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UN में भारत ने दिखाया फिर पाकिस्तान की औकात, ओसामा बिन लादेन का नाम सिनते ही भागे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

UN में भारत ने दिखाया फिर पाकिस्तान की औकात, ओसामा बिन लादेन का नाम सिनते ही भागे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
UN में भारत ने दिखाया फिर पाकिस्तान की औकात, ओसामा बिन लादेन का नाम सिनते ही भागे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और उन्हें आतंकवाद को महिमामंडित करने तथा “बेतुके नाटक” करने वाला बताया। भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर पर दावे और सिंधु जल संधि पर टिप्पणी को पूरी तरह खारिज कर दिया।

भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने जवाब के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा,
“सुबह इस महासभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बेतुका नाटक देखा, जो एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन कर रहे थे, जो उनकी विदेश नीति का केंद्रबिंदु है। लेकिन कोई भी झूठऔर नाटक सच्चाई को नहीं छुपा सकता।”

गहलोत ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,
“यह वही पाकिस्तान है जिसने 25 अप्रैल 2025 को सुरक्षा परिषद में ‘रेजिस्टेंस फ्रंट’ जैसे पाक प्रायोजित आतंकी संगठन को जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों के नरसंहार के लिए जवाबदेह ठहराने से बचाया।”

गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकियों को पनाह देने के इतिहास को उजागर करते हुए कहा,
“एक ऐसा देश जो दशकों से आतंकवाद को पालता-पोसता आया है, अब भी सबसे हास्यास्पद दावों के साथ दुनिया को गुमराह करने में लगा है। इसने ओसामा बिन लादेन को 10 साल तक छुपाकर रखा, जबकि वह आतंक के खिलाफ युद्ध में साझेदारी का दिखावा कर रहा था। अभी हाल ही में उनके मंत्रियों ने यह स्वीकार किया है कि वे वर्षों से आतंकी शिविर चला रहे हैं।”

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज

इससे पहले अपने भाषण में शाहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा,
“मैं कश्मीरी लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि पाकिस्तान उनके साथ खड़ा है और जल्द ही भारत का अत्याचार खत्म होगा।”

भारत ने इसे पाकिस्तान की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया और पारंपरिक आतंकी समर्थन नीति का हिस्सा करार दिया।

सिंधु जल संधि पर भी भारत ने दी सफाई

शरीफ ने भारत पर 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने का आरोप लगाया। भारत ने अप्रैल 2025 में यह संधि अस्थायी रूप से निलंबित की थी, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान साक्ष्य आधारित कदम उठाकर आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, संधि बहाल नहीं होगी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान की कश्मीर नीति, आतंकवाद के समर्थन, और झूठे प्रचार पर खुलकर हमला बोला। भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब विश्व समुदाय के सामने पाकिस्तान की दोहरे चेहरे वाली नीति नहीं छिप सकती।

Sonam Wangchuk: लेह हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार, NSA के तहत गिरफ्तार, NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस भी रद्द

Sonam Wangchuk: लेह हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार, NSA के तहत गिरफ्तार, NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस भी रद्द
Sonam Wangchuk: लेह हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार, NSA के तहत गिरफ्तार, NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस भी रद्द

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लेह में हालिया हिंसा के लिए जलवायु कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिया है। साथ ही, उनके NGO SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) का FCRA लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।

लद्दाख प्रशासन ने शुक्रवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वांगचुक की गिरफ्तारी को उचित ठहराया, जिसमें कहा गया कि, “श्री सोनम वांगचुक बार-बार ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं जो राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक हैं।”

प्रेस रिलीज़ में 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा का पूरा दोष वांगचुक पर डालते हुए कहा गया कि उन्होंने नेपाल आंदोलन, अरब स्प्रिंग जैसे संदर्भों के साथ भड़काऊ भाषण दिए और “भ्रामक वीडियो” जारी किए, जिससे प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप धारण कर लिया। इस दौरान चार लोगों की मौत और कई पुलिसकर्मी घायल हुए।

प्रशासन का कहना है कि सरकार द्वारा बातचीत की पेशकश के बावजूद वांगचुक ने भूख हड़ताल जारी रखी, जिसे उन्होंने “निजी और राजनीतिक महत्वाकांक्षा” बताया।

NSA के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर भेजा गया

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विशेष इनपुट के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि श्री वांगचुक को NSA के अंतर्गत हिरासत में लिया जाए और उन्हें लेह से बाहर, जोधपुर स्थानांतरित किया जाए ताकि शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके। NSA के तहत, बिना मुकदमे के किसी व्यक्ति को 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।

SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द, गंभीर आरोप

वांगचुक की गिरफ्तारी के एक दिन बाद, गृह मंत्रालय ने उनके NGO SECMOL का विदेशी अंशदान (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि NGO ने कानून के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया, जिसमें:

  • ₹4.93 लाख की विदेशी सहायता को “भारत की संप्रभुता पर अध्ययन” के रूप में गलत रूप से उपयोग करना
  • FCRA खाते में ₹3.5 लाख का स्थानीय जमा
  • स्वयंसेवकों द्वारा ₹18,200 की तीन बार देनदारी जो गलत खाते में जमा की गई
  • IIM इंदौर की एक शोधार्थी से प्राप्त ₹19,600 की राशि को पहले लिया गया और फिर लौटाया गया

गृह मंत्रालय ने कहा कि “फूड सिक्योरिटी और सॉवरेनटी” के नाम पर ली गई विदेशी सहायता को “भारत की संप्रभुता पर अध्ययन” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो कि राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गृह मंत्रालय पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर “फूड सॉवरेनटी” जैसे अंतरराष्ट्रीय स्वीकृत शब्द को तोड़-मरोड़ कर “भारत की संप्रभुता” से जोड़ दिया ताकि SECMOL का लाइसेंस रद्द किया जा सके। उन्होंने कहा, “यह बदले की राजनीति है। मोदी सरकार अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है।”

लेह में कर्फ्यू और करगिल में धारा 163

लेह में हुई हिंसा के बाद पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है, जबकि करगिल में धारा 163 लागू कर दी गई है जिससे किसी भी प्रकार की जनसभा पर रोक लगाई गई है। करगिल ने शुक्रवार को बंद का आह्वान कर वांगचुक के साथ एकजुटता दिखाई।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके NGO पर कार्रवाई को लेकर लद्दाख में तनाव और गहराता जा रहा है। केंद्र सरकार जहां इसे कानून-व्यवस्था और राष्ट्रहित का मामला बता रही है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक वर्ग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला मान रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने IRS अफसर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका पर उठाए सवाल, ‘The Ba*ds of Bollywood’ का है मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने IRS अफसर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका पर उठाए सवाल, ‘The Ba*ds of Bollywood’ का है मामला
दिल्ली हाईकोर्ट ने IRS अफसर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका पर उठाए सवाल, ‘The Ba*ds of Bollywood’ का है मामला

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘The Ba*ds of Bollywood’ के खिलाफ दायर मानहानि याचिका की वैधता (maintainability) पर सवाल उठाए हैं। यह सीरीज़ अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और गौरी ख़ान के प्रोडक्शन हाउस Red Chillies Entertainment द्वारा निर्मित और उनके बेटे आर्यन ख़ान द्वारा निर्देशित बताई जा रही है।

वानखेड़े ने याचिका में वेब सीरीज़ को अपमानजनक बताते हुए इसके खिलाफ निर्देश की मांग की है, साथ ही ₹2 करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने की मांग की है, जिसे टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान करने की बात कही गई है।

कोर्ट ने पूछा – दिल्ली में कैसे बनता है मामला?

सुनवाई की शुरुआत में न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने पूछा कि यह मामला दिल्ली में कानूनी रूप से कैसे सुनवाई योग्य है। उन्होंने पूछा कि क्या इस याचिका का कोई हिस्सा या कारण दिल्ली में उत्पन्न हुआ?

वानखेड़े की ओर से पेश वरिष्ठअधिवक्ता संदीप सेठी ने तर्क दिया कि यह वेब सीरीज़ देशभर में प्रसारित की गई है, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, और इसी आधार पर दिल्ली में याचिका दायर की गई है।

हालांकि, न्यायालय ने कहा कि वानखेड़े को अपनी याचिका संशोधित करनी होगी और स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि कैसे दिल्ली में कोई वैध कारण उत्पन्न हुआ है।

आर्यन खान से जुड़ा है मामला

गौरतलब है कि समीर वानखेड़े 2021 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के उस क्रूज़ ड्रग केस के प्रमुख अधिकारी थे, जिसमें शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, 2022 में एनसीबी ने आर्यन को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और बताया कि उनके पास से कोई भी नशीली वस्तु बरामद नहीं हुई थी।

वानखेड़े का कहना है कि यह वेब सीरीज़ उनकी व्यक्तिगत छवि को धूमिल करती है और मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों की साख को भी नुकसान पहुंचाती है।

आपत्तिजनक दृश्य और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीरीज़ में एक किरदार को ‘सत्यमेव जयते’ का नारा बोलने के बाद मध्यमा अंगुली (middle finger) दिखाते हुए दिखाया गया है। वानखेड़े ने इसे राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान बताते हुए कहा कि यह 1971 के Prevention of Insults to National Honour Act का उल्लंघन है।

इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि सीरीज़ में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) का भी उल्लंघन किया गया है क्योंकि इसमें अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया है।

आगे क्या?

अब अदालत ने वानखेड़े को अपनी याचिका में संशोधन कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि कैसे दिल्ली में यह मामला सुनवाई योग्य है। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।

यह मामला डिजिटल कंटेंट, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी सीमाओं के बीच संतुलन को लेकर एक अहम कानूनी परीक्षण बन सकता है।

Sonam Wangchuk NSA News: लद्दाख में सोनम वांगचुक पर NSA के तहत कार्रवाई, जोधपुर जेल भेजे गए

Sonam Wangchuk NSA News: लद्दाख में सोनम वांगचुक पर NSA के तहत कार्रवाई, जोधपुर जेल भेजे गए
Sonam Wangchuk NSA News: लद्दाख में सोनम वांगचुक पर NSA के तहत कार्रवाई, जोधपुर जेल भेजे गए

लद्दाख प्रशासन ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लेने के फैसले को उचित ठहराया है। शनिवार रात जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वांगचुक को जोधपुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

प्रशासन के मुताबिक, वांगचुक द्वारा नेपाल आंदोलन और अरब स्प्रिंग जैसे संदर्भों के साथ दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों के चलते 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़क उठी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए।

बयान में कहा गया, “लेह जैसे शांतिप्रिय शहर में सामान्य स्थिति बहाल करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए यह जरूरी हो गया कि श्री वांगचुक को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे किसी भी तरह की उकसाने वाली गतिविधियों से रोका जाए। इसी कारण प्रशासन ने विशेष इनपुट्स के आधार पर उन्हें NSA के तहत हिरासत में लेने और जोधपुर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।”

सरकार के प्रस्तावों के बावजूद जारी रखा अनशन

प्रशासन ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय की हाई पावर्ड कमेटी (HPC) की बैठक के लिए स्पष्ट आमंत्रण और इससे पहले चर्चा की पेशकश के बावजूद, वांगचुक ने “छिपे हुए राजनीतिक उद्देश्य” के तहत अपना अनशन जारी रखा। हिंसा अनशन के 15वें दिन भड़की, जब दो लोग अस्पताल में भर्ती भी कराए गए थे।

प्रशासन के अनुसार, “अगर श्री वांगचुक सरकार के साथ हो रहे संवाद के प्रति ईमानदारी दिखाते और अनशन समाप्त कर देते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना टाली जा सकती थी। लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते ऐसा नहीं किया।”

भड़काऊ भाषणों और वीडियो का आरोप

प्रशासन ने वांगचुक पर उकसावे भरे भाषण और वीडियो जारी करने का आरोप लगाया, जिनमें जनता को गुमराह किया गया। बयान में कहा गया कि “उनकी गतिविधियां राज्य की सुरक्षा, शांति और आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक थीं। इसलिए उन्हें लेह में रखना जनहित में नहीं था।”

लद्दाख में कर्फ्यू और विरोध

वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, जबकि करगिल में BNS की धारा 163 लगाई गई है जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी सभा पर रोक लगी हुई है। करगिल में शुक्रवार को पूर्ण बंद कर वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया गया।

विपक्ष और सामाजिक संगठनों की निंदा

लद्दाख के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। कई नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए केंद्र सरकार से NSA हटाने और बातचीत की प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की मांग की है।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक लद्दाख के एक प्रख्यात इंजीनियर, शिक्षक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वे राज्य के लिए छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से आंदोलनरत हैं। हाल ही में उन्होंने तीन सप्ताह का भूख हड़ताल भी किया, जिसमें दो अन्य कार्यकर्ता भी शामिल थे।

अब उनकी गिरफ्तारी और NSA के तहत कार्रवाई से लद्दाख में तनाव और अधिक बढ़ गया है। यह देखना बाकी है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कब और कैसे संवाद की प्रक्रिया दोबारा शुरू होती है।

Pawan Kalyan og Box Office Collection: पवन कल्याण की ‘They Call Him OG’ ने तोड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड

Pawan Kalyan og Box Office Collection: पवन कल्याण की 'They Call Him OG' ने तोड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड
Pawan Kalyan og Box Office Collection: पवन कल्याण की 'They Call Him OG' ने तोड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड

पवन कल्याण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘They Call Him OG’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफानी शुरुआत करते हुए पहले ही दिन नए रिकॉर्ड बना डाले हैं। निर्देशक सुजीत की इस गैंगस्टर एक्शन थ्रिलर ने 25 सितंबर 2025 को भारत में Rs 100 करोड़ की कमाई कर डाली, जिसमें से Rs 25 करोड़ केवल प्रीमियर शोज़ से आए।

इस धमाकेदार ओपनिंग के साथ, फिल्म साल 2025 की सबसे बड़ी ओपनर बन गई है, जिसने सुपरस्टार रजनीकांत की ‘कूली’ को भी पीछे छोड़ दिया है। यह तेलुगू सिनेमा की अब तक की सातवीं सबसे बड़ी ओपनिंग और भारत में किसी भी फिल्म की आठवीं सबसे बड़ी ओपनिंग साबित हुई है।

दूसरे दिन गिरा कलेक्शन, लेकिन दो दिन में ₹104.35 करोड़ नेट

हालांकि पहले दिन की बंपर ओपनिंग के बाद फिल्म की कमाई में 69.25% की गिरावट देखी गई। Sacnilk.com के मुताबिक, फिल्म ने दूसरे दिन Rs 19.6 करोड़ नेट का कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में दो दिनों का कुल नेट कलेक्शन Rs 104.35 करोड़ हो गया है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी ‘OG’ का जलवा

दुनियाभर में भी ‘दे कॉल हिम OG’ ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले ही दिन फिल्म ने Rs 144 करोड़ का वैश्विक कलेक्शन किया, जिसमें से Rs 42.50 करोड़ केवल विदेशी बाजारों से आए। इस ओपनिंग ने प्रभास की ‘साहो’, जूनियर एनटीआर की ‘देवरा’ और थलापति विजय की ‘लियो’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया, जिनका ग्लोबल ओपनिंग कलेक्शन करीब Rs 142 करोड़ रहा था।

फिल्म की कहानी और कलाकारों का प्रदर्शन

‘OG’ में पवन कल्याण ने एक स्टाइलिश और खतरनाक गैंगस्टर ओजस गंभीरा का किरदार निभाया है, जो अपने साम्राज्य को दोबारा हासिल करने और अपने दुश्मन ओमी भाऊ से बदला लेने के लिए लौटता है। ओमी भाऊ का किरदार बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी ने निभाया है, जो इस फिल्म के जरिए तेलुगू डेब्यू कर रहे हैं।

फिल्म में प्रियंका मोहन, प्रकाश राज, श्रीया रेड्डी, अरुण दास, शाम और एक खास कैमियो में जैकी श्रॉफ जैसे कलाकार भी शामिल हैं, जिन्होंने पवन कल्याण को सशक्त सपोर्ट दिया है।

फिल्म की समीक्षा

इंडिया टुडे की समीक्षा के अनुसार, “’दे कॉल हिम OG’ में एक्शन सीन्स शानदार हैं। पहले ही फ्रेम से स्क्रीन पर खून-खराबा है, जो फिल्म के अंत तक जारी रहता है। पवन कल्याण की स्क्रीन पर मौजूदगी दमदार है। हालांकि, इमरान हाशमी का किरदार काफी सतही है, लेकिन बाकी कलाकार फिल्म को अच्छा संतुलन देते हैं।”

‘They Call Him OG’ ने अपने धमाकेदार ओपनिंग से दिखा दिया है कि पवन कल्याण की स्टार पावर अभी भी बरकरार है। हालांकि दूसरे दिन की गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन सप्ताहांत में फिल्म की कमाई में उछाल आने की संभावना बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि फिल्म लंबे समय तक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बना पाती है या नहीं।

Bareilly News: बरेली में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर को लेकर हिंसा, मौलाना तौकीर रजा ने लोंगो को जुमे के बाद उकसाया

Bareilly News: बरेली में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर को लेकर हिंसा, मौलाना तौकीर रजा ने लोंगो को जुमे के बाद उकसाया
Bareilly News: बरेली में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर को लेकर हिंसा, मौलाना तौकीर रजा ने लोंगो को जुमे के बाद उकसाया

बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हालात उस समय बिगड़ गए जब बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर नारेबाजी करने लगे। यह विरोध प्रदर्शन मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर हुआ, जिन्होंने लोगों से नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड में एकत्र होकर अपनी “ताकत दिखाने” की अपील की थी। हालांकि खुद मौलाना मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी अपील पर बड़ी भीड़ जमा हो गई, जिसने देखते ही देखते माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज, हालात हुए बेकाबू

प्रदर्शन के दौरान जब भीड़ उग्र हो गई और इस्लामिया मैदान में जबरन घुसने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की। कई वीडियो में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटते हुए देखा गया। एक वीडियो में एक पुलिसकर्मी यह कहते सुना गया, “अरे पीटो नहीं, मर जाएंगे यार…”।
सड़कों पर जूते-चप्पल बिखरे पड़े थे और लोग इधर-उधर भागते नजर आए। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

विवाद की जड़ में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत कानपुर से हुई, जहां हाल ही में ‘I Love Muhammad’ लिखे पोस्टरों के साथ जुलूस निकाले गए। इस संदेश को लेकर बरेलवी संप्रदाय में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। एक ओर जहां कुछ लोगों ने इसे पैगंबर मोहम्मद से प्रेम का प्रतीक बताया, वहीं कुछ धार्मिक नेताओं ने अपील की कि पोस्टर गाड़ियों पर ना लगाए जाएं या घरों की दीवारों पर ना चिपकाए जाएं, ताकि वे जमीन पर गिरकर अपमानजनक स्थिति में न आ जाएं। इसी विवाद के बीच मौलाना तौकीर रजा ने लोगों से प्रदर्शन की अपील कर दी।

कौन हैं मौलाना तौकीर रजा?

मौलाना तौकीर रजा बरेली के एक प्रमुख इस्लामी नेता हैं और सुन्नी बरेलवी संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं। वे इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष हैं, जिसे उन्होंने 2001 में एक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित किया था।
वर्ष 2010 में बरेली में हुए दंगे में भी उनका नाम सामने आया था। 2012 में उन्होंने समाजवादी पार्टी का समर्थन किया और उनके प्रत्याशी ने भोजीपुरा से जीत दर्ज की, लेकिन मुजफ्फरनगर दंगों के बाद उन्होंने सपा से दूरी बना ली।
2014 में उन्होंने बीएसपी का समर्थन किया और नागरिकता कानून, तस्लीमा नसरीन, योगी सरकार जैसे मुद्दों पर विवादित बयान दे चुके हैं।

प्रशासन ने नहीं दी थी प्रदर्शन की इजाजत

इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था। इस्लामिया इंटर कॉलेज में धरने की इजाजत नहीं दी गई थी और धारा 163 लागू कर दी गई थी। बावजूद इसके, मौलाना के आह्वान पर भारी भीड़ इकट्ठा हुई और नारेबाजी करते हुए इस्लामिया मैदान की ओर बढ़ी, जिसके चलते पुलिस को एक्शन लेना पड़ा।

मौलाना तौकीर रजा बोले – हर जुल्म का हिसाब लिया जाएगा

इस घटनाक्रम से पहले मौलाना तौकीर रजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देशभर में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि अगर मुसलमान शांत हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि वे कमजोर हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा था – “हर जुल्म का हिसाब लिया जाएगा।”

बरेली में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा एक बार फिर दिखाती है कि धार्मिक भावनाओं को लेकर हालात कितनी तेजी से बिगड़ सकते हैं। प्रशासन की कोशिशों के बावजूद, मौलाना के आह्वान पर इकट्ठा हुई भीड़ ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। मौजूदा हालात में बरेली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटा है।

इस मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी पर नजर रहेगी, क्योंकि मामला केवल स्थानीय तनाव नहीं, बल्कि एक बड़े सांप्रदायिक सवाल को जन्म देता है।

Rohit Saraf News: देखते रह जाएंगे रोहित सराफ के मुंबई वाले घर की एक झलक, BIGG BOSS जैसे दिखता है उनका घर

Rohit Saraf News: देखते रह जाएंगे रोहित सराफ के मुंबई वाले घर की एक झलक, BIGG BOSS जैसे दिखता है उनका घर
Rohit Saraf News: देखते रह जाएंगे रोहित सराफ के मुंबई वाले घर की एक झलक, BIGG BOSS जैसे दिखता है उनका घर

मुंबई: एक्टर रोहित सराफ, जिन्हें फैंस प्यार से ‘नेशनल क्रश’ कहते हैं, हाल ही में अपने खूबसूरत मुंबई स्थित घर की झलक देते नजर आए। यह मौका मिला फिल्ममेकर फराह खान के लेटेस्ट व्लॉग में, जहां उन्होंने रोहित के घर का टूर कराया। जितना प्यारा रोहित का व्यक्तित्व है, उतना ही आकर्षक और सजीला है उनका घर।

रोहित ने इस बात को खुद कबूला कि उनके घर की सादगी, साफ-सफाई और खूबसूरती का पूरा श्रेय उनकी मां अनिता सराफ को जाता है। आइए जानते हैं उनके घर के हर खास कोने के बारे में।

लिविंग रूम: आराम और क्लास का परफेक्ट कॉम्बो

लिविंग रूम में कदम रखते ही गहरे रंग की पॉलिश की हुई लकड़ी की फ्लोरिंग नज़र आती है, जिसे क्रीम रंग की दीवारें खूबसूरती से संतुलित करती हैं। इस कमरे का स्टार है एक गहरा भूरा, L-शेप का लेदर सोफा, जो किसी भी बिंज-वॉचिंग सेशन के लिए परफेक्ट है।

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कमरे की सॉफ्ट रीसैस्ड लाइटिंग इसे एक मॉडर्न टच देती है, और सबसे ध्यान खींचने वाला हिस्सा है एक बड़ी, खूबसूरती से गूंथी हुई मनी ट्री, जो पूरे स्पेस में फ्रेशनेस और प्रकृति का अहसास लाती है। लीफी बालकनी का व्यू इसे और भी खास बना देता है।

बैडरूम: रस्टिक और लग्ज़री का मेल

रोहित का बैडरूम एक स्टाइलिश रिट्रीट है। एक दीवार पर एक्सपोज़्ड रेड ब्रिक टेक्सचर है जो रॉ और अर्बन लुक देता है। इसके विपरीत, सफेद लग्ज़री बेडिंग और ब्राइट बैकलिट हेडबोर्ड कमरे में सुकून और क्लास का अहसास लाते हैं।

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डार्क वुड वार्डरोब, फूलों से सजे नाइटस्टैंड और हर कोना बताता है कि रोहित एक सजग और सोफिस्टिकेटेड यंग स्टार हैं।

डाइनिंग स्पेस: नाटकिया लेकिन शालीन

डाइनिंग एरिया में एक क्लासिक डार्क वुड डाइनिंग सेट है, जिसके पीछे एक बड़ा गोल्ड-फ्रेम वाला शीशा है। यह ना सिर्फ स्पेस को बड़ा दिखाता है, बल्कि पूरे माहौल में लग्ज़री का तड़का लगाता है।

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इस शीशे में जो चीज़ सबसे पहले नज़र आती है वो हैं सफेद, फॉर्म में बने दो बड़े पेंडेंट लाइट्स, जो बादलों की तरह हवा में तैरते से लगते हैं। रोहित सराफ का घर न केवल स्टाइलिश इंटीरियर का बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि इसमें परिवारिक गर्माहट और आत्मीयता भी झलकती है। यह साफ है कि पर्दे पर जितने चार्मिंग हैं रोहित, उनका घर भी उतना ही दिलकश और सजीला है।

Sonam Wangchuk Arrested: पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk गिरफ्तार, NGO का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द

Sonam Wangchuk Arrested: पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk गिरफ्तार, NGO का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द
Sonam Wangchuk Arrested: पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk गिरफ्तार, NGO का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली/लेह: लद्दाख में हाल ही में भड़की हिंसा के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को पुलिस ने गुरुवार दोपहर 2:30 बजे हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उस हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद हुई है जिसमें 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक लोग घायल हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने भारी तोड़फोड़, आगजनी और BJP दफ्तर को भी आग के हवाले कर दिया था।

वांगचुक को बताया गया हिंसा के लिए जिम्मेदार

पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में वांगचुक को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, अभी तक उन पर लगे आरोपों का आधिकारिक ब्योरा नहीं दिया गया है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वांगचुक को हिंसा के लिए उकसावे का जिम्मेदार बताया है।

NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द

सरकार ने सोनम वांगचुक के एनजीओ स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) के FCRA लाइसेंस को रद्द कर दिया है, जिससे उसे विदेशी फंडिंग मिलती थी। साथ ही, NGO का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया गया है। आरोप है कि NGO ने विदेशी फंडिंग के कानूनों का बार-बार उल्लंघन किया है।

NDTV से बोले वांगचुक: आरोप बेबुनियाद, समय समाधान का है

NDTV से बातचीत में सोनम वांगचुक ने कहा,
“यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है, बल्कि बैठकर समस्या का समाधान निकालने का है। मुझे यह बचकाना लगा कि जब यहां लोगों की मौत हुई है, तो सरकार आरोप-प्रत्यारोप में उलझ रही है। ये केवल चतुराई है। इससे युवा और गुस्से में आएंगे। मेरे ऊपर लगे आरोपों की कोई बुनियाद नहीं है।”

क्यों भड़की थी लद्दाख में हिंसा?

सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष पहचान देने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उनका आंदोलन 10 सितंबर से दोबारा सक्रिय हुआ, जिसके तहत वे लगातार भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। बुधवार को प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

  • जन्म: 1 सितंबर 1966, लद्दाख
  • पिता का नाम: सोनम वांग्याल
  • माता का नाम: शेरिंग
  • शिक्षा: मैकेनिकल इंजीनियरिंग, NIT श्रीनगर
  • प्रसिद्धि: इंजीनियर, शिक्षक और पर्यावरण कार्यकर्ता
  • स्थापना: SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh)

सोनम वांगचुक को आम जनता और युवाओं के बीच उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता, शिक्षा में नवाचार और जलवायु परिवर्तन पर काम के लिए जाना जाता है। वे ‘3 इडियट्स‘ फिल्म के किरदार ‘फुंसुख वांगड़ू’ के प्रेरणा स्रोत भी माने जाते हैं। स्थिति अभी संवेदनशील बनी हुई है, और प्रशासन की निगाहें लद्दाख में शांति बहाली पर केंद्रित हैं। वहीं, वांगचुक की गिरफ्तारी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस को तेज कर दिया है।

Xiaomi 17, Xiaomi 17 Pro, Xiaomi 17 Pro Max लॉन्च, देंखे price, features और सबकुछ

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नई दिल्ली: Xiaomi ने अपनी नई 17 सीरीज़ को चीन में लॉन्च कर दिया है, जिसमें Xiaomi 17, Xiaomi 17 Pro और Xiaomi 17 Pro Max शामिल हैं। ये सभी स्मार्टफोन Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट से लैस हैं और Android 16 आधारित HyperOS 3 पर चलते हैं। इस सीरीज़ को प्रीमियम यूज़र्स को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है।

Xiaomi 17 सीरीज़ की प्रमुख खासियतें:

  • सभी मॉडल Leica ट्यून triple rear camera setup के साथ आते हैं।
  • Pro और Pro Max मॉडल में पीछे की तरफ एक सेकेंडरी M10 डिस्प्ले दिया गया है, जिसकी ब्राइटनेस 3,500 निट्स तक जाती है।
  • Xiaomi 17 Pro Max में 2K डिस्प्ले, 100W फास्ट चार्जिंग, और 7,500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है।

Xiaomi 17 Pro Max स्पेसिफिकेशन:

  • डिस्प्ले: 6.9-इंच 2K OLED, Dragon Crystal Glass से सुरक्षित
  • प्रोसेसर: Snapdragon 8 Elite Gen 5
  • रैम व स्टोरेज: 12GB/16GB तक की LPDDR5X RAM, 1TB तक UFS 4.1 स्टोरेज
  • कैमरा: 50MP + 50MP + 50MP (Leica ट्यून) ट्रिपल रियर कैमरा, 50MP फ्रंट कैमरा
  • बैटरी: 7,500mAh, 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग
  • अन्य फीचर्स: इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट, UWB सपोर्ट, HyperIsland फीचर

कीमतें:

वेरिएंटकीमत (CNY)अनुमानित भारतीय कीमत
12GB + 512GB¥5,999₹74,700
16GB + 512GB¥6,299₹78,500
16GB + 1TB¥6,999₹87,200

Xiaomi 17 Pro स्पेसिफिकेशन:

  • डिस्प्ले: 6.3-इंच OLED
  • कैमरा: 50MP ट्रिपल रियर कैमरा (Leica ट्यून), 50MP फ्रंट कैमरा
  • बैटरी: 6,300mAh, 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग

कीमतें:

वेरिएंटकीमत (CNY)अनुमानित भारतीय कीमत
12GB + 256GB¥4,999₹62,300
12GB + 512GB¥5,299₹66,000
16GB + 512GB¥5,599₹69,700
16GB + 1TB¥5,999₹74,700

Xiaomi 17 स्पेसिफिकेशन:

  • डिस्प्ले: 6.3-इंच 1.5K OLED, 120Hz रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स ब्राइटनेस
  • कैमरा: 50MP + 50MP + 50MP ट्रिपल रियर कैमरा, 50MP फ्रंट
  • बैटरी: 7,000mAh, 100W वायर्ड, 50W वायरलेस चार्जिंग
  • अन्य: IP68 रेटिंग, 5G, Wi-Fi 7, USB 3.2 Gen 1 Type-C

कीमतें:

वेरिएंटकीमत (CNY)अनुमानित भारतीय कीमत
12GB + 256GB¥4,499₹56,000
12GB + 512GB¥4,799₹60,000
16GB + 512GB¥4,999₹62,000

अन्य प्रमुख फीचर्स:

  • HyperOS 3 में नया ‘HyperIsland’ फीचर जो iPhone के Dynamic Island जैसा है।
  • पीछे की सेकेंडरी स्क्रीन से AI पोर्ट्रेट, नोट्स, सेल्फी प्रीव्यू और गेमिंग को सपोर्ट किया जा सकता है।
  • सभी फोनों में Leica कैमरा ट्यूनिंग, 8K वीडियो रिकॉर्डिंग, और Dolby Vision सपोर्ट दिया गया है।

निष्कर्ष:

Xiaomi की 17 सीरीज़ शानदार डिज़ाइन, पावरफुल परफॉर्मेंस और प्रीमियम फीचर्स के साथ पेश की गई है। खासकर Pro और Pro Max मॉडल्स में इनोवेटिव सेकेंडरी डिस्प्ले और Leica कैमरा सेटअप इसे प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। भारत में इस सीरीज़ के लॉन्च की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

बिहार की 75 लाख महिलाओं को मिला रोजगार का तोहफा, पीएम मोदी ने की ‘Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojna’ की शुरुआत

बिहार की 75 लाख महिलाओं को मिला रोजगार का तोहफा, पीएम मोदी ने की 'Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojna' की शुरुआत
बिहार की 75 लाख महिलाओं को मिला रोजगार का तोहफा, पीएम मोदी ने की 'Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojna' की शुरुआत

नई दिल्ली/पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्येक को ₹10,000 की राशि ट्रांसफर की। कुल मिलाकर ₹7,500 करोड़ की राशि का वितरण किया गया।

यह योजना बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने कहा – “महिलाओं का आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत”

प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के शुभारंभ के मौके पर कहा,
“नवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार की लाखों बहनों से जुड़कर मुझे खुशी हो रही है। उनका आशीर्वाद हम सबके लिए बहुत बड़ी ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना आज से शुरू हो रही है। अब तक 75 लाख महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं और उनके खातों में ₹10,000 ट्रांसफर किए जा चुके हैं।”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का निशाना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मौके पर कहा,
“हम पूरे बिहार के लिए काम करते हैं, न कि सिर्फ अपने परिवार के लिए। पिछली सरकार परिवार के लिए थी, महिलाओं के लिए नहीं। जब लालू यादव को हटाया गया तो उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। लेकिन हम महिलाओं के लिए योजनाएं लेकर आए हैं और प्रधानमंत्री भी उनके लिए कार्य कर रहे हैं।”

योजना के बारे में

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की एनडीए सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य है हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना।

  • प्रत्येक लाभार्थी महिला को प्रारंभिक रूप से ₹10,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी गई है।
  • आगे चलकर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकती है, जिससे महिलाएं अपना व्यवसाय या अन्य आजीविका कार्य शुरू कर सकें।

बिहार चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक कदम

यह योजना आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बयान

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर लिखा:
“बिहार की बेटियों और बहनों के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 75 लाख महिलाओं को ₹7,500 करोड़ की राशि ट्रांसफर की जा रही है। यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”

बिहार सरकार की यह योजना महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ी पहल है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह योजना महिलाओं को केंद्र में रखकर मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास है। आने वाले समय में योजना के अगले चरणों में इसका विस्तार देखने को मिल सकता है।