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नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए ली शपथ, मोदी 3.0 युग की शुरुआत

नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए ली शपथ, मोदी 3.0 युग की शुरुआत
नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए ली शपथ, मोदी 3.0 युग की शुरुआत

राष्ट्रपति भवन में एक ऐतिहासिक समारोह में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली, जो मोदी 3.0 की शुरुआत है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मोदी को जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन कार्यकालों तक सेवा देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बनाती है, जिससे भारत के समकालीन राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में उनकी स्थिति मजबूत होती है।

सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रमुख राजनीतिक नेताओं, विदेशी राजदूतों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोदी को पद की शपथ दिलाई, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगातार चुनावी जीत दिलाई है, जो उनकी स्थायी लोकप्रियता और राजनीतिक कौशल का प्रदर्शन है।

शपथ लेने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए, मोदी ने विकास एजेंडे को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया, जो उनके पिछले कार्यकाल की विशेषता रही है। उन्होंने घोषणा की, “हमारा लक्ष्य एक समृद्ध और समावेशी भारत है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करेंगे कि प्रत्येक नागरिक हमारी प्रगति से लाभान्वित हो।” मोदी का तीसरा कार्यकाल हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद आया है, जिसमें भाजपा ने महत्वपूर्ण बहुमत हासिल किया। यह चुनावी जीत मोदी की नीतियों और भारत के भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण के लिए व्यापक जन समर्थन को दर्शाती है। उनके पिछले कार्यकालों की प्रमुख पहलों, जैसे मेक इन इंडिया अभियान, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान ने देश की प्रगति पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि मोदी का तीसरा कार्यकाल आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और भारत की वैश्विक स्थिति को बढ़ाने पर केंद्रित होगा। इसके अतिरिक्त, मोदी की सरकार से जलवायु परिवर्तन, कृषि संकट और स्वास्थ्य सेवा की सुलभता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने की उम्मीद है।

अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने भी बधाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई। अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की उम्मीद है।” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इसी तरह की भावनाओं को दोहराया, भारत-ब्रिटिश संबंधों के महत्व पर जोर दिया।

जश्न के माहौल के बावजूद, चुनौतियाँ बनी हुई हैं। विपक्षी दलों ने आर्थिक असमानताओं और सामाजिक मुद्दों से निपटने के तरीके की आलोचना करते हुए सरकार को जवाबदेह बनाए रखने की कसम खाई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कहा, “जबकि हम लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हैं, यह महत्वपूर्ण है कि सरकार सभी भारतीयों की चिंताओं को संबोधित करे, न कि केवल कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की।” नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं, इसलिए उम्मीदें बहुत अधिक हैं। आने वाले साल उनके वादों को पूरा करने और भारत जैसे विविधतापूर्ण और गतिशील राष्ट्र पर शासन करने की जटिलताओं को समझने की उनकी क्षमता का परीक्षण करेंगे। मोदी 3.0 की शुरुआत भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करती है, जो निस्संदेह आने वाले वर्षों में देश की दिशा को आकार देगा।

Reasi Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर में फिर दिखी पाकिस्तान की बुजदिली, तीर्थयात्रियों पर कराया आतंकवादी हमला

Reasi Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर में फिर दिखी पाकिस्तान की बुजदिली, तीर्थयात्रियों पर कराया आतंकवादी हमला
Reasi Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर में फिर दिखी पाकिस्तान की बुजदिली, तीर्थयात्रियों पर कराया आतंकवादी हमला

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार शाम को तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक बच्चे सहित नौ लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए। रियासी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने बताया, “आज आतंकवादियों के एक समूह ने रियासी जिले के रनसू इलाके से आ रही एक यात्री बस पर हमला किया। हमले के कारण बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस पौनी के कांडा इलाके के पास एक गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना के कारण नौ लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए।”

उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट रूप से आतंकी हमले का मामला है। इलाके की तलाशी ली गई है और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।” उन्होंने आगे बताया कि बचाव अभियान जल्द से जल्द पूरा कर लिया गया है और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भेज दिया गया है। एसएसपी ने कहा, “मृतकों और घायलों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन संभवत: वे उत्तर प्रदेश के थे।”

पुलिस ने बताया कि बस शिवखोरी गुफा मंदिर से तीर्थयात्रियों को लेकर रियासी जिले के कटरा जा रही थी और राजौरी जिले की सीमा से लगे रियासी जिले के पौनी क्षेत्र के तेरयाथ गांव में शाम करीब 6.10 बजे उन पर हमला हुआ।

पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “”चालक को टक्कर लगी और उसने नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप बस पास की खाई में फिसल गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से, पुलिस ने रात 8.10 बजे तक सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया। एसपी रियासी ने निकासी की निगरानी की। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

इसमें कहा गया है कि घटनास्थल पर पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा एक संयुक्त सुरक्षा बल अस्थायी अभियान स्थापित किया गया है और हमलावरों तक पहुंचने के लिए एक बहुआयामी अभियान शुरू किया गया है।

किसने कराया हमला

जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF यानी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली है। टीआरएफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है। रियासी आतंकी हमले

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया के दिग्गज रामोजी राव ने ली अंतिम सांस

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया के दिग्गज रामोजी राव ने ली अंतिम सांस
रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया के दिग्गज रामोजी राव ने ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से सुबह-सुबह एक बेहद ही दुखद खबर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। खबर है कि ईनाडु और रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि 87 वर्षीय रामोजी राव को तबियत खराब होने की वजह से शुक्रवार को हैदराबाद के स्टार अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि इलाज के दौरान शनिवार सुबह 3.45 बजे वो दुनिया से चल बसे। रामोजी राव का पार्थिव शरीर रामोजी फिल्म सिटी में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

रामोजी राव की क्या थी भूमिका

रामोजी राव के अर्श से फर्श तक की कहानी लोगों के लिए प्रेरणादायक है। रामोजी का जन्म 16 नवंबर 1936 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के पेडापरुपुडी गांव में हुआ था। वह एक किसान परिवार से थे। उनका जीवन गरीबी में बीता।

रामोजी ने दुनिया के सबसे बड़े थीम पार्क और फिल्म स्टूडियो, रामोजी फिल्म सिटी की स्थापना की। मार्गदर्शी चिट फंड, ईनाडु न्यूजपेपर, ई. टी. वी. नेटवर्क, रमादेवी पब्लिक स्कूल, प्रिया फूड्स, कलांजली, उशाकिरन मूवीज, मयूरी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स और डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स रामोजी राव के स्वामित्व वाली कंपनियां हैं।

Kangana Ranaut को थप्पड़ जड़ने वाली जवान को सिंगर Vishal Dadlani ने दिया शानदार नौकरी का ऑफ़र

Kangana Ranaut को थप्पड़ जड़ने वाली जवान को सिंगर Vishal Dadlani ने दिया शानदार नौकरी का ऑफ़र
Kangana Ranaut को थप्पड़ जड़ने वाली जवान को सिंगर Vishal Dadlani ने दिया शानदार नौकरी का ऑफ़र

फिल्म जगत के जाने माने संगीतकार और गीतकार विशाल ददलानी अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों मे रहते है और एक बार फिर बॉलीवुड की क्वीन मानी जाने वाली कंगना रनौत के साथ हुए वाक्ये में बोल पड़े है। दरअसल गुरुवार को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक CISF अधिकारी ने कंगना रनौत को थप्पड़ मारा। उस दिन बाद में, अभिनेत्री ने घटना के बारे में एक बयान जारी किया, जिसमें पुष्टि की गई कि वह सुरक्षित हैं। इस बीच, जाने-माने संगीतकार और कलाकार विशाल ददलानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर CISF अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है तो वह उसे “नौकरी की गारंटी” देना चाहते हैं।

CISF कांस्टेबल की पहचान कुलविंदर कौर के रूप में हुई है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उसे हिरासत में ले लिया गया और बाद में कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचकर CISF अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई CISF महिला अधिकारी पर करवाई हुई ।

विशाल ने कुलविंदर कौर के निलंबन की कहानी के बाद एक दूसरी इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट की जिसमें उन्होंने लिखा, “कंगना के पक्ष में रहने वालों, अगर उसने कहा होता कि आपकी माँ ‘100 रुपये में उपलब्ध हैं’ तो आप क्या करते?” एक अलग स्टोरी में, उन्होंने यह भी लिखा कि “फिर से अगर कुलविंदर कौर को ड्यूटी से हटा दिया जाता है तो कोई उनसे मुझसे संपर्क कराए और मैं सुनिश्चित करूंगा कि उनको एक अच्छी नौकरी मिले।”

इस बीच कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर थप्पड़ की घटना पर फिल्म उद्योग की चुप्पी को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “राफा गैंग पर सबकी निगाहें हैं, लेकिन यह आपके या आपके बच्चों के साथ भी हो सकता है… जब आप किसी पर आतंकी हमले का जश्न मनाते हैं तो उस दिन के लिए तैयार रहें जब यह आपके पास भी वापस आए।”

बता दें की इस हफ़्ते की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा उम्मीदवार कंगना रनौत लोकसभा के लिए चुनी गईं। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता विक्रमादित्य सिंह को 74,000 से ज़्यादा वोटों से हराया।

बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत और जनशक्ति पार्टी के युवा नेता चिराग पासवान फिर हुए एक, वीडियो वायरल

बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत और जनशक्ति पार्टी के युवा नेता चिराग पासवान फिर हुए एक, वीडियो वायरल
बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत और जनशक्ति पार्टी के युवा नेता चिराग पासवान फिर हुए एक, वीडियो वायरल

एक्ट्रेस कंगना रनौत अपना पॉलिटिकल करियर शुरु कर चुकी हैं. उन्होंने बीजेपी के टिकट पर मंडी सीट जीत ली है और अब वो राजनीति से जुड़े कामों में बिजी हो गई हैं. इस बीच एक्ट्रेस का एक वीडियो इंटरनेट पर ताबड़तोड़ वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपने पुराने दोस्त और को-एक्टर रह चुके चिराग पासवान से मिलती दिखाई दे रही हैं. दोनों कैमरे के सामने एक-दूसरे के गले लगा रहे हैं. इस वीडियो को देखकर लोगों को कंगना और चिराग की फिल्म से जुड़े पुराने दिन याद आ गए हैं. इस वीडियो में दोनों की दोस्ती भी साफ नजर आ रही है. दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद आज शुक्रवार को पुरानी संसद में एनडीए की बैठक हुई है. इस बैठक के दौरान बीजेपी सांसद, घटक दलों के सांसद, अहम नेताओं के साथ भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए. इस बैठक के दौरान कंगना रनौत भी शामिल हुईं. बैठक से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कंगना रनौत, जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और हाजीपुर सांसद चिराग पासवान से मिलती दिखाई दे रही हैं. वीडियो में कंगना को देखकर चिराग उन्हें बुलाते हैं और कंगना आकर उनके गले मिलती हैं. इसके बाद कंगना और चिराग एक-दूसरे के साथ बातें करते हुए और तस्वीर खिंचवाते हुए दिखाई देते हैं. दोनों को एक साथ देखकर सोशल मीडिया यूजर्स को पुराने दिनों की याद आ गई है. बता दें कि कंगना और चिराग ने साल 2011 में फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में एक साथ काम किया था. ये फिल्म एक लव स्टोरी थी जिसके लीड एक्टर्स कंगना और चिराग ही थे.

बेंगलुरु कोर्ट में राहुल गांधी की आज पेशी, जानें किस कारण से हुआ था मानहानि का केस

बेंगलुरु कोर्ट में राहुल गांधी की आज पेशी, जानें किस कारण से हुआ था मानहानि का केस
बेंगलुरु कोर्ट में राहुल गांधी की आज पेशी, जानें किस कारण से हुआ था मानहानि का केस

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को एक मानहानि केस में सुनवाई के लिए बेंगलुरु की एक अदालत पहुंचे. पिछले साल हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़े इस मानहानि केस में कोर्ट ने राहुल गांधी को जमानत दे दी है. इस मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी. भाजपा की कर्नाटक यूनिट की तरफ से दर्ज इस मानहानि केस में राहुल गांधी के अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी आरोपी बनाया गया है. इन तीनों कांग्रेसी नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की तत्कालीन राज्य सरकार को भ्रष्टाचारी बताकर उसके खिलाफ झूठा दुष्प्रचार किया है. कोर्ट ने सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार को 1 जून को ही जमानत दे दी थी, जबकि राहुल गांधी को जमानत शुक्रवार को दी गई है. आपको बता दें कि पिछले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर झूठे दुष्प्रचार के लिए समाचारपत्रों में झूठे विज्ञापन देने का आरोप लगाया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री व भाजपा नेता बासवराज बोम्मई ने इन विज्ञापनों के लिए राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार को जिम्मेदार बताया था. राहुल गांधी पर यह अपमानजनक विज्ञापन अपने ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था.

सुल्तानपुर के MP-MLA कोर्ट में टाली गई सुनवाई

बता दें कि शुक्रवार को ही बेंगलुरु के अलावा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के MP-MLA कोर्ट में भी राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस मामले पर सुनवाई होनी थी। इस मामले की सुनवाई को अब टाल दिया गया है.  इस मामले की सुनवाई अब 18 जून को होगी।सुल्तानपुर जिले के बीजेपी नेता विजय मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मानहानि का केस दर्ज कराया था। राहुल गांधी के खिलाफ 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की गई थी।

मानहानि केस में राहुल गांधी हैं पुराने खिलाड़ी

राहुल गांधी मानहानि के कई मामलों में फंस चुके हैं. राहुल गांधी को इससे पहले गुजरात के सूरत की सीजेएम कोर्ट भी मानहानि के एक केस में दो साल की सजा सुना चुकी है. 23 मार्च, 2023 को सुनाई गई यह सजा उनकी मोदी सरनेम को लेकर किए गए कमेंट से जुड़े मानहानि मामले में की गई थी. इसके चलते 24 मार्च को लेकसभा सचिवालय ने भी राहुल को संसद सस बेदखल कर दिया था. इससे उनकी वायनाड सीट से संसद सदस्यता भी चली गई थी. हालांकि बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा पर रोक लगाकर उन्हें राहत दे दी थी. हालांकि राहुल इससे पहले ही 22 अप्रैल को अपना बंगला खाली कर चुके थे.

INDIA Alliance Breakup: चुनाव खत्म होते ही टूट गया इंडिया गठबंधन, विधानसभा में अकेले लड़ेगी आप

INDIA Alliance Breakup: चुनाव खत्म होते ही टूट गया इंडिया गठबंधन, विधानसभा में अकेले लड़ेगी आप
INDIA Alliance Breakup: चुनाव खत्म होते ही टूट गया इंडिया गठबंधन, विधानसभा में अकेले लड़ेगी आप

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ गए हैं. इसमें आप और कांग्रेस को कुछ खास सफलता नहीं मिली है. इसके साथ ही विपक्षी एकता में दरार नजर आने लगी है. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने रास्ते अलग कर लिए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने इसकी पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए है. दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आप पूरी मजबूती के साथ अकेले उतरेगी. हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह अलायंस सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए है. उन्होंने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हमारी पार्टी दिल्ली को विकास के रास्ते पर और आगे लेकर जाएगी. आचार संहिता की वजह से विकास कार्यों पर रोक लगी थी. फैसला लिया गया है कि सभी विधायक रविवार को अपने इलाके में रहेंगे और जनकल्याण के कार्यों का जायजा लेंगे.’ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और चंडीगढ़ सीट के लिए हुआ था. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार भी किया था. हालांकि, जमीन पर यह गठबंधन उत्तर प्रदेश की तरह सफल नहीं रहा है. पंजाब में दोनों पार्टियां अकेले लड़ी थीं और आप को 3 सीटों पर जीत मिली है. हालांकि, चुनाव नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन की बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.

NEET में Scam: NEET परीक्षा में कहां हुई गड़बड़ी, जाने पूरी खबर, कैसे 67 बच्चों को मिला रैंक 1

NEET में Scam: NEET परीक्षा में कहां हुई गड़बड़ी, जाने पूरी खबर, कैसे 67 बच्चों को मिला रैंक 1
NEET में Scam: NEET परीक्षा में कहां हुई गड़बड़ी, जाने पूरी खबर, कैसे 67 बच्चों को मिला रैंक 1

NEET को लेकर हाल ही में हुए विवादों के बाद भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की सत्यनिष्ठा पर गहन जांच की जा रही है। NEET परीक्षा पर तब और अधिक ध्यान गया जब यह पता चला कि 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए, ये सभी एक ही परीक्षा केंद्र से थे। इस असामान्य पैटर्न ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले सप्ताह NEET के परिणाम घोषित किए गए। हालाँकि उच्च अंक असामान्य नहीं हैं, लेकिन राजस्थान के कोटा में एक ही केंद्र से पूर्ण अंकों की सांद्रता ने शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को समान रूप से चिंतित कर दिया है। इस खुलासे ने NEET आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को मामले की जाँच शुरू करने के लिए प्रेरित किया है।

प्रारंभिक निष्कर्षों में प्रश्नपत्र लीक और उम्मीदवारों और परीक्षा अधिकारियों के बीच मिलीभगत सहित संभावित कदाचार का संकेत मिलता है। NTA ने आश्वासन दिया है कि सच्चाई को उजागर करने के लिए गहन जाँच की जाएगी। एनटीए के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपनी परीक्षाओं में ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा।”

भारत में चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रवेशद्वार माने जाने वाले नीट परीक्षा पर पहले भी लीक और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। हालांकि, एक ही केंद्र से इतने अधिक पूर्ण अंक प्राप्त करने की मौजूदा स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। छात्र और उनके परिवार परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल ईमानदार छात्रों की कड़ी मेहनत को कमजोर करती हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में जनता का विश्वास भी खत्म करती हैं।”

परीक्षा के दिन ही नीट पेपर लीक की खबरें आने लगीं। बिहार समेत अन्य राज्यों में जांच भी शुरू हो गई, जो अब भी जारी है। लेकिन एनटीए ने इन आरोपों को तब खारिज कर दिया था। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा है-

‘एनटीए ने गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। कुछ केस राज्यों की पुलिस के पास भी दर्ज हैं। जहां भी जरूरत है, एनटीए इन जांच एजेंसियों को NEET UG 2024 Cases के मामलों में पूरा सहयोग दे रहा है। हालांकि, इन इन्वेस्टिगेशंस के नतीजे आने अभी बाकी हैं। एनटीए पेपर लीक का कोई भी मामला नकारता है।’

एक्शन मोड में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बागी विधायकों पर लेने जा रहें है बड़ा एक्शन, जा सकती है विधयकी

एक्शन मोड में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बागी विधायकों पर लेने जा रहें है बड़ा एक्शन, जा सकती है विधयकी
एक्शन मोड में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बागी विधायकों पर लेने जा रहें है बड़ा एक्शन, जा सकती है विधयकी

लोकसभा चुनाव 2024 के पहले आखिरी वक्त में समाजवादी पार्टी के कुछ विधायक पार्टी से बगावत कर लिए थे। अब चुनाव हो जाने के बाद समाजवादी पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। चुनाव 2024 के नतीजे सामने आने के बाद जीते हुई पार्टियों में जोश और उत्साह के साथ-साथ एक्शन मोड नजर आ रहा है. दरअसल सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने विधायकों को माफ करने के मूड में नहीं है. इसी संबंध में चर्चा काफी तेज है कि सपा प्रमुख राज्यसभा चुनाव में बागी विधायकों को पार्टी में वापसी करने के मूड में नहीं है. मिली जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी अब बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की तैयारी में है.  सपा के बागी विधायकों में राकेश प्रताप सिंह, विनोद चतुर्वेदी, मनोज पांडेय, अभय सिंह, पूजा पाल, राकेश पांडेय और आशुतोष मौर्य का नाम शामिल हैं. जानकारों की मानें तो अखिलेश नाराज पहले से थे और अब लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद बागियों को बख्शने के पक्ष में नहीं हैं

वहीं इस बीच सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने एक्स पर लिखा कि राज्यसभा चुनाव के समय समाजवादी पार्टी से धोखा देने गद्दार विधायक कल परिणाम आने के बाद से ही अखिलेश यादव को माफी देने का संदेश भेज रहे हैं. इन संदेश में उनका कहना है कि एक बार माफ कर दीजिए और एक मौका दीजिए. उन्होंने कहा कि कुछ करीबियों से पैरवी कर माफी मांगने के लिए समय दिलवाने की भी गुजारिश कर रहे हैं. लेकिन अखिलेश यादव ने गद्दार विधायकों से मिलने से इंकार किया है.

पार्टी वापसी की थी चर्चा 

इस चुनाव समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. उत्तर प्रदेश फैजाबाद सीट के साथ-साथ कन्नौज सीट से भी जीत हासिल हुई. हालांकि अब इस जीत के बाद पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं की घर वापसी की चर्चाएं काफी तेज है. लेकिन अखिलेश यादव इसके मूड में नहीं नजर आ रहे है.

दिल्ली में जल संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश को दिया आदेश, कहा जल्द करें इंतजाम

दिल्ली में जल संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश को दिया आदेश, कहा जल्द करें इंतजाम
दिल्ली में जल संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश को दिया आदेश, कहा जल्द करें इंतजाम

दिल्ली में जल संकट इतना गंभीर हो गया है कि सुप्रीम कोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में जल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि लाखों निवासियों को प्रभावित करने वाली इस तत्काल कमी को दूर किया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा दायर याचिका के जवाब में आया है, जिसमें शहर में पानी की गंभीर कमी को उजागर किया गया था। डीजेबी ने तर्क दिया कि हिमाचल प्रदेश क्षेत्र से आने वाली यमुना नदी से जल प्रवाह में कमी ने दिल्ली की जल आपूर्ति को काफी प्रभावित किया है।

इस मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय राजधानी में जल आपूर्ति से समझौता नहीं किया जा सकता। हिमाचल प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए दिल्ली को उसका उचित हिस्सा मिले।” जिसके बाद राजधानी दिल्ली में जल संकट को दूर करने के लिए पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त जलापूर्ति की मांग वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर आज यानि गुरुवार (6 जून) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली को अतिरिक्त पानी देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को 137 क्यूसेक पानी रिलीज करने का निर्देश दिया है। हरियाणा दिल्ली को पानी रिलीज करने की सुविधा देगा।

20 मिलियन से अधिक लोगों का घर दिल्ली कई वर्षों से जल संकट से जूझ रहा है, लेकिन हाल के महीनों में स्थिति और खराब हो गई है। शहर की बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग ने इसके पहले से ही सीमित संसाधनों पर और दबाव डाला है। डीजेबी ने बताया है कि यमुना में पानी का स्तर चिंताजनक रूप से कम हो गया है, जिससे संकट और बढ़ गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि दिल्ली को पानी की आपूर्ति बनी रहे। हम जल संसाधनों के प्रबंधन और वितरण के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे।”

कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश यमुना में निरंतर प्रवाह बनाए रखने के लिए अपने जलाशयों से पानी की रिहाई बढ़ाए। इस उपाय से दिल्ली की जल आपूर्ति पर तत्काल दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है।

दिल्ली के निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बहुत जरूरी राहत मिलेगी। पूर्वी दिल्ली के निवासी राजेश कुमार ने कहा, “हम हफ्तों से पानी की भारी कटौती और राशनिंग का सामना कर रहे हैं।