हमारे उस प्रयास की पुष्टि है।”

ताओ त्सुचिया ने कहा, “इस शो की लोकप्रियता बेहद भावुक कर देने वाली है। बॉर्डरलैंड की थीम्स को आप अपने समाज, स्कूल या यहां तक कि अभिनय की दुनिया में भी देख सकते हैं। जीवन में सर्वाइवल की भावना वैश्विक है और शायद इसीलिए दर्शकों का इससे जुड़ाव इतना गहरा है।”

दोनों कलाकारों ने माना कि शो की थीम्स काफी भारी और भावनात्मक रूप से थका देने वाली थीं। ताओ ने बताया कि सेट पर वे लोग काफी हँसी-मज़ाक करते थे ताकि तनाव से राहत मिले और वातावरण हल्का बना रहे।

क्या आएगा चौथा सीजन या स्पिन-ऑफ?

केन्तो यामाजाकी ने कहा कि यदि कहानी को आगे बढ़ाने का मौका मिला तो वे जरूर इसका हिस्सा बनना चाहेंगे। वहीं ताओ त्सुचिया ने इशारा किया कि इस सीजन में उनका किरदार गर्भवती होता है, जिससे भविष्य में कहानी को पारिवारिक दिशा में ले जाने की संभावनाएं बनती हैं।

नेटफ्लिक्स के लिए ‘ऐलिस इन बॉर्डरलैंड’ न केवल एक सफल शो है, बल्कि जापानी कंटेंट के लिए एक वैश्विक खिड़की भी बन चुका है। दर्शकों को अब इंतजार है 25 सितंबर का, जब वे फिर एक बार रहस्यमयी और जानलेवा बॉर्डरलैंड की दुनिया में कदम रखेंगे।

Greater Noida: PM Modi ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का किया उद्घाटन, ‘Chip से Ship’ तक भारत में निर्माण का संकल्प दोहराया

Greater Noida: PM Modi ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का किया उद्घाटन, 'Chip से Ship' तक भारत में निर्माण का संकल्प दोहराया
Greater Noida: PM Modi ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का किया उद्घाटन, 'Chip से Ship' तक भारत में निर्माण का संकल्प दोहराया

ग्रेटर नोएडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता और संकटों के बीच भी भारत की विकास गति आकर्षक बनी हुई है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को दोहराते हुए कहा कि अब भारत ‘चिप से शिप’ तक सब कुछ देश में ही बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मेगा ट्रेड शो में 2,250 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित कर रहे हैं, और रूस इस बार ट्रेड शो का ‘कंट्री पार्टनर’ है, जो भारत-रूस की समय-परीक्षित साझेदारी को और मजबूत करता है।

पीएम मोदी ने कहा, “वैश्विक संकट और अव्यवस्थाओं के बावजूद भारत की ग्रोथ आकर्षक बनी हुई है। हम इन संकटों में भी नए अवसर तलाशते हैं। आत्मनिर्भर भारत हमारा संकल्प और मंत्र है। जो देश दूसरों पर निर्भर रहते हैं, उनकी विकास यात्रा बाधित होती है। भारत अब ऐसी निर्भरता को पीछे छोड़ रहा है।”

यूपी बना मोबाइल निर्माण का हब

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर भारत अभियान में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बनने वाले मोबाइल फोनों का 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसके साथ ही राज्य अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रक्षा क्षेत्र में भी ‘स्वदेशी’ की ओर कदम

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि देश की सशस्त्र सेनाएं अब विदेशी उपकरणों पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं और ‘स्वदेशी’ समाधान चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में रूस की मदद से एक फैक्ट्री में जल्द ही AK-203 राइफल का उत्पादन शुरू होगा।

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में एक डिफेंस कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल समेत कई रक्षा उपकरणों का उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहा है जहां हर हथियार पर “मेड इन इंडिया” लिखा होगा।

ट्रेड शो में वैश्विक भागीदारी

UP इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में 2,500 से अधिक प्रदर्शक, 500 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 5 लाख से अधिक आगंतुकों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत को दर्शाता है बल्कि भारत की वैश्विक व्यापार में बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।

“1962 में वायुसेना का इस्तेमाल होता तो चीन को रोका जा सकता था” CDS जनरल अनिल चौहान का आया चौंकाने वाला बयान

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"1962 में वायुसेना का इस्तेमाल होता तो चीन को रोका जा सकता था" CDS जनरल अनिल चौहान का आया चौंकाने वाला बयान

नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि यदि 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का उपयोग किया गया होता, तो चीनी हमले को काफी हद तक रोका जा सकता था। उन्होंने यह टिप्पणी पुणे में लेफ्टिनेंट जनरल एसपीपी थोराट की संशोधित आत्मकथा ‘रेवेली टू रिट्रीट’ के विमोचन के अवसर पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से दी।

जनरल चौहान ने कहा कि उस समय वायुसेना का इस्तेमाल “उग्र” माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि वायुसेना आज भारत की सामान्य सैन्य रणनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

सीडीएस ने कहा कि 1962 में भारत की ‘फॉरवर्ड पॉलिसी’ को लद्दाख और नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (एनईएफए, वर्तमान अरुणाचल प्रदेश) में समान रूप से लागू करना रणनीतिक भूल थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लद्दाख और एनईएफए की भौगोलिक परिस्थितियाँ और विवाद का इतिहास अलग-अलग था, इसलिए एक जैसी नीति अपनाना व्यावहारिक नहीं था।

जनरल चौहान ने यह भी बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल थोराट उस समय वायुसेना के इस्तेमाल के पक्ष में थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी। यदि वायुसेना का इस्तेमाल किया गया होता, तो भारतीय सेना को रणनीतिक बढ़त मिलती और तैयारियों के लिए अधिक समय मिलता।

उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना की सामरिक क्षमता, जैसे कम टर्नअराउंड टाइम, अनुकूल भूगोल और भारी पेलोड उठाने की शक्ति, 1962 में चीन के खिलाफ निर्णायक साबित हो सकती थी। उन्होंने इसे उस समय का एक “गंभीर अवसर चूकना” बताया।

सीडीएस ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में भू-राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है, और ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है। मई 2025 में किए गए इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर वायुसेना के माध्यम से सटीक हमले किए थे।

जनरल चौहान के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय सैन्य नेतृत्व अब पुरानी गलतियों से सीखते हुए आधुनिक रणनीतियों पर अधिक बल दे रहा है, जिसमें वायु शक्ति की अहम भूमिका है।

‘Make In India’ की 11वीं वर्षगांठ, भारत बना Global Manufacturing Hub, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गिनाई उपलब्धियां

‘Make In India’ की 11वीं वर्षगांठ, भारत बना Global Manufacturing Hub, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गिनाई उपलब्धियां
‘Make In India’ की 11वीं वर्षगांठ, भारत बना Global Manufacturing Hub, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गिनाई उपलब्धियां

नई दिल्ली: ‘मेक इन इंडिया’ पहल की 11वीं वर्षगांठके अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को इस कार्यक्रम के देश के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़े गहरे और सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में शुरू की गई ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उद्देश्य देश के औद्योगिक आधार को पुनर्जीवित करना और भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना था। 11 वर्षों बाद, मंत्री गोयल ने कहा, “यह विजन अब एक सशक्त सच्चाई बन चुका है, जिसने भारत को एक वैश्विक विनिर्माण शक्ति में बदल दिया है।”

उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण आधार उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना रही है, जिसने कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित किया है।

मंत्री गोयल ने यह भी कहा कि यह पहल उस समय लाई गई थी जब देश की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आई थी और विकास की गति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बन गया था। उस संकटपूर्ण समय में ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को एक ऐसे विजन के रूप में प्रस्तुत किया गया था जो भारत के औद्योगिक भविष्य को नया आयाम दे सकता है।

‘मेक इन इंडिया’ का मूल उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का विकास करना रहा है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ के मूलमंत्र पर आधारित रही है, जिसका मकसद न केवल घरेलू निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देना है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की औद्योगिक ताकत को प्रदर्शित करना भी है।

गोयल ने कहा कि पहल का अगला चरण, ‘मेक इन इंडिया 2.0’, अब 27 क्षेत्रों को कवर करता है और यह कार्यक्रम नई ऊर्जा और विस्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे भारत की युवा आबादी के लिए रोजगार सृजन और देश की आर्थिक प्रगति को गति देने का एक महत्वपूर्ण उपकरण बताया।

उन्होंने कहा कि “भारत अब केवल उपभोग करने वाला नहीं, बल्कि निर्माण करने वाला राष्ट्र बन चुका है। ‘मेक इन इंडिया’ का यह सफर न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और तकनीकी बदलावों के लिहाज से भी ऐतिहासिक रहा है।”

भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो तेज़ गति से औद्योगिक और तकनीकी क्षमता का विकास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ‘मेक इन इंडिया’ भारत की आत्मनिर्भरता की रीढ़ बनेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को और अधिक मज़बूती देगा।

‘डर्टी बाबा’ स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा, छात्रा के पत्र और एयरफोर्स अधिकारी के ईमेल से टूटा मौन

'डर्टी बाबा' स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा, छात्रा के पत्र और एयरफोर्स अधिकारी के ईमेल से टूटा मौन
'डर्टी बाबा' स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा, छात्रा के पत्र और एयरफोर्स अधिकारी के ईमेल से टूटा मौन

नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में लंबे समय से चल रहे यौन शोषण के मामले का अब भयानक सच सामने आ चुका है। कथित बाबा चैतन्यानंद के ‘डर्टी गेम’ का भंडाफोड़ एक छात्रा के पत्र और भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन के ईमेल के जरिए हुआ। मामले के तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने बाबा को पकड़ने के लिए कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।

कैसे हुआ खुलासा?

जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को एक पूर्व छात्रा ने संस्थान के प्रशासन को एक पत्र लिखकर बाबा चैतन्यानंद पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। यह पत्र 31 जुलाई को रिसीव हुआ।

इसके ठीक बाद, 1 अगस्त को भारतीय वायुसेना के एक ग्रुप कैप्टन ने एक ईमेल भेजा जिसमें बताया गया कि कई छात्राओं ने उन्हें भी बाबा की हरकतों की शिकायत की है। ईमेल में बताया गया कि बाबा रात-रात भर लड़कियों को अश्लील और निजी मैसेज भेजता है और प्रतिशोध की भावना से निर्णय लेता है।

इस शिकायत के बाद 3 अगस्त को संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने करीब 30 छात्राओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की, जिससे बाबा की करतूतों की परतें खुलनी शुरू हो गईं।

FIR में क्या है?

पुलिस अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें से 17 ने सीधे तौर पर यौन उत्पीड़न और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। छात्राओं के मुताबिक:

  • वे आर्थिक रूप से कमजोर और कई फौजी परिवारों से हैं।
  • बाबा और उनके सहयोगियों ने छात्राओं के शैक्षणिक सर्टिफिकेट जब्त कर लिए थे ताकि वे चुप रहें।
  • कुछ छात्राएं शारीरिक शोषण का भी शिकार हुईं लेकिन समाज और करियर की वजह से चुप रहीं।

एक छात्रा की गवाही

एक 21 वर्षीय छात्रा ने अपने बयान में बताया कि:

“पहली ही मुलाकात में उन्होंने मुझे अजीब नजरों से देखा। जब चोट लगने पर मैंने मेडिकल रिपोर्ट शेयर की, तो रात को मेसेज आने लगे — ‘बेबी, आई लव यू… आज बहुत खूबसूरत लग रही हो’। जवाब न देने पर पुराने मैसेज टैग करके रिप्लाई करने को मजबूर करते।”

छात्रा ने जब विरोध किया, तो अटेंडेंस और मार्क्स में कटौती की गई। मार्च 2025 में ऋषिकेश ट्रिप के दौरान बाबा ने लड़कियों के साथ अश्लील कमेंट किए और वापसी के बाद महिला स्टाफ ने उसे व्हाट्सएप चैट डिलीट करने के लिए मजबूर किया।

होली के बाद बाबा ने उसे ऑफिस बुलाकर ‘बेबी’ कहकर वीडियो बनाया और भेजा। जून 2025 में एक और ट्रिप के दौरान लड़कियों को रात में बुलाया गया और विरोध करने पर परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

  • FIR दर्ज कर ली गई है और बाबा के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
  • SRISIIM संस्थान से CCTV फुटेज और हार्ड डिस्क जब्त की गई है और FSL भेजी गई है।
  • पुलिस बाबा को गिरफ्तार करने के लिए आगरा और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
  • संस्थान ने बाबा को पद से हटा दिया है और खुद को उससे अलग कर लिया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि एक साहसिक आवाज और समर्थन से कैसे वर्षों से दबे शोषण के खिलाफ लड़ाई शुरू की जा सकती है।

पाकिस्तान की उड़ गई नींद, ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल को किया लॉन्च, भारत ने रचा इतिहास

पाकिस्तान की उड़ गई नींद, ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल को किया लॉन्च, भारत ने रचा इतिहास
पाकिस्तान की उड़ गई नींद, ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल को किया लॉन्च, भारत ने रचा इतिहास

बालासोर (ओडिशा): भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को एक और ऊंचाई पर पहुंचाते हुए बुधवार रात को अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के बालासोर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा किया गया। यह परीक्षण इसलिए भी खास है क्योंकि यह रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया गया एक ऐसी तकनीक जो दुनिया के केवल कुछ ही देशों के पास है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता की जानकारी अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की। उन्होंने कहा:

“भारत ने रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मिड-रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया है। यह अगली पीढ़ी की मिसाइल लगभग 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता से लैस है और इसमें कई अत्याधुनिक विशेषताएं मौजूद हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह परीक्षण भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करता है, जिनके पास मोबाइल कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम की तकनीक है, जो चलती हुई रेलगाड़ियों से मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता रखते हैं।

पहली बार रेलगाड़ी से लॉन्च

यह परीक्षण एक विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से किया गया, जिसे स्थिर ट्रेन कोचों पर लगाया गया था। इस प्रणाली की खास बात यह है कि इसे देशभर के रेल नेटवर्क पर बिना किसी विशेष अनुमति या शर्त के कहीं भी ले जाया जा सकता है। इससे सैन्य बलों को अल्प समय में मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता मिलती है और दुश्मन को इसकी भनक लगना मुश्किल होता है।

क्या है अग्नि-प्राइम मिसाइल?

  • अग्नि-प्राइम (Agni-P) एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जो लगभग 2,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है।
  • यह मिसाइल पहले की अग्नि श्रृंखला की तुलना में अधिक सटीकता, विश्वसनीयता और संचालन में लचीलापन प्रदान करती है।
  • इसमें कई अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं, और अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक को भविष्य में अन्य अग्नि-श्रेणी की मिसाइलों में भी लागू किया जा सकता है।

रणनीतिक मजबूती की ओर बड़ा कदम

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण भारत की रणनीतिक क्षमता और प्रतिरोधक ताकत (Deterrence Capability) को और मजबूत करता है। रेल से मोबाइल मिसाइल लॉन्च की क्षमता भारत को तेजी से और कम दृश्यता में हमले करने की क्षमता देती है, जो भविष्य के युद्ध परिदृश्यों में निर्णायक साबित हो सकती है।

DRDO, स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और भारतीय सशस्त्र बलों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी जा रही है, जो देश की रक्षा नीति और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

Ladakh Protest News: लेह में राज्य की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन, बीजेपी कार्यालय में आगजनी, हालात बेकाबू

Ladakh Protest News: लेह में राज्य की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन, बीजेपी कार्यालय में आगजनी, हालात बेकाबू
Ladakh Protest News: लेह में राज्य की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन, बीजेपी कार्यालय में आगजनी, हालात बेकाबू

लेह: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में मंगलवार को भीषण झड़पें हुईं। हालात तब बिगड़े जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

यह प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में हो रहा था, जो पिछले 35 दिनों से अनशन पर हैं। इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया, और यह लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों की अभिव्यक्ति बन गया।

टॉप 10 बड़ी बातें: लेह प्रदर्शन में हिंसा

  1. बीजेपी कार्यालय में आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने लेह स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय में आग लगा दी। इसके अलावा वहां खड़ी एक सुरक्षा वाहन को भी फूंक दिया गया।
  2. हिंसा का अब तक का सबसे गंभीर रूप: अधिकारियों के अनुसार, अब तक के आंदोलन में यह हिंसा की सबसे गंभीर घटना थी।
  3. पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने पथराव का जवाब आंसू गैस और लाठीचार्ज से दिया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
  4. लेह में बंद: पूरे लेह में पूर्ण बंद का ऐलान किया गया था, जिसमें आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
  5. 6 अक्टूबर को केंद्र से बातचीत: केंद्र सरकार और लद्दाख प्रतिनिधियों के बीच 6 अक्टूबर को बातचीत प्रस्तावित है। इन प्रतिनिधियों में लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के सदस्य शामिल हैं।
  6. अनशन पर बैठे लोगों की हालत बिगड़ी: 15 लोगों के समूह में से दो को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे LAB की युवा इकाई ने प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया।
  7. राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 2019 में लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से वहां कोई जनप्रतिनिधि नहीं है जो क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उठा सके।
  8. लद्दाख महोत्सव रद्द: 4-दिवसीय लद्दाख महोत्सव के अंतिम दिन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता समारोह में शामिल होने वाले थे।
  9. अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात: हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
  10. प्रदर्शनकारियों की मांगें: प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए और उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए, जिससे वहां के जनजातीय समाज को संवैधानिक संरक्षण और राजनीतिक अधिकार मिल सकें।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि बातचीत के जरिये समाधान की कोशिशें जारी हैं। लेकिन फिलहाल, लद्दाख में जन असंतोष और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।