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Cipla Share Price: Cipla के शेयरों में 1.37% की गिरावट, भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच कंपनी मजबूत

Cipla Share Price: Cipla के शेयरों में 1.37% की गिरावट, भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच कंपनी मजबूत
Cipla Share Price: Cipla के शेयरों में 1.37% की गिरावट, भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच कंपनी मजबूत

मुंबई: शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को फार्मास्युटिकल कंपनी सिप्ला (Cipla) लिमिटेड के शेयरों में 1.37% की गिरावट दर्ज की गई। एनएसई पर सिप्ला (Cipla) का शेयर 1,489.00 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद के मुकाबले कमजोर था। ट्रेडिंग के दौरान भारी वॉल्यूम देखने को मिला, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक इस स्टॉक में सक्रिय हैं।

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

हालांकि शेयर में गिरावट देखी गई, लेकिन कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। राजस्व, मुनाफा और अन्य वित्तीय मानकों में पिछले कुछ वर्षों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

त्रैमासिक समेकित प्रदर्शन (₹ करोड़ में)

अवधिराजस्वशुद्ध मुनाफाEPS
जून 20246,693.941,176.2914.58
सितम्बर 20247,051.021,306.0216.13
दिसम्बर 20247,072.971,583.7219.61
मार्च 20256,729.691,225.0215.13
जून 20256,957.471,292.0516.07

वार्षिक समेकित प्रदर्शन (₹ करोड़ में)

वर्षराजस्वशुद्ध मुनाफाEPSROE (%)Debt/Equity
202119,159.592,401.3029.8213.120.08
202221,763.342,559.4731.2012.070.04
202322,753.122,835.4934.7211.960.02
202425,774.094,155.3151.0515.430.01
202527,547.625,291.0565.2916.900.00

कंपनी की आय में लगातार वृद्धि हुई है। 2021 में ₹19,159 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹27,547 करोड़ हो गई। वहीं, शुद्ध लाभ ₹2,401 करोड़ से बढ़कर ₹5,291 करोड़ पहुंच गया।

कैश फ्लो (Cash Flow) और बैलेंस शीट (Balance Sheet)

2025 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹5,004 करोड़ रहा, जबकि नेट कैश फ्लो ₹30 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, डेट-टू-इक्विटी अनुपात शून्य (0.00) तक आ गया है, जो वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

प्रमुख कॉर्पोरेट घोषणाएं

  • डिविडेंड:
    • फाइनल डिविडेंड: ₹13 प्रति शेयर (13 मई 2025)
    • स्पेशल डिविडेंड: ₹3 प्रति शेयर (14 मई 2025)
    • प्रभावी तिथि: 27 जून 2025
  • ESOP/ESPS:
    • 12 सितंबर 2025 को कंपनी ने 11,621 शेयर अलॉट किए।
  • अगली बोर्ड मीटिंग:
    • 30 अक्टूबर 2025 को सितंबर तिमाही के परिणामों पर विचार होगा।

अतीत के कॉर्पोरेट एक्शन

  • बोनस इशू:
    • आखिरी बार 2006 में 3:2 के अनुपात में
  • राइट्स इशू:
    • 1995 में 4:50 अनुपात में
  • स्टॉक स्प्लिट:
    • 2004 में ₹10 से ₹2 फेस वैल्यू में परिवर्तन

सिप्ला (Cipla) के शेयर में आई गिरावट तकनीकी कारणों या मुनाफावसूली के चलते हो सकती है। लेकिन कंपनी की वित्तीय स्थिति, लाभप्रदता और बैलेंस शीट इसे एक मजबूत फार्मास्युटिकल स्टॉक बनाते हैं। निवेशकों को इसके दीर्घकालिक प्रदर्शन और आगामी कॉर्पोरेट घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

Bihar Breaking News: Tej Pratap yadav ने बनाई नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’, महुआ से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

Bihar Breaking News: Tej Pratap yadav ने बनाई नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल', महुआ से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
Bihar Breaking News: Tej Pratap yadav ने बनाई नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल', महुआ से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

पटना: बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल के बैनर तले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। तेज प्रताप ने पार्टी का पोस्टर अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बिहार में समग्र विकास और पूरी व्यवस्था में बदलाव करना है।

तेज प्रताप ने लिखा, “हम बिहार के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से समर्पित और तैयार हैं। हम एक नई व्यवस्था बनाकर बिहार में पूर्ण बदलाव लाना चाहते हैं। इसके लिए हम लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।”

तेज प्रताप यादव की पार्टी का चुनाव चिह्न ब्लैकबोर्ड रखा गया है। पार्टी के पोस्टर में उन्होंने देश के पांच महान नेताओं को स्थान दिया है। महात्मा गांधी, बीआर अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर। खास बात यह है कि पोस्टर में उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को शामिल नहीं किया है।

पोस्टर पर पार्टी का संदेश भी दर्ज है:
“जनशक्ति जनता दल – सामाजिक न्याय, सामाजिक अधिकार, पूर्ण बदलाव। जनता की शक्ति, जनता का राज – तेज प्रताप करवाएंगे बिहार का विकास।”
साथ ही, पार्टी से जुड़ने के इच्छुक लोगों के लिए एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।

महुआ से लड़ेंगे चुनाव

तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। 2015 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की थी। तेज प्रताप ने कहा कि महुआ उनकी “कर्मभूमि” है और अगर कोई और यहां से चुनाव लड़ने की कोशिश करेगा तो जनता उसे हरा देगी।

परिवार और राजद से अलगाव का कारण

तेज प्रताप यादव ने राजद से अलग पार्टी बनाने का निर्णय तब लिया जब मई 2025 में उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार दोनों से निष्कासित कर दिया। इसके कुछ समय पहले तेज प्रताप के फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट सामने आई थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे पिछले 12 वर्षों से एक लड़की (अनुष्का) के साथ रिश्ते में हैं। इस पोस्ट के बाद लालू परिवार में विवाद गहराता चला गया, जिसके चलते तेज प्रताप को अलग होना पड़ा।

अब तेज प्रताप बिहार की राजनीति में नई पार्टीऔर नई पहचान के साथ अपनी अलग राह पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

Assam BTC Election 2025: बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के पांचवें आम चुनाव की मतगणना शुरू, BJP और UPPL में कड़ी टक्कर

Assam BTC Election 2025: बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के पांचवें आम चुनाव की मतगणना शुरू, BJP और UPPL में कड़ी टक्कर
Assam BTC Election 2025: बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के पांचवें आम चुनाव की मतगणना शुरू, BJP और UPPL में कड़ी टक्कर

गुवाहाटी: बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के पांचवें आम चुनाव की मतगणना शुक्रवार, 26 सितंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है। BTC के अंतर्गत कुल 40 सीटें हैं, जिनमें से कोकराझार जिले में 12 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन 12 सीटों पर 100 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिनमें से 43 उम्मीदवार कोकराझार सब-डिवीजन से, 48 गोसाईगांव से और एक परबतझोरा से चुनाव मैदान में थे।

इस बार बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) के पांच जिलों – कोकराझार, चिरांग, उदलगुरी, बकसा और तमुलपुर में कुल 316 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। मतदान 22 सितंबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

BTC के वर्तमान प्रमुख और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के अध्यक्ष प्रमोद बोरों की पार्टी को इस बार बीजेपी से कड़ी टक्कर मिल रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनाव प्रचार के दौरान कई जनसभाएं की थीं और बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी करते हुए वादा किया था कि BTR क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं को राज्य की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिनमें ‘अरुणोदय योजना’, ‘महिला उद्यमिता योजना’ और ‘निजुत मोइना योजना’ शामिल हैं। साथ ही, भूमि अधिकार और संवैधानिक सुरक्षा का वादा भी किया गया था।

मतगणना के शुरुआती रुझानों में बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) ने बड़ी बढ़त बना ली है। अब तक BPF 23 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि UPPL 5, बीजेपी 3 और कांग्रेस को अब तक कोई बढ़त नहीं मिली है।

BPF नेता हग्रामा मोहिलारी इस बार दो सीटों – देबरगांव और चिरांग द्वार – से चुनाव लड़ रहे हैं। UPPL के प्रमोद बोरों (गोइबारी), गोविंदा बसुमतारी (भैरबकुंडा), प्रोसेन ब्रह्मा (परबतझोरा), खाम्पा बोरगोयरी (देबरगांव) जैसे उम्मीदवार प्रमुख रूप से मैदान में हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से कबिता बसुमतारी (सालाइकाटी), बानेंद्र मुशाहरी (परबतझोरा), संजीत टांटी (नोनवी सेरफांग) और कई अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

असम गण परिषद (AGP) और बीजेपी ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा है, जिसमें AGP को दो सीटें – बाओखुंगरी और श्रीरामपुर – दी गई हैं। पिछले चुनावों में बीजेपी और UPPL ने मिलकर BTC में सरकार बनाई थी, जबकि BPF और कांग्रेस विपक्ष में रहे थे।

इस बार कुल मतदाता संख्या 26.58 लाख है, जिसमें 13.23 लाख पुरुष, 13.34 लाख महिलाएं और 17 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। 40 में से 30 सीटें अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षित हैं, 5 सीटें गैर-ST के लिए और शेष 5 सीटें सामान्य हैं।

असम राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पूरे क्षेत्र में 3,279 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। कोकराझार के जिला आयुक्त मसांडा पर्टिन ने जानकारी दी है कि मतगणना शांतिपूर्वक और सुव्यवस्थित तरीके से जारी है।

IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड

IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड
IB SA admit card 2025: आईबी एसए एडमिट कार्ड 2025 mha.gov.in पर जारी, जानें कैसे होगी डाउनलोड

नई दिल्ली: इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा सुरक्षा सहायक/एग्जीक्यूटिव परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा।

IB SA परीक्षा 29 और 30 सितंबर 2025 को आयोजित की जाएगी।

ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाएं
  2. IB SA हॉल टिकट लिंक पर क्लिक करें
  3. लॉगिन क्रेडेंशियल्स (यूज़र आईडी और पासवर्ड) दर्ज करें
  4. स्क्रीन पर IB SA एडमिट कार्ड PDF दिखाई देगा
  5. एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट लें

एडमिट कार्ड में ये जानकारियाँ होंगी:

उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट की टाइमिंग, परीक्षा केंद्र का पता और अन्य विवरण

IB SA परीक्षा केंद्र के दिशा-निर्देश:

परीक्षा चार शिफ्टों में आयोजित होगी:

  • शिफ्ट 1: सुबह 8:30 से 9:30 (रिपोर्टिंग समय: 7:00 बजे)
  • शिफ्ट 2: 11:30 से 12:30 (रिपोर्टिंग समय: 10:00 बजे)
  • शिफ्ट 3: दोपहर 2:30 से 3:30 (रिपोर्टिंग समय: 1:00 बजे)
  • शिफ्ट 4: शाम 5:30 से 6:30 (रिपोर्टिंग समय: 4:00 बजे)

परीक्षा में ले जाना अनिवार्य:

उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना अनिवार्य है। इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही एक वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि भी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ज्योमेट्री बॉक्स, पेंसिल बॉक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने की अनुमति नहीं है।

IB SA परीक्षा 2025 से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट mha.gov.in पर जाएं।

Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में

Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में
Trump की Tariff से भारत को लगा बड़ा झटका, Sun Pharma सहित कई बड़ी कंपनियां चपेट में

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह नीति फिलहाल जेनेरिक दवाओं को छूट देती है, जिससे भारतीय फार्मा उद्योग को अस्थायी राहत मिली है। लेकिन Sun Pharmaceutical Industries Ltd., जो अमेरिका में भारतीय दवाओं की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ता है, इस नई नीति से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली कंपनियों में गिनी जा रही है।

क्यों Sun Pharma सबसे अधिक जोखिम में है?

1. ब्रांडेड दवाओं की भारी निर्भरता

Sun Pharma का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका में ब्रांडेड और स्पेशलिटी दवाओं से आता है विशेषकर उसकी अमेरिकी इकाई Taro Pharmaceuticals और DUSA Pharmaceuticals से। इन दोनों की दवाएं उच्च-मूल्य श्रेणी में आती हैं, जिन पर ट्रंप की नई नीति सीधा असर डाल सकती है।

2. अमेरिकी राजस्व पर अत्यधिक निर्भरता

Sun Pharma की कुल वैश्विक बिक्री में से लगभग 30-35% राजस्व अमेरिका से आता है, और उसमें से बड़ा हिस्सा ब्रांडेड दवाओं का है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप प्रशासन भविष्य में जेनेरिक पर भी शुल्क लागू करता है या ब्रांडेड छूट और कम कर देता है, तो Sun के मुनाफे पर सीधा प्रहार होगा।

3. स्टॉक में गिरावट

नीति की घोषणा के बाद Sun Pharma का शेयर बीएसई में 4.7% तक गिरा, जो फार्मा सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट थी। निवेशकों में डर है कि कंपनी की उच्च मार्जिन वाली अमेरिकी बिक्री पर चोट लगेगी।
साथ ही, ब्रोकरेज हाउसों ने कंपनी के FY26 के प्रॉफिट ग्रोथ अनुमान में कटौती की है।

अन्य भारतीय कंपनियों की तुलना में स्थिति

  • Cipla और Dr. Reddy’s जैसी कंपनियाँ अधिकतर जेनेरिक दवाओं पर केंद्रित हैं और उनकी ब्रांडेड निर्भरता कम है।
  • Sun Pharma, इसके विपरीत, ब्रांडेड और स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की तरफ काफी बढ़ चुकी है, जिससे टैरिफ के झटके का सीधा असर पड़ रहा है।

Sun Pharma की रणनीतिक प्रतिक्रिया

कंपनी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार:

  • Sun Pharma अपने अमेरिकी उत्पादन यूनिट्स को मजबूत करने की योजना बना सकती है, जिससे “substantial transformation” नियमों के तहत अमेरिकी टैक्स बचाए जा सकें।
  • कंपनी उभरते बाजारों जैसे यूरोप, एशिया और LATAM (लैटिन अमेरिका) की ओर निर्यात बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि अमेरिकी निर्भरता को संतुलित किया जा सके।
  • R&D और low-risk 505(b)(2) प्रकार की दवाओं पर ध्यान देकर कंपनी ऐसे उत्पाद बनाएगी जिन पर कम प्रतिस्पर्धा हो और जो शुल्क के बावजूद टिकाऊ रह सकें।

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

ICICI Securities के अनुसार:

“Sun Pharma की ब्रांडेड पोर्टफोलियो और अमेरिकी बाजार पर निर्भरता उसे इस टैरिफ नीति का सबसे बड़ा शिकार बना सकती है।”

Motilal Oswal Financial Services ने कहा:

“अगर ट्रंप की नीति और सख्त होती है या जेनेरिक दवाओं को भी इसमें जोड़ा जाता है, तो Sun Pharma का EBITDA मार्जिन 200–300 बेसिस प्वाइंट तक गिर सकता है।”

ट्रंप की यह नई टैरिफ नीति भारतीय फार्मा उद्योग के लिए एक चेतावनी है लेकिन Sun Pharma के लिए यह एक सीधा जोखिम है। ब्रांडेड दवाओं की लीडर होने के नाते Sun को अपनी रणनीति में तेज़ बदलाव लाना होगा, नहीं तो अमेरिकी बाजार में उसका वर्चस्व कमजोर हो सकता है। कंपनी के आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह वैश्विक स्तर पर कितनी तेजी से विविधीकरण और उत्पादन रणनीति अपनाती है।

Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया

Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया
Diljit Dosanjh ने अपनी फिल्म पर तोड़ी चुप्पी, भारत सरकार और Indian Cricket Team को कॉन्सर्ट में धोया

कुलालंपुर में एक कॉन्सर्ट के दौरान पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने ऊपर उठे विवादों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘सरदारजी 3’ फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर के साथ काम करने और पहलगाम आतंकी हमले के बाद फैले विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ी।

दिलजीत ने साफ किया कि उनकी फिल्म की शूटिंग फरवरी में हुई थी, जबकि पहलगाम आतंकी हमला अप्रैल में हुआ था और भारत-पाकिस्तान मैच भी उसके बाद खेला गया था। उन्होंने कहा, “जब मेरी फिल्म ‘सरदारजी 3’ की शूटिंग हुई थी, उस समय मैच चल रहे थे। उसके बाद दुखद पहलगाम हमला हुआ, जिसमें कई मासूम लोगों की जान गई। हम तब भी यही दुआ कर रहे थे कि आतंकवादियों को सख्त सजा मिले, और आज भी यही चाहते हैं।”

कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत ने राष्ट्रीय ध्वज को सलाम करते हुए कहा, “वो मेरे देश का झंडा है, हमेशा सम्मान रखना।” उन्होंने मंच से बोलने की इजाजत लेते हुए कहा, “मेरे पास बहुत से जवाब हैं, लेकिन मैंने चुप्पी साधी। मैंने कुछ नहीं कहा। जो कुछ भी लोगों ने कहा, उसे अंदर नहीं लिया। जिंदगी से यही सीखा है कि ज़हर को अंदर मत लो।”

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भले ही उन्हें ट्रोल किया गया हो और उनके खिलाफ अभियान चलाया गया हो, लेकिन उन्होंने अब तक चुप रहकर संयम बनाए रखा।

गौरतलब है कि फिल्म ‘सरदारजी 3’ में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर की कास्टिंग को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। फिल्म के भारत में रिलीज न होने के फैसले को भी आलोचना का सामना करना पड़ा। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने दिलजीत पर बैन लगाने की मांग की थी और उनके भारतीय नागरिकता रद्द करने की बात कही थी, हालांकि बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया।

दिलजीत की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन इस बार लोग उनकी स्पष्टता और संयम की सराहना भी कर रहे हैं।

MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई

MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई
MIG-21 ने कहा आसमान को अलविदा, छह दशक बाद भारतीय वायुसेना से विदाई

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) की शान और इतिहास का अहम हिस्सा रहे मिग-21 लड़ाकू विमान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आखिरी उड़ान भरते हुए देश के आकाश को अंतिम बार नमन किया। करीब 60 वर्षों तक भारत की वायु सुरक्षा का प्रमुख स्तंभ रहे इस विमान की विदाई को यादगार बनाने के लिए वायुसेना ने एक भव्य समारोह का आयोजन किया।

इस ऐतिहासिक मौके से पहले बुधवार (24 सितंबर) को फुल-ड्रेस रिहर्सल की गई, जिसमें मिग-21 ने जगुआर और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के साथ संयुक्त उड़ान भरी। इसके अलावा, आकाश गंगा स्काईडाइवर्स ने 4,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

1965 और 1971 के युद्ध की वीरगाथा दोहराई गई

मिग-21 की अंतिम उड़ान को खास बनाने के लिए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह स्वयं कॉकपिट में बैठे। उन्होंने पिछले महीने राजस्थान के नल एयरबेस से मिग-21 उड़ाया था। इस ऐतिहासिक विदाई के दौरान स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा अंतिम आधिकारिक उड़ान का नेतृत्व करेंगी।

समारोह में 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों की यादों को फिर से जीवंत किया गया, जहां मिग-21 की वीरता को प्रमुखता से दिखाया गया। भारतीय वायुसेना की 23वीं स्क्वाड्रन, जिसे “पैंथर्स” के नाम से जाना जाता है, विजय फॉर्मेशन में उड़ान भरेगी। इसके बाद मिग-21 और भारत के स्वदेशी तेजस विमान एक साथ “क्लाउड फॉर्मेशन” में उड़ते हुए नई पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में बदलाव का प्रतीक प्रस्तुत करेंगे।

जल तोप की सलामी के साथ विदाई

समारोह का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब छह मिग-21 विमान एक साथ लैंड हुए और मुख्य मंच के सामने अंतिम बार बंद कर दिए गए। इसके बाद उन्हें वायुसेना की परंपरा के अनुसार जल तोप (वॉटर कैनन) की सलामी दी गई। इसके साथ ही, मिग-21 के दोनों सक्रिय स्क्वाड्रन – “कोब्रा” और “पैंथर्स” को औपचारिक रूप से सेवा से हटाया गया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, थल, जल और वायु सेना प्रमुख, CDS जनरल अनिल चौहान, छह पूर्व वायुसेना प्रमुख और सभी वायुसेना कमानों के कमांडर मौजूद रहे।

गौरवशाली रहा मिग-21 का सफर

1950 के दशक में सोवियत संघ द्वारा डिजाइन किया गया मिग-21, 1963 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था। भारत ने कुल 874 मिग-21 विमान खरीदे, जिनमें से अंतिम उन्नत संस्करण “बाइसन” को 2013 में सेवा में शामिल किया गया।

1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों से लेकर करगिल युद्ध तक, मिग-21 ने कई अहम ऑपरेशन में हिस्सा लिया। 1971 में इसने ढाका के गवर्नर हाउस को बमबारी कर तबाह किया, जिससे पाकिस्तान की नेतृत्व शक्ति कमजोर पड़ी और आत्मसमर्पण की राह प्रशस्त हुई।

2019 के बालाकोट हवाई संघर्ष में एक मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराकर दिखा दिया कि यह विमान अब भी प्रभावी है।

दुर्घटनाओं और उम्रदराज तकनीक के कारण सेवानिवृत्ति

मिग-21 की सबसे बड़ी कमजोरी इसका खराब सुरक्षा रिकॉर्ड रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके सेवा में आने के बाद से 400 से अधिक मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। इनमें से कई हादसों का कारण पुरानी तकनीक, इंजन फेल होना और मेंटेनेंस की दिक्कतें रहीं।

विभिन्न अपग्रेड और सेवा विस्तार के बावजूद, मिग-21 को “फ्लाइंग कॉफिन” और “विडो मेकर” जैसे उपनाम मिले, जो इसके खतरनाक और असुरक्षित होने को दर्शाते हैं।

अब भारत की वायु शक्ति तेजस और राफेल जैसे अत्याधुनिक विमानों के साथ आगे बढ़ेगी, लेकिन मिग-21 का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में हमेशा गौरव, पराक्रम और बलिदान के प्रतीक के रूप में दर्ज रहेगा।

Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप

Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप
Sameer Wankhede ने Aryan Khan के खिलाफ दर्ज कराया मानहानि का केस, The Ba*ds of Bollywood पर लगाया छवि बिगाड़ने का आरोप

नई दिल्ली: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि (Defamation) का मुकदमा दायर किया है। मामला हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई वेब सीरीज़ “The Ba*ds of Bollywood” से जुड़ा है, जिसमें वानखेड़े का दावा है कि उनकी छवि को गलत ढंग से पेश किया गया है।

वानखेड़े का कहना है कि इस वेब सीरीज़ में उनके खिलाफ गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई है, जिससे न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की साख को भी नुकसान हुआ है।

उन्होंने याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि सीरीज़ का एक दृश्य जिसमें “सत्यमेव जयते” के नारे के बाद अभद्र इशारा किया गया है, वह राष्ट्रगौरव अपमान अधिनियम 1971 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन है।

समीर वानखेड़े ने इस मामले में ₹2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है, जिसे वह टाटा मेमोरियल अस्पताल को दान देने का इरादा रखते हैं। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस सीरीज़ को तुरंत स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और इसके प्रसारण पर रोक लगाई जाए।

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आर्यन खान को 2021 में ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी, लेकिन वानखेड़े के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिनकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

अब वानखेड़े का दावा है कि यह वेब सीरीज़ उन्हें बदनाम करने और निजी प्रतिशोध निकालने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया है कि वह इस मानहानिकारक कंटेंट पर कड़ा संज्ञान ले और उचित कार्रवाई करे। दिल्ली उच्च न्यायालय इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकता है।

Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं

Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं
Karva Chauth 2025: जानें व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त, कथा और परंपराएं

नई दिल्ली: करवा चौथ भारतीय विवाहित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण व्रत है, जो पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। अविवाहित महिलाएं भी इस व्रत को आदर्श जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए करती हैं।

करवा चौथ 2025 की तारीख और समय

करवा चौथ 2025 में शुक्रवार, 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
व्रत का समय सुबह 6:19 बजे से रात 8:13 बजे तक रहेगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक होगा।
चंद्रोदय रात 8:13 बजे होगा।

करवा चौथ व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक धनी व्यापारी की सात संतानें थीं और एक बेटी थी जिसका नाम करवा था। करवा चौथ के दिन जब वह व्रत कर रही थी, उसके भाइयों को उसकी भूख और प्यास देखी नहीं गई। सबसे छोटे भाई ने पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलाकर चंद्रमा का आभास कराया। करवा ने चंद्रमा मानकर व्रत तोड़ दिया। लेकिन तुरंत उसके पति की मृत्यु का समाचार आया।

वह बेहद दुखी हुई और अगले वर्ष सच्चे मन से कठिन व्रत किया। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवताओं ने उसके पति को जीवनदान दिया। तब से यह कथा करवा चौथ पर सुनाई जाती है, जो श्रद्धा, धैर्य और समर्पण का प्रतीक है।

करवा चौथ के रीति-रिवाज और महत्व

महिलाएं दिन की शुरुआत सर्गी से करती हैं, जो उन्हें सास की ओर से सूर्योदय से पहले दी जाती है।
इसके बाद वे निर्जला व्रत का पालन करती हैं।
शाम को महिलाएं एकत्र होकर करवा चौथ की पूजा करती हैं, व्रत कथा सुनती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
चांद निकलने के बाद महिलाएं छलनी से चंद्र दर्शन करती हैं, अर्घ्य अर्पित करती हैं और फिर पति के दर्शन कर व्रत खोलती हैं।

यह व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र.1: करवा चौथ 2025 में कब है?
उ.1: करवा चौथ 2025 में 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

प्र.2: पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उ.2: शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक।

प्र.3: चांद कब निकलेगा?
उ.3: चांद रात 8:13 बजे निकलेगा।

प्र.4: महिलाएं क्या पहनती हैं?
उ.4: महिलाएं आमतौर पर लाल, गुलाबी, मैरून या सुनहरे रंग की साड़ी और पारंपरिक आभूषण पहनती हैं।

प्र.5: करवा चौथ का महत्व क्या है?
उ.5: यह व्रत पति की लंबी उम्र, प्रेम और दांपत्य सुख की कामना के लिए किया जाता है।

करवा चौथ 2025 में भी महिलाएं पूरे श्रद्धा और आस्था से यह पर्व मनाएंगी। सर्गी से लेकर चंद्रदर्शन तक, यह दिन हर विवाहित महिला के लिए विशेष होता है, जो पारंपरिक मूल्यों, प्रेम और साथ के बंधन को और गहरा करता है।

नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण

नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण
नवरात्रि में क्यों नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, जानिए आयुर्वेद और आध्यात्मिक कारण

नई दिल्ली: नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव का समय नहीं है, बल्कि यह आत्मअनुशासन और आहार संतुलन का भी प्रतीक है। भारत में लाखों श्रद्धालु इस दौरान उपवास रखते हैं और सात्विक आहार का पालन करते हैं, जिससे शरीर की शुद्धि और मन की शांति का अनुभव होता है। इसी सात्विक आहार प्रणाली के अंतर्गत प्याज और लहसुन को खाने से परहेज किया जाता है।

प्याज और लहसुन से परहेज का कारण

नवरात्रि के दौरान प्याज और लहसुन को आहार से दूर रखने का कारण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य संबंधी भी है। आयुर्वेद के अनुसार, भोजन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: सात्विक, राजसिक और तामसिक। सात्विक आहार शुद्ध, संतुलित और मन को स्थिर करने वाला होता है। प्याज और लहसुन को राजसिक और तामसिक माना गया है, जो व्यक्ति में क्रोध, उत्तेजना और जड़ता बढ़ाते हैं।

ऊर्जा और मानसिक स्थिति पर प्रभाव

ऐसा माना जाता है कि प्याज और लहसुन शरीर में आंतरिक गर्मी उत्पन्न करते हैं और मन की शांति में बाधा डालते हैं। नवरात्रि आत्मनियंत्रण, ध्यान और साधना का समय होता है, ऐसे में ऐसे खाद्य पदार्थ जो चंचलता या बेचैनी बढ़ा सकते हैं, उनसे दूरी बनाई जाती है। इसके विपरीत, फल, दूध, मेवे और हल्के अनाज जैसे सात्विक भोजन एकाग्रता बढ़ाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं।

आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य दृष्टिकोण से

स्वास्थ्य की दृष्टि से, प्याज और लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर ये पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। उपवास के दौरान जब व्यक्ति हल्के और सीमित आहार पर होता है, तो इनका त्याग करना पाचन को संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है। इससे पेट की तकलीफें जैसे गैस, सूजन आदि से बचा जा सकता है।

आध्यात्मिक परंपरा और शुद्धता का प्रतीक

नवरात्रि में प्याज और लहसुन का सेवन न करने की परंपरा सिर्फ आहार की बात नहीं है, यह आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति भाव से भी जुड़ी हुई है। सात्विक भोजन से शरीर हल्का, मन शांत और आत्मा एकाग्र होती है, जिससे श्रद्धालु नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ साधना कर सकें।

नवरात्रि के इन नौ पावन दिनों में सात्विक जीवनशैली को अपनाकर श्रद्धालु न केवल आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव करते हैं, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वयं को स्वस्थ बनाए रखने का प्रयास करते हैं।