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IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड

IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड
IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड

नई दिल्ली: इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा सुरक्षा सहायक/एग्जीक्यूटिव परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा।

IB SA परीक्षा 29 और 30 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी।

ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाएं
  2. IB SA हॉल टिकट लिंक पर क्लिक करें
  3. लॉगिन क्रेडेंशियल्स (यूज़र आईडी और पासवर्ड) दर्ज करें
  4. स्क्रीन पर IB SA एडमिट कार्ड PDF दिखाई देगा
  5. एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट लें

एडमिट कार्ड में ये जानकारियाँ होंगी:

उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट की टाइमिंग, परीक्षा केंद्र का पता और अन्य विवरण

IB SA परीक्षा केंद्र के दिशा-निर्देश:

परीक्षा चार शिफ्टों में आयोजित होगी:

  • शिफ्ट 1: सुबह 8:30 से 9:30 (रिपोर्टिंग समय: 7:00 बजे)
  • शिफ्ट 2: 11:30 से 12:30 (रिपोर्टिंग समय: 10:00 बजे)
  • शिफ्ट 3: दोपहर 2:30 से 3:30 (रिपोर्टिंग समय: 1:00 बजे)
  • शिफ्ट 4: शाम 5:30 से 6:30 (रिपोर्टिंग समय: 4:00 बजे)

परीक्षा में ले जाना अनिवार्य:

उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना अनिवार्य है। इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही एक वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि भी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ज्योमेट्री बॉक्स, पेंसिल बॉक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने की अनुमति नहीं है।

IB SA परीक्षा 2025 से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाएं।

Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में

Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में
Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नीति फिलहाल जेनेरिक दवाओं को छूट देती है, जिससे भारतीय फार्मा उद्योग को अस्थायी राहत मिली है। लेकिन Sun Pharmaceutical Industries Ltd., जो अमेरिका में भारतीय दवाओं की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ता है, इस नई नीति से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली कंपनियों में गिनी जा रही है।

क्यों Sun Pharma सबसे अधिक जोखिम में है?

1. ब्रांडेड दवाओं की भारी निर्भरता

Sun Pharma का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका में ब्रांडेड और स्पेशलिटी दवाओं से आता है विशेषकर उसकी अमेरिकी इकाई Taro Pharmaceuticals और DUSA Pharmaceuticals से। इन दोनों की दवाएं उच्च-मूल्य श्रेणी में आती हैं, जिन पर ट्रंप की नई नीति सीधा असर डाल सकती है।

2. अमेरिकी राजस्व पर अत्यधिक निर्भरता

Sun Pharma की कुल वैश्विक बिक्री में से लगभग 30-35% राजस्व अमेरिका से आता है, और उसमें से बड़ा हिस्सा ब्रांडेड दवाओं का है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप प्रशासन भविष्य में जेनेरिक पर भी शुल्क लागू करता है या ब्रांडेड छूट और कम कर देता है, तो Sun के मुनाफे पर सीधा प्रहार होगा।

3. स्टॉक में गिरावट

नीति की घोषणा के बाद Sun Pharma का शेयर बीएसई में 4.7% तक गिरा, जो फार्मा सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट थी। निवेशकों में डर है कि कंपनी की उच्च मार्जिन वाली अमेरिकी बिक्री पर चोट लगेगी।
साथ ही, ब्रोकरेज हाउसों ने कंपनी के FY26 के प्रॉफिट ग्रोथ अनुमान में कटौती की है।

अन्य भारतीय कंपनियों की तुलना में स्थिति

  • Cipla और Dr. Reddy’s जैसी कंपनियाँ अधिकतर जेनेरिक दवाओं पर केंद्रित हैं और उनकी ब्रांडेड निर्भरता कम है।
  • Sun Pharma, इसके विपरीत, ब्रांडेड और स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की तरफ काफी बढ़ चुकी है, जिससे टैरिफ के झटके का सीधा असर पड़ रहा है।

Sun Pharma की रणनीतिक प्रतिक्रिया

कंपनी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार:

  • Sun Pharma अपने अमेरिकी उत्पादन यूनिट्स को मजबूत करने की योजना बना सकती है, जिससे “substantial transformation” नियमों के तहत अमेरिकी टैक्स बचाए जा सकें।
  • कंपनी उभरते बाजारों जैसे यूरोप, एशिया और LATAM (लैटिन अमेरिका) की ओर निर्यात बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि अमेरिकी निर्भरता को संतुलित किया जा सके।
  • R&D और low-risk 505(b)(2) प्रकार की दवाओं पर ध्यान देकर कंपनी ऐसे उत्पाद बनाएगी जिन पर कम प्रतिस्पर्धा हो और जो शुल्क के बावजूद टिकाऊ रह सकें।

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

ICICI Securities के अनुसार:

“Sun Pharma की ब्रांडेड पोर्टफोलियो और अमेरिकी बाजार पर निर्भरता उसे इस टैरिफ नीति का सबसे बड़ा शिकार बना सकती है।”

Motilal Oswal Financial Services ने कहा:

“अगर ट्रंप की नीति और सख्त होती है या जेनेरिक दवाओं को भी इसमें जोड़ा जाता है, तो Sun Pharma का EBITDA मार्जिन 200–300 बेसिस प्वाइंट तक गिर सकता है।”

ट्रंप की यह नई टैरिफ नीति भारतीय फार्मा उद्योग के लिए एक चेतावनी है लेकिन Sun Pharma के लिए यह एक सीधा जोखिम है। ब्रांडेड दवाओं की लीडर होने के नाते Sun को अपनी रणनीति में तेज़ बदलाव लाना होगा, नहीं तो अमेरिकी बाजार में उसका वर्चस्व कमजोर हो सकता है। कंपनी के आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह वैश्विक स्तर पर कितनी तेजी से विविधीकरण और उत्पादन रणनीति अपनाती है।

Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया

Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया
Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया

कुलालंपुर में एक कॉन्सर्ट के दौरान पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने ऊपर उठे विवादों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘सरदारजी 3’ फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ काम करने और पहलगाम आतंकी हमले के बाद फैले विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ी।

दिलजीत ने साफ किया कि उनकी फिल्म की शूटिंग फरवरी में हुई थी, जबकि पहलगाम आतंकी हमला अप्रैल में हुआ था और भारत-पाकिस्तान मैच भी उसके बाद खेला गया था। उन्होंने कहा, “जब मेरी फिल्म ‘सरदारजी 3’ की शूटिंग हुई थी, उस समय मैच चल रहे थे। उसके बाद दुखद पहलगाम हमला हुआ, जिसमें कई मासूम लोगों की जान गई। हम तब भी यही दुआ कर रहे थे कि आतंकवादियों को सख्त सजा मिले, और आज भी यही चाहते हैं।”

कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने राष्ट्रीय ध्वज को सलाम करते हुए कहा, “वो मेरे देश का झंडा है, हमेशा सम्मान रखना।” उन्होंने मंच से बोलने की इजाजत लेते हुए कहा, “मेरे पास बहुत से जवाब हैं, लेकिन मैंने चुप्पी साधी। मैंने कुछ नहीं कहा। जो कुछ भी लोगों ने कहा, उसे अंदर नहीं लिया। जिंदगी से यही सीखा है कि ज़हर को अंदर मत लो।”

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भले ही उन्हें ट्रोल किया गया हो और उनके खिलाफ अभियान चलाया गया हो, लेकिन उन्होंने अब तक चुप रहकर संयम बनाए रखा।

गौरतलब है कि फिल्म ‘सरदारजी 3’ में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर की कास्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। फिल्म के भारत में रिलीज न होने के फैसले को भी आलोचना का सामना करना पड़ा। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने दिलजीत पर बैन लगाने की मांग की थी और उनके भारतीय नागरिकता रद्द करने की बात कही थी, हालांकि बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया।

दिलजीत की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन इस बार लोग उनकी स्पष्टता और संयम की सराहना भी कर रहे हैं।

MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई

MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई
MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) की शान और इतिहास का अहम हिस्सा रहे मिग-21 लड़ाकू विमान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आखिरी उड़ान भरते हुए देश के आकाश को अंतिम बार नमन किया। करीब 60 वर्षों तक भारत की वायु सुरक्षा का प्रमुख स्तंभ रहे इस विमान की विदाई को यादगार बनाने के लिए वायुसेना ने एक भव्य समारोह का आयोजन किया।

इस ऐतिहासिक मौके से पहले बुधवार (24 सितंबर) को फुल-ड्रेस रिहर्सल की गई, जिसमें मिग-21 ने जगुआर और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के साथ संयुक्त उड़ान भरी। इसके अलावा, आकाश गंगा स्काईडाइवर्स ने 4,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

1965 और 1971 के युद्ध की वीरगाथा दोहराई गई

मिग-21 की अंतिम उड़ान को खास बनाने के लिए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह स्वयं कॉकपिट में बैठे। उन्होंने पिछले महीने राजस्थान के नल एयरबेस से मिग-21 उड़ाया था। इस ऐतिहासिक विदाई के दौरान स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा अंतिम आधिकारिक उड़ान का नेतृत्व करेंगी।

समारोह में 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों की यादों को फिर से जीवंत किया गया, जहां मिग-21 की वीरता को प्रमुखता से दिखाया गया। भारतीय वायुसेना की 23वीं स्क्वाड्रन, जिसे “पैंथर्स” के नाम से जाना जाता है, विजय फॉर्मेशन में उड़ान भरेगी। इसके बाद मिग-21 और भारत के स्वदेशी तेजस विमान एक साथ “क्लाउड फॉर्मेशन” में उड़ते हुए नई पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में बदलाव का प्रतीक प्रस्तुत करेंगे।

जल तोप की सलामी के साथ विदाई

समारोह का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब छह मिग-21 विमान एक साथ लैंड हुए और मुख्य मंच के सामने अंतिम बार बंद कर दिए गए। इसके बाद उन्हें वायुसेना की परंपरा के अनुसार जल तोप (वॉटर कैनन) की सलामी दी गई। इसके साथ ही, मिग-21 के दोनों सक्रिय स्क्वाड्रन – “कोब्रा” और “पैंथर्स” को औपचारिक रूप से सेवा से हटाया गया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, थल, जल और वायु सेना प्रमुख, CDS जनरल अनिल चौहान, छह पूर्व वायुसेना प्रमुख और सभी वायुसेना कमानों के कमांडर मौजूद रहे।

गौरवशाली रहा मिग-21 का सफर

1950 के दशक में सोवियत संघ द्वारा डिजाइन किया गया मिग-21, 1963 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था। भारत ने कुल 874 मिग-21 विमान खरीदे, जिनमें से अंतिम उन्नत संस्करण “बाइसन” को 2013 में सेवा में शामिल किया गया।

1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों से लेकर करगिल युद्ध तक, मिग-21 ने कई अहम ऑपरेशन में हिस्सा लिया। 1971 में इसने ढाका के गवर्नर हाउस को बमबारी कर तबाह किया, जिससे पाकिस्तान की नेतृत्व शक्ति कमजोर पड़ी और आत्मसमर्पण की राह प्रशस्त हुई।

2019 के बालाकोट हवाई संघर्ष में एक मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराकर दिखा दिया कि यह विमान अब भी प्रभावी है।

दुर्घटनाओं और उम्रदराज तकनीक के कारण सेवानिवृत्ति

मिग-21 की सबसे बड़ी कमजोरी इसका खराब सुरक्षा रिकॉर्ड रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके सेवा में आने के बाद से 400 से अधिक मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। इनमें से कई हादसों का कारण पुरानी तकनीक, इंजन फेल होना और मेंटेनेंस की दिक्कतें रहीं।

विभिन्न अपग्रेड और सेवा विस्तार के बावजूद, मिग-21 को “फ्लाइंग कॉफिन” और “विडो मेकर” जैसे उपनाम मिले, जो इसके खतरनाक और असुरक्षित होने को दर्शाते हैं।

अब भारत की वायु शक्ति तेजस और राफेल जैसे अत्याधुनिक विमानों के साथ आगे बढ़ेगी, लेकिन मिग-21 का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में हमेशा गौरव, पराक्रम और बलिदान के प्रतीक के रूप में दर्ज रहेगा।

Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप

Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप
Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप

नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर किया है। मामला हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई वेब सीरीज़ “The Ba*ds of Bollywood” से जुड़ा है, जिसमें वानखेड़े का दावा है कि उनकी छवि को गलत ढंग से पेश किया गया है।

वानखेड़े का कहना है कि इस वेब सीरीज़ में उनके खिलाफ गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई है, जिससे न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की साख को भी नुकसान हुआ है।

उन्होंने याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि सीरीज़ का एक दृश्य जिसमें “सत्यमेव जयते” के नारे के बाद अभद्र इशारा किया गया है, वह राष्ट्रगौरव अपमान अधिनियम 1971 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन है।

समीर वानखेड़े ने इस मामले में ₹2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है, जिसे वह टाटा मेमोरियल अस्पताल को दान देने का इरादा रखते हैं। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस सीरीज़ को तुरंत स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और इसके प्रसारण पर रोक लगाई जाए।

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आर्यन खान को 2021 में ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी, लेकिन वानखेड़े के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिनकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

अब वानखेड़े का दावा है कि यह वेब सीरीज़ उन्हें बदनाम करने और निजी प्रतिशोध निकालने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया है कि वह इस मानहानिकारक कंटेंट पर कड़ा संज्ञान ले और उचित कार्रवाई करे। दिल्ली उच्च न्यायालय इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकता है।

Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं

Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं
Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं

नई दिल्ली: करवा चौथ भारतीय विवाहित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। अविवाहित महिलाएं भी इस व्रत को आदर्श जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए करती हैं।

करवा चौथ 2025 की तारीख और समय

करवा चौथ 2025 में शुक्रवार, 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
व्रत का समय सुबह 6:19 बजे से रात 8:13 बजे तक रहेगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक होगा।
चंद्रोदय रात 8:13 बजे होगा।

करवा चौथ व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक धनी व्यापारी की सात संतानें थीं और एक बेटी थी जिसका नाम करवा था। करवा चौथ के दिन जब वह व्रत कर रही थी, उसके भाइयों को उसकी भूख और प्यास देखी नहीं गई। सबसे छोटे भाई ने पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलाकर चंद्रमा का आभास कराया। करवा ने चंद्रमा मानकर व्रत तोड़ दिया। लेकिन तुरंत उसके पति की मृत्यु का समाचार आया।

वह बेहद दुखी हुई और अगले वर्ष सच्चे मन से कठिन व्रत किया। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवताओं ने उसके पति को जीवनदान दिया। तब से यह कथा करवा चौथ पर सुनाई जाती है, जो श्रद्धा, धैर्य और समर्पण का प्रतीक है।

करवा चौथ के रीति-रिवाज और महत्व

महिलाएं दिन की शुरुआत सर्गी से करती हैं, जो उन्हें सास की ओर से सूर्योदय से पहले दी जाती है।
इसके बाद वे निर्जला व्रत का पालन करती हैं।
शाम को महिलाएं एकत्र होकर करवा चौथ की पूजा करती हैं, व्रत कथा सुनती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
चांद निकलने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्र दर्शन करती हैं, अर्घ्य अर्पित करती हैं और फिर पति के दर्शन कर व्रत खोलती हैं।

यह व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र.1: करवा चौथ 2025 में कब है?
उ.1: करवा चौथ 2025 में 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

प्र.2: पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उ.2: शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक।

प्र.3: चांद कब निकलेगा?
उ.3: चांद रात 8:13 बजे निकलेगा।

प्र.4: महिलाएं क्या पहनती हैं?
उ.4: महिलाएं आमतौर पर लाल, गुलाबी, मैरून या सुनहरे रंग की साड़ी और पारंपरिक आभूषण पहनती हैं।

प्र.5: करवा चौथ का महत्व क्या है?
उ.5: यह व्रत पति की लंबी उम्र, प्रेम और दांपत्य सुख की कामना के लिए किया जाता है।

करवा चौथ 2025 में भी महिलाएं पूरे श्रद्धा और आस्था से यह पर्व मनाएंगी। सर्गी से लेकर चंद्रदर्शन तक, यह दिन हर विवाहित महिला के लिए विशेष होता है, जो पारंपरिक मूल्यों, प्रेम और साथ के बंधन को और गहरा करता है।

नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण

नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण
नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण

नई दिल्ली: नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव का समय नहीं है, बल्कि यह आत्मअनुशासन और आहार संतुलन का भी प्रतीक है। भारत में लाखों श्रद्धालु इस दौरान उपवास रखते हैं और सात्विक आहार का पालन करते हैं, जिससे शरीर की शुद्धि और मन की शांति का अनुभव होता है। इसी सात्विक आहार प्रणाली के अंतर्गत प्याज और लहसुन को खाने से परहेज किया जाता है।

प्याज और लहसुन से परहेज का कारण

नवरात्रि के दौरान प्याज और लहसुन को आहार से दूर रखने का कारण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य संबंधी भी है। आयुर्वेद के अनुसार, भोजन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: सात्विक, राजसिक और तामसिक। सात्विक आहार शुद्ध, संतुलित और मन को स्थिर करने वाला होता है। प्याज और लहसुन को राजसिक और तामसिक माना गया है, जो व्यक्ति में क्रोध, उत्तेजना और जड़ता बढ़ाते हैं।

ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर प्रभाव

ऐसा माना जाता है कि प्याज और लहसुन शरीर में आंतरिक गर्मी उत्पन्न करते हैं और मन की शांति में बाधा डालते हैं। नवरात्रि आत्मनियंत्रण, ध्यान और साधना का समय होता है, ऐसे में ऐसे खाद्य पदार्थ जो चंचलता या बेचैनी बढ़ा सकते हैं, उनसे दूरी बनाई जाती है। इसके विपरीत, फल, दूध, मेवे और हल्के अनाज जैसे सात्विक भोजन एकाग्रता बढ़ाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं।

आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य दृष्टिकोण से

स्वास्थ्य की दृष्टि से, प्याज और लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर ये पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। उपवास के दौरान जब व्यक्ति हल्के और सीमित आहार पर होता है, तो इनका त्याग करना पाचन को संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है। इससे पेट की तकलीफें जैसे गैस, सूजन आदि से बचा जा सकता है।

आध्यात्मिक परंपरा और शुद्धता का प्रतीक

नवरात्रि में प्याज और लहसुन का सेवन न करने की परंपरा सिर्फ आहार की बात नहीं है, यह आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति भाव से भी जुड़ी हुई है। सात्विक भोजन से शरीर हल्का, मन शांत और आत्मा एकाग्र होती है, जिससे श्रद्धालु नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ साधना कर सकें।

नवरात्रि के इन नौ पावन दिनों में सात्विक जीवनशैली को अपनाकर श्रद्धालु न केवल आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव करते हैं, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वयं को स्वस्थ बनाए रखने का प्रयास करते हैं।

When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी

When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी
When is Dussehra 2025? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और देशभर में कैसे मनाई जाती है विजयादशमी

नई दिल्ली: दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। वहीं, कुछ स्थानों पर इसे देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में भी मनाया जाता है। यह पर्व शारदीय नवरात्रि के समापन का संकेत भी है।

दशहरा 2025 की तारीख और पूजा का समय

वर्ष 2025 में दशहरा 2 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।
विजया मुहूर्त दोपहर 2:09 बजे से 2:56 बजे तक रहेगा।
अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:21 बजे से 3:44 बजे तक रहेगा।
दशमी तिथि 1 अक्टूबर को शाम 7:01 बजे प्रारंभ होगी और 2 अक्टूबर को शाम 7:10 बजे समाप्त होगी।
श्रवण नक्षत्र 2 अक्टूबर को सुबह 9:13 बजे शुरू होकर 3 अक्टूबर को सुबह 9:34 बजे तक रहेगा।

देश के विभिन्न हिस्सों में कैसे मनाते हैं दशहरा

देशभर में दशहरे का उत्सव विभिन्न परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उत्तर भारत में रामलीला का आयोजन किया जाता है और रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है।

बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में इस दिन देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है, जिसे ‘दुर्गा विसर्जन’ कहा जाता है।

दक्षिण भारत में इस दिन शस्त्र, औजार और पुस्तकों की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर लोग अपने वाहन और कामकाजी उपकरणों की भी पूजा करते हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात में शमी वृक्ष और देवी अपराजिता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से विजय और समृद्धि प्राप्त होती है।

दशहरा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और धर्म की गहराई से जुड़ा एक अहम दिन है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है।

How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर

How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर
How to Download Aadhaar Card: अब Whatsapp पर सीधे डाउनलोड करें आधार कार्ड, सरकार ने लॉन्च किया नया फीचर

भारतीय नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में से एक आधार कार्ड अब पहले से कहीं अधिक आसान तरीके से प्राप्त किया जा सकता है। भारत सरकार ने एक नई सुविधा शुरू की है, जिसके तहत नागरिक आधिकारिक MyGov हेल्पडेस्क चैटबॉट के माध्यम से व्हाट्सएप पर सीधे अपना आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह कदम प्रक्रिया को सरल बनाने और लाखों व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

UIDAI से व्हाट्सएप तक नई सुविधा

पहले नागरिक अपना आधार कार्ड केवल UIDAI पोर्टल या DigiLocker ऐप के जरिए प्राप्त कर सकते थे। अब इस नए इंटीग्रेशन के साथ, उपयोगकर्ता बिना कई ऐप्स के बीच स्विच किए, अपने आधार कार्ड और DigiLocker से जुड़े अन्य दस्तावेज भी सुरक्षित रूप से डाउनलोड कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दैनिक संचार के लिए व्हाट्सएप पर निर्भर हैं।

इस सेवा का उपयोग करने के लिए आवश्यक बातें

  • आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
  • आपके पास एक सक्रिय DigiLocker खाता होना आवश्यक है।
  • MyGov हेल्पडेस्क का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर +91-9013151515 अपने कॉन्टैक्ट्स में सेव करना होगा।

व्हाट्सएप पर आधार डाउनलोड करने की प्रक्रिया

  1. MyGov हेल्पडेस्क नंबर (+91-9013151515) अपने कॉन्टैक्ट्स में सेव करें।
  2. व्हाट्सएप खोलकर “Hi” या “नमस्ते” जैसे अभिवादन संदेश भेजें।
  3. चैटबॉट मेनू में से DigiLocker सेवाएं चुनें।
  4. अपने DigiLocker खाते की पुष्टि करें और 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
  5. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा, उसे सत्यापित करें।
  6. प्रमाणीकरण के बाद चैटबॉट आपके लिए उपलब्ध दस्तावेजों की सूची दिखाएगा।
  7. आधार चुनें, और आपको आपका आधार कार्ड PDF फॉर्मेट में व्हाट्सएप पर प्राप्त हो जाएगा।

ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • एक समय में केवल एक दस्तावेज डाउनलोड किया जा सकता है।
  • आधार कार्ड DigiLocker से लिंक होना आवश्यक है। यदि लिंक नहीं है, तो उपयोगकर्ता DigiLocker ऐप या वेबसाइट के जरिए इसे अपडेट कर सकते हैं।
  • यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित है और उपयोगकर्ता की निजता की रक्षा के लिए डिज़ाइन की गई है।

डिजिटल भारत की ओर एक और कदम

यह नई सुविधा नागरिकों को उनके आधार कार्ड तक तेजी से और आसान पहुंच प्रदान करती है। भारत में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से यह सेवा आधिकारिक दस्तावेज़ों को हमेशा उपलब्ध रखती है, जिससे आधार कार्ड की पहुंच और उपयोगकर्ता अनुभव दोनों सहज और सुविधाजनक बन जाता है।

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता
71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 5 साल की Trisha Thosar बनी सबसे छोटी विजेता

नई दिल्ली में 23 सितंबर को आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की बेहतरीन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक सहित कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए।

इस समारोह में मलयालम के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि शाहरुख खान को उनकी फिल्म ‘जवान’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। शाहरुख खान ने यह पुरस्कार विक्रांत मैसी के साथ साझा किया, जिन्हें फिल्म ‘12वीं फेल’ के लिए यह सम्मान दिया गया।

लेकिन इस कार्यक्रम की सबसे खास और ध्यान खींचने वाली शख्सियत मात्र 5 साल की त्रिशा विवेक थोसार रहीं, जिन्होंने अपनी मासूमियत और सहजता से सभी का दिल जीत लिया। त्रिशा ने मराठी फिल्म ‘नाल 2’ के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार प्राप्त किया, जिसे उन्होंने मात्र तीन साल की उम्र में शूट किया था।

सरल और खूबसूरत बेज रंग की साड़ी में सजी त्रिशा की मुस्कान और उनकी सहजता ने विज्ञान भवन में सबसे ज़्यादा तालियां बटोरीं। पुरस्कार ग्रहण करते समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

त्रिशा ने ANI से बातचीत में अपनी खुशी और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यह सम्मान पाकर बेहद खुशी हुई है।

अन्य बाल कलाकारों को भी मिला सम्मान

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में कुल पांच बाल कलाकारों को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार दिया गया। त्रिशा थोसार के अलावा यह पुरस्कार श्रीनिवास पोकले, भार्गव जगताप, कबीर खंडारे और सुकृति वेणी बंदरेड्डी को भी प्रदान किया गया। लेकिन त्रिशा की मासूमियत और प्यारी मुस्कान ने उन्हें शाम की सबसे बड़ी स्टार बना दिया।

त्रिशा थोसार की फिल्मी यात्रा

अभी अपनी कम उम्र के बावजूद त्रिशा ने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने महेश मांजरेकर और सिद्धार्थ जाधव के साथ काम किया है और मांजरेकर की निर्देशित फिल्म ‘पुन्हा शिवाजी राजा भोसले’ में भी प्रमुख भूमिका निभाई है।

उनका सबसे बड़ा ब्रेकआउट मराठी फिल्म ‘नाल’ के सीक्वल ‘नाल 2’ से आया, जिसने समीक्षकों और दर्शकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया।

त्रिशा थोसार की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि भारतीय सिनेमा में युवा प्रतिभाओं के उज्जवल भविष्य का प्रतीक भी है।