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प्राइवेट पार्ट में लगभग 1 किलो सोना मिलने के बाद कोलकाता की एयर होस्टेस गिरफ्तार जानें पूरी खबर

प्राइवेट पार्ट में लगभग 1 किलो सोना मिलने के बाद कोलकाता की एयर होस्टेस गिरफ्तार जानें पूरी खबर
प्राइवेट पार्ट में लगभग 1 किलो सोना मिलने के बाद कोलकाता की एयर होस्टेस गिरफ्तार जानें पूरी खबर

कन्नूर, केरल: डीआरआई के एक सूत्र ने आज बताया कि मस्कट से कन्नूर तक लगभग एक किलोग्राम सोना कथित तौर पर अपने प्राइवेट पार्ट में छिपाकर लाने के आरोप में एक एयर होस्टेस को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई कोचीन की विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई-कन्नूर) के अधिकारियों ने 28 मई को मस्कट से कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची कोलकाता की मूल निवासी सुरभि खातून नामक केबिन क्रू सदस्य को रोका।

सूत्र ने समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताया कि उसकी व्यक्तिगत तलाशी के परिणामस्वरूप उसके प्राइवेट पार्ट में छिपाकर लाया गया 960 ग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ। सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि पूछताछ और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और कन्नूर की महिला जेल में 14 दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया गया। सूत्र ने दावा किया कि यह भारत में पहला मामला है, जहां एयरलाइन क्रू सदस्य को प्राइवेट पार्ट में सोना छिपाकर लाने के आरोप में पकड़ा गया है।

विस्तृत जांच शुरू हो गई है और अब तक मिले सबूतों से पता चलता है कि वह पहले भी कई बार सोने की तस्करी कर चुकी है। सूत्र ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया को बताया कि तस्करी गिरोह में केरल के लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस मुद्दे पर एयरलाइन के प्रतिनिधि से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

RBI’s Financial Growth: FY2024-25 में वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान, जानिए क्या महंगाई से मिलेगी राहत

RBI’s Financial Growth: FY2024-25 में वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान, जानिए क्या महंगाई से मिलेगी राहत
RBI’s Financial Growth: FY2024-25 में वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान, जानिए क्या महंगाई से मिलेगी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय मजबूती के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, वित्तीय वर्ष के लिए अपनी बैलेंस शीट के आकार में 11% की वृद्धि की सूचना दी है। इस विस्तार ने RBI की बैलेंस शीट को प्रभावशाली ₹60 ट्रिलियन तक पहुंचा दिया है, जो अब पड़ोसी पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद से ढाई गुना अधिक है।

रिपोर्ट में COVID-19 महामारी के मद्देनजर देश की मौद्रिक नीति, वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सुधार के प्रबंधन में RBI के सक्रिय उपायों पर प्रकाश डाला गया है। बैलेंस शीट में उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय सरकारी प्रतिभूतियों, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और बढ़े हुए घरेलू बाजार संचालन में बढ़े हुए निवेश को दिया जाता है।

RBI के गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने वृद्धि पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारी बैलेंस शीट के आकार में 11% की वृद्धि वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और भारत की आर्थिक वृद्धि का समर्थन करने के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारे रणनीतिक हस्तक्षेप और विवेकपूर्ण प्रबंधन ने हमें आर्थिक अनिश्चितताओं से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाया है।

यह विस्तार विशेष रूप से पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में उल्लेखनीय है, जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार लगभग $347 बिलियन (लगभग ₹25.8 ट्रिलियन) है। RBI की बैलेंस शीट इस आंकड़े से ढाई गुना अधिक है, जो भारत के केंद्रीय बैंक की सापेक्ष वित्तीय ताकत और पैमाने को रेखांकित करता है।

वार्षिक रिपोर्ट में इस वृद्धि के कई प्रमुख कारकों का विवरण दिया गया है, जिसमें RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में पर्याप्त वृद्धि शामिल है, जो वित्तीय वर्ष के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न साधनों के माध्यम से अर्थव्यवस्था में तरलता डालने की केंद्रीय बैंक की नीतियों ने वित्तीय बाजारों को स्थिर करने और आर्थिक गतिविधि का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वित्तीय विश्लेषकों ने RBI के प्रदर्शन की सराहना की है, यह देखते हुए कि इसकी बैलेंस शीट में वृद्धि केंद्रीय बैंक के स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों का प्रबंधन करने की उसकी क्षमता का एक सकारात्मक संकेतक है। इसके अलावा, आरबीआई की बढ़ी हुई बैलेंस शीट से भारत की आर्थिक लचीलापन और बाहरी झटकों को झेलने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति सतत वृद्धि और विकास के उद्देश्य से भविष्य की आर्थिक नीतियों के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती है। निष्कर्ष रूप में, भारतीय रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट के आकार में 11% की वृद्धि न केवल इसके मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि भारत की आर्थिक स्थिरता और विकास का समर्थन करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करती है। जैसा कि आरबीआई वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की जटिलताओं को नेविगेट करना जारी रखता है, इसका वित्तीय स्वास्थ्य देश की आर्थिक रणनीति का आधार बना हुआ है।

जर्मनी से लौटने के बाद एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना को किया गिरफ्तार, SIT ने मां को भेजा नोटिस

जर्मनी से लौटने के बाद एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना को किया गिरफ्तार, SIT ने मां को भेजा नोटिस
जर्मनी से लौटने के बाद एसआईटी ने प्रज्वल रेवन्ना को किया गिरफ्तार, SIT ने मां को भेजा नोटिस

पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते और प्रमुख राजनीतिक हस्ती प्रज्वल रेवन्ना को जर्मनी से लौटने के बाद विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी कल देर रात बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई, जो चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

निजी यात्रा पर जर्मनी गए रेवन्ना को एक हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामले के संबंध में एसआईटी द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिया गया। मामले के विवरण में वित्तीय कदाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं, जिनकी कई दिनों से जांच चल रही है।

एसआईटी के एक अधिकारी ने कहा, “यौन शोषण मामले में उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करने वाले पर्याप्त सबूतों को देखते हुए प्रज्वल रेवन्ना की गिरफ्तारी जरूरी थी। हम विस्तृत पूछताछ के लिए आगे की हिरासत की मांग करने के लिए आज उन्हें कोर्ट में पेश करेंगे।”

मीडिया ट्रायल ना करने की अपील

प्रज्वल रेवन्ना का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अरुण ने कहा कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनके पास ठोस सबूत नहीं हैं। “हमारा मानना ​​है कि यह गिरफ्तारी प्रज्वल रेवन्ना की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की एक चाल है। हमें पूरा भरोसा है कि अदालत इस पर गौर करेगी और उन्हें जमानत देगी,”।, आगे उन्होंने कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए आगे आए हैं। मीडिया से उनका अनुरोध है कि कोई मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। उन्हें होलेनरासीपुरा मामले में गिरफ्तार किया गया है।

चूंकि प्रज्वल रेवन्ना को आज अदालत में पेश किया जाना है, इसलिए कार्यवाही पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी, जिसका उनके राजनीतिक करियर और व्यापक जांच दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। एसआईटी से उम्मीद की जाती है कि वह गिरफ्तारी को सही ठहराने के लिए विस्तृत सबूत पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग करेगी।

मेड ने लगाए थे आरोप

28 अप्रैल को इस मामले में प्रज्वल रेवन्ना के घर काम करने वाली मेड ने उनपर और उनके पिता एचजी रेवन्ना पर यौन  शोषण का आरोप लगाया था. मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पीड़ित मेड प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना की पत्नी भवानी की रिश्तेदार हैं. उन्हें 2019 में उनके बेटे सूरज की शादी में काम करने के लिए बुलाया गया था. तब से लेकर अब तक वह वहीं उनके घर ही काम कर रही हैं.

आरोपों को बताया झूठा

अब तक इस मामले में वीडियो वायरल हुआ था. जिसकी चर्चा काफी दूरो दूर तक हुई थी. आपको बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना हसन सीट से सांसद भी हैं. इस बार लोकसभा 2024 के चुनाव में वह मैदान में है. वहीं विदेश यात्रा पर जाने के बाद रेवन्ना ने कहा था कि 31 मई को SIT टीम सामने पेश होंगे. हालांकि एसआईटी की टीम उनपर लगे आरोपों की जांच कर रही है. साथ ही रेवन्ना की ओर से यौन शोषण मामले को झूठा और राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया गया है. . उनका कहना है कि इसकी वजह से वह डिप्रेशन में चले गए हैं.

SIT ने मां को भेजा नोटिस

प्रज्वल रेवन्ना केस से जुड़ी बड़ी खबर, SIT ने प्रज्वल रेवन्ना की मां भवानी रेवन्ना को नोटिस जारी किया। भवानी रेवन्ना को 1 जून को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया। होलेनरसीपुर स्थित उनके घर पर ही पूछताछ करेगी SIT

दिल्ली में पानी का गंभीर संकट सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांगी मदद

दिल्ली में पानी का गंभीर संकट सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांगी मदद
दिल्ली में पानी का गंभीर संकट सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांगी मदद

बढ़ते तापमान और घटते जल स्तर के कारण दिल्ली में पानी का गंभीर संकट है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाखों निवासियों की भलाई के लिए खतरा बने इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल मदद की अपील की है।

दिल्ली में पानी की कमी के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें अपर्याप्त वर्षा, भूजल का अत्यधिक दोहन और यमुना नदी का घटता जल स्तर शामिल है, जो शहर के लिए पानी का प्राथमिक स्रोत है। हाल के हफ्तों में तापमान में तेजी से वृद्धि होने के कारण पानी की मांग बढ़ गई है, जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी की भारी कमी हो गई है।

एक सार्वजनिक बयान में सीएम केजरीवाल ने स्थिति की गंभीरता और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “दिल्ली अभूतपूर्व जल संकट का सामना कर रही है। हम स्थिति को संभालने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल सहायता की आवश्यकता है कि हमारे नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति हो सके।” शहर में जलापूर्ति के लिए जिम्मेदार एजेंसी दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने बताया है कि यमुना नदी में जल स्तर बहुत कम हो गया है। डीजेबी के उपाध्यक्ष ने कहा, “वजीराबाद तालाब में जल स्तर बहुत कम हो गया है, जिससे जल उपचार संयंत्रों की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। हम उपलब्ध पानी को राशन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति बहुत खराब है।”

केंद्र सरकार से संकट को कम करने में मदद के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से पानी का आवंटन बढ़ाने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, सीएम केजरीवाल ने स्थानीय जल निकायों और वर्षा जल संचयन परियोजनाओं के पुनरुद्धार जैसे दीर्घकालिक समाधानों के त्वरित क्रियान्वयन का आह्वान किया है।

दिल्ली के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को रुक-रुक कर पानी की आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है, कुछ इलाकों में तो हर दिन केवल कुछ घंटों के लिए ही पानी मिल रहा है। इससे लोगों में निराशा और विरोध बढ़ रहा है, क्योंकि लोग अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने भविष्य में इस तरह के संकटों को रोकने के लिए स्थायी जल प्रबंधन प्रथाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। “भारत के जलपुरुष” के रूप में जाने जाने वाले जल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा, “दिल्ली को अपने जल संसाधनों के संरक्षण, जल अवसंरचना में सुधार और कुशल जल उपयोग प्रथाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।”

जैसे-जैसे दिल्ली का जल संकट गहराता जाएगा, राजधानी के निवासियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल राहत प्रदान करने और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में राज्य और केंद्र सरकारों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण होगा।

Ahilyabai Holkar Jayanti: एक ऐसी रानी भारत के मंदिरों की रुप रेखा बदल दी

Ahilyabai Holkar Jayanti: एक ऐसी रानी भारत के मंदिरों की रुप रेखा बदल दी
Ahilyabai Holkar Jayanti: एक ऐसी रानी भारत के मंदिरों की रुप रेखा बदल दी

आज, पूरा देश अहिल्याबाई होल्कर जयंती मना रहा है, जो भारत की सबसे सम्मानित रानियों में से एक की जयंती है। 31 मई, 1725 को जन्मी अहिल्याबाई होल्कर को समाज, शासन और वास्तुकला में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए याद किया जाता है। उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती है, जो परोपकार, लचीलापन और नेतृत्व के गुणों को दर्शाती है।

मध्य भारत में मालवा साम्राज्य की रानी अहिल्याबाई होल्कर अपनी प्रशासनिक कुशलता और परोपकारी पहलों के लिए प्रसिद्ध हैं। 1767 में अपने पति और ससुर की मृत्यु के बाद सत्ता में आने के बाद, अहिल्याबाई ने अद्वितीय बुद्धिमत्ता और करुणा के साथ शासन किया। उन्हें इंदौर को एक समृद्ध शहर बनाने और अपने लोगों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई मंदिरों, धर्मशालाओं (विश्राम गृहों), कुओं और सड़कों का निर्माण करने का श्रेय दिया जाता है।

उनके सबसे उल्लेखनीय वास्तुशिल्प योगदानों में से एक वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर है, जिसे उन्होंने ध्वस्त होने के बाद फिर से बनवाया। उनका संरक्षण भारत भर के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक फैला हुआ था, जिसमें गया, सोमनाथ और द्वारका शामिल हैं। उनके शासन को अक्सर इसकी समावेशिता और धार्मिक सहिष्णुता के लिए उजागर किया जाता है, जिसने एक सामंजस्यपूर्ण और समृद्ध समाज को बढ़ावा दिया।

इतिहासकार डॉ. पी. नारायण ने टिप्पणी की, “अहिल्याबाई होल्कर केवल एक रानी नहीं थीं, बल्कि एक दूरदर्शी थीं, जिन्होंने प्रशासन, सामाजिक सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास में अपने अथक प्रयासों के माध्यम से अपने राज्य को बदल दिया। उनकी विरासत सुशासन और परोपकार का एक शानदार उदाहरण है।”

देश भर में, उनकी स्मृति को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सेवा पहल शामिल हैं। स्कूल और कॉलेज छात्रों को उनके योगदान और मूल्यों के बारे में शिक्षित करने के लिए विशेष व्याख्यान आयोजित कर रहे हैं।

इंदौर में, जो उनकी पूर्व राजधानी थी, अहिल्याबाई होल्कर की एक प्रतिमा उनकी चिरस्थायी विरासत की याद दिलाती है। इस उत्सव में पुष्पांजलि और प्रार्थनाएँ की जाती हैं, जिसमें सभी क्षेत्रों के लोग रानी को श्रद्धांजलि देने के लिए भाग लेते हैं जिन्होंने अपना जीवन अपने लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

जबकि राष्ट्र अहिल्याबाई होल्कर जयंती मना रहा है, उनका जीवन और उपलब्धियाँ हमें दयालु और दूरदर्शी नेतृत्व के गहन प्रभाव की याद दिलाती हैं। उनका योगदान भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक प्रकाश का स्रोत बना हुआ है।

“श्री शंकर कृपे करूण”

अपने देश की संस्कृति का जो आधार है, उसको पुष्ट करने के लिए देश में अनेक स्थानों पर उन्होंने मंदिर बनवाए। स्वयं राज्य करती थीं, तो भी अपने को राजा नहीं मानती थीं। “श्री शंकर कृपे करूण” ऐसा लिखती थीं। श्री शंकर आज्ञेय कुरूण – शिव भगवान की आज्ञा से राज्य चला रहीं हैं, ऐसा उनका भाव था। उन्होंने कई जगह मंदिर बनवाए, नदियों पर घाट बनवाए, धर्मशालाएं बनवाई। उन्होंने सारे भारत में यह कार्य किया। जो धर्मयात्राओं के मार्ग थे और व्यापारिक आने जाने के मार्ग थे, उन पर यह सारे काम किए ताकि पूर्ववत भारत की सारी जनता का आना जाना अपने सांस्कृतिक स्थलों में और अपनी आजीविका के लिए सर्वत्र चलता रहे। एकात्मता बनती रहे, बढ़ती रहे। इतना दूर का विचार करके उन्होंने यह काम किया और विशेष है कि अपनी धर्म श्रद्धा के कारण किया। इसलिए उन्होंने यह सारा काम अपनी निजी संपत्ति में से किया।

रानी होने के बावजूद सादगी से रहती थीं

स्वयं रानी होकर बहुत सादगी से रहती थीं। इस प्रकार प्रजा का पालन, राज्य का संचालन, राज्य की सुरक्षा, देश की एकात्मता-अखंडता, सामाजिक समरसता, सुशीलता और सादगी, इनका आदर्श रखने वाली एक महिला राज्यकर्ता, आदर्श महिला इस प्रकार पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई का चित्र हमारे सामने है। आज की हमारी स्थिति में भी हमारे लिए वो एक आदर्श है, उनका अनुकरण करने के लिए वर्ष भर उनका स्मरण करने का प्रयास सर्वत्र चलने वाला है, यह अतिशय आनंद की बात है। उस प्रयास को सब प्रकार की शुभकामना देता हुआ मैं अपना कथन समाप्त करता हूं।

दिल्ली गर्म है लेकिन अभी 52.9 डिग्री सेल्सियस नहीं, आईएमडी से हुई बड़ी चूक

दिल्ली गर्म है लेकिन अभी 52.9 डिग्री सेल्सियस नहीं, आईएमडी से हुई बड़ी चूक
दिल्ली गर्म है लेकिन अभी 52.9 डिग्री सेल्सियस नहीं, आईएमडी से हुई बड़ी चूक

52.9 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड-तोड़ तापमान की रिपोर्ट से दिल्ली के निवासी चिंतित थे, लेकिन मौसम विभाग ने बाद में स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा गलत था और संभवतः सेंसर की त्रुटि के कारण हुआ था। बुधवार को शुरू में रिपोर्ट की गई गलत रीडिंग ने जल्द ही व्यापक चिंता और अविश्वास को जन्म दिया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया। IMD के प्रवक्ता ने कहा, “52.9 डिग्री सेल्सियस का रिपोर्ट किया गया तापमान सेंसर की खराबी का परिणाम था। गहन जांच के बाद, हमने निर्धारित किया है कि उस दिन दिल्ली में वास्तविक तापमान काफी कम था।”

जब मौसम विज्ञानियों ने संदिग्ध रीडिंग को पास के मौसम स्टेशनों और ऐतिहासिक तापमान रिकॉर्ड के डेटा के साथ क्रॉस-रेफरेंस किया, तो त्रुटि की पहचान हुई। किसी भी अन्य स्टेशन ने 52.9 डिग्री के निशान के आसपास तापमान की सूचना नहीं दी। प्रवक्ता ने कहा, “इस तरह का अत्यधिक तापमान दिल्ली के लिए अभूतपूर्व और शारीरिक रूप से असंभव है, खासकर साल के इस समय में।” आईएमडी ने जनता को आश्वस्त किया है कि दोषपूर्ण सेंसर की पहचान कर ली गई है और भविष्य में गलतियां होने से रोकने के लिए इसे फिर से कैलिब्रेट किया जा रहा है। उन्होंने विश्वसनीय और सटीक मौसम डेटा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया, सार्वजनिक सुरक्षा और दैनिक जीवन के लिए ऐसी जानकारी के महत्व को स्वीकार किया।

भारत के अधिकांश हिस्सों की तरह दिल्ली में भी बहुत गर्मी पड़ती है, खासकर गर्मियों के महीनों में। हालांकि, शहर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो जून 2019 में दर्ज किया गया था। 52.9 डिग्री की गलत रिपोर्ट ने इस रिकॉर्ड को काफी हद तक तोड़ दिया होगा, जिससे सटीक डेटा सत्यापन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।

मौसम विज्ञानियों और जलवायु विशेषज्ञों ने तुरंत रिपोर्ट किए गए आंकड़े की असंभवता की ओर इशारा किया। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के जलवायु वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र कुमार ने कहा, “52.9 डिग्री सेल्सियस का तापमान पृथ्वी पर अब तक दर्ज किए गए सबसे अधिक तापमानों में से एक होगा, जो वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म क्षेत्रों को भी पीछे छोड़ देगा। तत्काल सत्यापन आवश्यक था।”

आईएमडी के त्वरित सुधार ने लोगों की चिंता को कम करने और मौसम रिपोर्टिंग प्रणाली में विश्वास को फिर से स्थापित करने में मदद की है। आगे बढ़ते हुए, विभाग रिपोर्ट किए गए डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जाँच लागू करने की योजना बना रहा है।

निष्कर्ष में, दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ तापमान की प्रारंभिक रिपोर्ट सेंसर की त्रुटि का परिणाम थी, न कि वास्तविक मौसम की स्थिति का प्रतिबिंब। आईएमडी की त्वरित प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण मौसम संबंधी रिपोर्टिंग में कठोर डेटा सत्यापन के महत्व को रेखांकित करता है।

आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, डूंगरपुर प्रकरण में 10 साल की सजा

आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, डूंगरपुर प्रकरण में 10 साल की सजा
आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, डूंगरपुर प्रकरण में 10 साल की सजा

रामपुरः डूंगरपुर प्रकरण के एक मुकदमे में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को 10 साल और उनके करीबी ठेकेदार बरकत अली को सात साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आजम खान और बरकत अली को बुधवार को दोषी ठहराया गया था। आजम खान सीतापुर और ठेकेदार रामपुर जेल मे है। दोनों की जेल से ही वीडियो कान्फ्रेंस से पेशी हुई।

क्या है डूंगरपुर प्रकरण ?

सपा सरकार में 2016 में डूंगरपुर बस्ती में रह रहे लोगों के मकान तोड़कर आसरा आवास बनाए गए थे। वर्ष 2019 में बेघर 12 लोगों ने गंज कोतवाली में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप था कि सपा सरकार में आजम खान के इशारे पर पुलिस और सपाइयों ने उनके घरों को जबरन खाली कराया था। उनका सामान लूट लिया और मकानों को ध्वस्त कर दिया था। आजम के खिलाफ आठ मुकदमों में आ चुका है फैसला। इससे पहले आजम खान के खिलाफ आठ मुकदमों में फैसला आ चुका है। पांच में उन्हें सजा हुई है, जबकि तीन में बरी हो चुके हैं। एक मामले में उनको सात साल की सजा हुई थी। जिसमें उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। लेकिन, अन्य मामलों में सजा होने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी है। आजम पर 84 मुकदमे अभी विचाराधीन हैं।

Anant Ambani-Radhika Merchant Wedding: मुंबई में होगी अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी, शादी का कार्ड वायरल

मुंबई में होगी अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी शादी का कार्ड वायरल
मुंबई में होगी अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी शादी का कार्ड वायरल

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट वर्तमान में एक क्रूज पर अपनी दूसरी प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की मेजबानी कर रहे हैं, वहीं उनकी बहुप्रतीक्षित शादी के बारे में विवरण ऑनलाइन सामने आए हैं। वायरल जानकारी के अनुसार, अनंत 12 जुलाई, 2024 को राधिका के साथ फेरे लेंगे। शादी के लिए एक सेव द डेट आमंत्रण सोशल मीडिया पर सामने आया है और इसमें जगह, कार्यक्रम, ड्रेस कोड और आगामी समारोह के बारे में अधिक जानकारी दी गई है। पारंपरिक लाल और सुनहरे रंग के सेव द डेट आमंत्रण और उसमें उल्लिखित सभी विवरणों नीचे दिए गए हैं।

जानें अनंत अंबानी-राधिका मर्चेंट की शादी की तारीख और जगह

अंतर्राष्ट्रीय स्थल की अफवाहों के विपरीत, अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की बहुप्रतीक्षित शादी मुंबई में होगी। शादी समारोह 12 से 14 जुलाई तक बीकेसी में मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाले जियो वर्ल्ड सेंटर में होंगे। यह वही स्थान है जहाँ मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी ने श्लोका मेहता के साथ शादी की थी। दोनों ने मार्च 2019 में शादी की थी। ऑनलाइन वायरल हो रहे निमंत्रण के अनुसार, शुभ विवाह या शुभ विवाह समारोह शुक्रवार, 12 जुलाई को होगा। इसके लिए मेहमानों को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने होंगे। शनिवार, 13 जुलाई को शुभ आशीर्वाद या दिव्य आशीर्वाद समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए ड्रेस कोड भारतीय औपचारिक है। रविवार, 14 जुलाई को मंगल उत्सव या विवाह समारोह होगा। मेहमानों को उसी उत्सव के लिए भारतीय ठाठ परिधान पहनने होंगे। मुख्य विवाह समारोह और समारोह पारंपरिक वैदिक हिंदू मानकों के अनुसार किए जाएंगे।

विवेकानंद रॉक पर आज से पीएम मोदी का 45 घंटे का ध्यान, जाने क्यों हो रही है इसपर सियासत

विवेकानंद रॉक पर आज से पीएम मोदी का 45 घंटे का ध्यान, जाने क्यों हो रही है इसपर सियासत
विवेकानंद रॉक पर आज से पीएम मोदी का 45 घंटे का ध्यान, जाने क्यों हो रही है इसपर सियासत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (30 मई 2024) को आखिरी चरण के चुनाव प्रचार के समापन के बाद 45 घंटे के ध्यान के लिए विवेकानंद रॉक मेमोरियल में जाएंगे. पीएम के आगमन और उनके कार्यक्रम को लेकर वहां तैयारियां जोरों पर चल रहीं हैं. पीएम मोदी के ध्यान के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया जाएगा.

तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक वह ध्यान करेंगे. इन दो दिनों तक समुद्र तट पर पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुरुवार से शनिवार तक समुद्र तट पर्यटकों के लिए बंद रहेगा और प्राइवेट बोट्स (नावों) को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पीएम मोदी वहां हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे. हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल किया जा चुका है.

रिपोर्टों के अनुसार, पीएम मोदी सबसे पहले तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे और वहां से एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कन्याकुमारी जाएंगे. पीएम के वहां पहुंचने का समय शाम करीब 4:35 बजे है. वहां वह सूर्यास्त देखेंगे और फिर ध्यान में बैठेंगे. वह 1 जून को दोपहर 3:30 बजे कन्याकुमारी से लौटेंगे.

विवेकानंद रॉक क्यों?

पीएम मोदी के ध्यान के लिए इस स्थान को इसलिए चुना गया है क्योंकि माना जाता है कि स्वामी विवेकानंद को यहीं दिव्य दर्शन प्राप्त हुए थे. बीजेपी नेताओं के अनुसार, पीएम मोदी ने ध्यान के लिए जिस चट्टान को चुना, उसका विवेकानंद के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा और यह भिक्षु के जीवन में गौतम बुद्ध के लिए सारनाथ के समान ही महत्व रखता है. यहीं पर विवेकानंद देश भर में घूमने के बाद पहुंचे थे और तीन दिनों तक ध्यान करने के बाद उन्होंने विकसित भारत का सपना देखा था.

पीटीआई के हवाले से बीजेपी के एक नेता ने कहा, “उसी स्थान पर ध्यान करना स्वामी जी के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” नेता ने कहा कि इस स्थान को पवित्र ग्रंथों में देवी पार्वती की ओर से भगवान शिव के लिए ध्यान करने के स्थान के रूप में भी बताया गया है.

विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध

नरेंद्र मोदी की ‘ध्यान साधना से कांग्रेस को बड़े नुकसान का डर हो सकता है। शायद इसीलिए पीएम मोदी के कन्याकुमारी दौरे को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री 48 घंटे की मौन अवधि के दौरान ‘मौन व्रत’ रख रहे हैं, जब किसी को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मौन व्रत आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होगा। हमने चुनाव आयोग के सामने दो मांगें रखी हैं। पहली ये कि पीएम मोदी अपना मौन व्रत चुनाव अवधि से 24 या 48 घंटे बाद शुरू करें। एक जून के बाद से वो किसी भी तरह का आध्यात्मिक मौन व्रत कर सकते हैं, अगर वो चाहें तो। दूसरी ये कि अगर प्रधानमंत्री 30 मई से मौन व्रत शुरू करते हैं कि इसके मीडिया प्रसारण पर रोक होनी चाहिए। सिंघवी का कहना है कि ये या तो प्रचार जारी रखने या फिर खुद को सुर्खियों में बनाए रखने के हथकंडे हैं। जिसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चुनाव आयोग में जाने की धमकी दे रही हैं। ममता बनर्जी कहती हैं कि अगर प्रधानमंत्री मोदी का कन्याकुमारी में ध्यान का प्रसारण किया गया तो तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग से शिकायत करेगी। ममता का आरोप है कि ये आचार संहिता का उल्लंघन होगा।

पेटीएम के शेयर खरीद सकते हैं गौतम अडानी, वन97 कम्युनिकेशंस में हो सकती है उनकी हिस्सेदारी

पेटीएम के शेयर खरीद सकते है गौतम अडानी, वन97 कम्युनिकेशंस में हो सकती है उनकी हिस्सेदारी
पेटीएम के शेयर खरीद सकते है गौतम अडानी, वन97 कम्युनिकेशंस में हो सकती है उनकी हिस्सेदारी

टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से बताया कि अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने मंगलवार को “सौदे की रूपरेखा को अंतिम रूप देने” के लिए अहमदाबाद में अडानी के कार्यालय का दौरा किया।

हालांकि, पेटीएम ने एक्सचेंज फाइलिंग में ऐसी किसी भी चर्चा से इनकार किया है। ईटी नाउ ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि विजय शेखर शर्मा की वन97 कम्युनिकेशंस में निजी हिस्सेदारी बेचने की कोई योजना नहीं है।

पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में बीएसई पर 5% की उछाल आई। सुबह 9:21 बजे यह 4.99% की बढ़त के साथ 359.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 318 अंक नीचे था।

यदि उक्त सौदे पर सफलतापूर्वक बातचीत की जाती है, तो यह बंदरगाहों से लेकर हवाई अड्डों तक के समूह के फिनटेक उद्योग में प्रवेश का संकेत होगा, और यह इसे Google Pay, वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले PhonePe और मुकेश अंबानी के Jio Financial जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले खड़ा करेगा।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अडानी और शर्मा लंबे समय से बातचीत कर रहे हैं, मंगलवार को अहमदाबाद में अडानी कॉरपोरेट हाउस में उनकी हालिया बैठक में “सौदे की रूपरेखा को अंतिम रूप देने” पर ध्यान केंद्रित किया गया।

रिपोर्ट किए गए सूत्रों ने यह भी उल्लेख किया कि अडानी पश्चिम एशियाई फंडों को वन 97 में निवेशक के रूप में आकर्षित करने के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं, यह वह कंपनी है जिसने भारत में मोबाइल भुगतान में अग्रणी भूमिका निभाई है।

विजय शेखर शर्मा के पास वन 97 कम्युनिकेशंस का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा है, जिसमें मंगलवार को स्टॉक के 342 रुपये प्रति शेयर के बंद भाव के आधार पर उनकी हिस्सेदारी का मूल्य 4,218 करोड़ रुपये है। वह सीधे पेटीएम के 9 प्रतिशत और विदेशी इकाई रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट के माध्यम से 10 प्रतिशत के मालिक हैं। वन 97 के स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, शर्मा और रेसिलिएंट दोनों को सार्वजनिक शेयरधारक के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

वन 97 के अन्य प्रमुख शेयरधारकों में निजी इक्विटी फंड सैफ पार्टनर्स शामिल हैं, जिसकी 15% हिस्सेदारी है, जैक मा द्वारा स्थापित एंटफिन नीदरलैंड्स, जिसकी 10% हिस्सेदारी है, और कंपनी के निदेशक, जिनके पास सामूहिक रूप से 9% हिस्सेदारी है। शर्मा द्वारा 2007 में स्थापित, वन 97 का आईपीओ देश में दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था, और कंपनी का वर्तमान में बाजार पूंजीकरण 21,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

पेटीएम ओडिसी वन 97 शुरू में एक रिचार्ज प्लेटफॉर्म था, जिसने बाद में अपने भुगतान और मर्चेंट अधिग्रहण संचालन को पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) में बदल दिया। हालांकि, आरबीआई ने 15 मार्च से व्यापारियों सहित ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को किसी भी ग्राहक खाते, वॉलेट और फास्टैग में जमा, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया।

कंपनी ने अपना ध्यान यूपीआई भुगतान, वितरण और व्यापारी स्वीकृति पर केंद्रित कर दिया। इस महीने की शुरुआत में वन97 ने कहा था कि उसका घाटा बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा कि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी को 167.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

पेटीएम ने एक बयान में कहा कि “हमारे चौथी तिमाही के वित्त वर्ष 24 के नतीजे UPI संक्रमण आदि के कारण अस्थायी व्यवधान और PPBL प्रतिबंध के कारण स्थायी व्यवधान से प्रभावित हुए। पेटीएम ने 2,267 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो साल-दर-साल 3 प्रतिशत की मामूली गिरावट है। हमारा योगदान मार्जिन UPI ​​प्रोत्साहनों सहित 57 प्रतिशत और UPI प्रोत्साहनों को छोड़कर 51 प्रतिशत था।

पेटीएम ने नौकरियों में कटौती की भी चेतावनी दी और कहा कि वह अपनी पहली बिक्री में रिकॉर्ड गिरावट की रिपोर्ट करने के बाद गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों में कटौती करेगा, जो एक नियामक जांच से होने वाली गिरावट को दर्शाता है।