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चुनाव आयोग ने दिलीप घोष-सुप्रिया श्रीनेत को लगाई फटकार, कहा बयानों में रखें सवाधानी, महिलाओं को अपमान नहीं स्वीकार

Kangana Ranaut, Supriya Shrinate
Kangana Ranaut, Supriya Shrinate

चुनाव आयोग ने 1 अप्रैल को महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए भाजपा नेता दिलीप घोष और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत को फटकार लगाई थी। जिसके बाद EC ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को महिलाओं की गरिमा बढ़ाने के रूप में देखता है और इसकी स्थिति में गिरावट का कोई प्रयास स्वीकार नहीं होगा। साथ ही आयोग ने दिलीप घोष और सुप्रिया श्रीनेत को आचार संहिता उल्लंघन को लेकर नोटिस दिया गया था। जिस पर चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों नेताओं ने माना कि उन्होंने गलत बोला है।

किस लिए EC ने लगाई दोनों नेताओं को फटकार

दरअसल, भाजपा ने बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री कंगना रनोट को लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी से अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कंगना रनोट पर अभद्र टिप्पणी की थी। सुप्रिया के अकाउंट से लिखा गया था कि “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”

विवाद के बाद श्रीनेत ने अपने सभी सोशल अकाउंट्स से दिए गए विवादित स्टेटमेंट को हटा दिया। और उनकी तरफ से कहा गया कि ये पोस्ट मैने नहीं कि थी। साथ ही उन्होने सफाई देते हुए कहा कि मेरे अकाउंट का कई लोगों के पास एक्सेस है।

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इसके अलावा, दिलीप घोष का तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के बारे में अपमानजनक स्टेटमेंट बोलते हुए एक वीडियो रिकार्ड किया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने ममता के बारे में दिए गए अपमानजनक स्टेटमेंट के लिए माफी मांगी।

संजय सिंह को मिली जमानत, ED की चार्जशीट में हुई थी बड़ी गलती!

Sanjay Singh

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को जमानत दे दी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पीबी वराले हैं । मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजय सिंह को पिछले साल 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ED से सवाल किया गया कि क्या संजय सिहं को और जेल में रखने कि जरूरत है? साथ ही कोर्ट को संजय सिंह के वकिल ने बताया था कि मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि नहीं हुई है और मनी ट्रेल का भी पता नहीं चला है। इसके बावजूद संजय सिंह 6 महीने से जेल में हैं। इसके बाद ED ने अदालत से कहा कि हमें जमानत को लेकर कोई ऐतराज नहीं है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिह को जमालत दे दी

क्या हुई थी ED से गलती

दिल्ली शराब घोटाला केस में इसी साल जनवरी में ED ने अपनी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जोड़ा था। मई 2023 में संजय सिंह ने दावा किया कि ED ने उनका नाम गलती से जोड़ दिया है। ED ने इस पर कहा- हमारी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। जिसमें से से तीन जगह नाम सही लिखा गया है और सिर्फ एक जगह टाइपिंग की गलती हो गई थी।

शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार

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शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार:

शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार

शराब नीति घोटाले मामले में दिल्ली की मंत्री आतिशी मार्लेना ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होनें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले वो आम आदमी पार्टी के 4 और बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने वाले है। जिसमें मैं और मेरे अलावा AAP सांसद राघव चड्‌ढा, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक को भी गिरफ्तार करने की तैयारी है। उन्होने आगे कहा कि मेरे एक करीबी के माध्यम से मुझे भाजपा जॉइन करने के लिए अप्रोच किया गया है। साथ ही उन्होने कहा कि अगर में जॉइन नहीं करती हुँ तो मेरे और मेरे रिश्तेदारों के घर में ED की रेड होगी। सब लोगों को समन भेजे जाएंगे और उसके कुछ ही समय बाद हमें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जिसके बाद कल कोर्ट में उनका और सौरभ भारद्वाज का नाम आने पर ED पर भी सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि भाजपा को लग रहा है कि केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन जेल में हैं इसके बावजूद AAP मजबूत कैसे है। इसलिए बीजेपी अब हमें जेल में डालने की तैयारी कर रही है।

जिस पर भाजपा के नेता हरीश खुराना ने पलटवार करते हुए कहा कि AAP के लोग रोज नई-नई मनोहर कहानियां सुनाते हैं… और आतिशी उस व्यक्ति का नाम बताएं, जिसने ये जानकारी दी। वरना हम सीधे पुलिस के पास जाएंगे।

आईपीएल (IPL) के खिलाड़ी कैसे बने स्टार, जानिए इतिहास !

आईपीएल (IPL) के खिलाड़ी कैसे बने स्टार, जानिए इतिहास !
आईपीएल (IPL) के खिलाड़ी कैसे बने स्टार, जानिए इतिहास !

 क्रिकेट, भारतीय खेल की एक अनगिनत दुनिया है, जिसमें जज्बात और उत्साह का खेल बुना होता है। आईपीएल (IPL), जिसे आम तौर पर आईपीएल के नाम से जाना जाता है, जो खेल के महासागर को दर्शाता है। यह लीग न केवल क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण खेल का परिचय देती है, बल्कि उसकी रोमांचक कहानी और उत्सव से भरी माहौल को भी अनुभव कराती है।

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल): खेल का महासागर

2008 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा स्थापित किया गया, आईपीएल एक पेशेवर ट्वेंटी-20 क्रिकेट लीग है। यह खेल दुनिया में सबसे लोकप्रिय और आकर्षक क्रिकेट लीगों में से एक बन गया है, जो दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ियों को आकर्षित करता है।

शुरुआत से आजतक: आईपीएल का इतिहास

पहला आईपीएल मैच 18 अप्रैल 2008 को बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की स्वामित्व वाली कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था। टूर्नामेंट बहुत सफल रहा, बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी और महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त हुआ।

विवाद और विजय: आईपीएल के उत्कृष्ट क्षण

हालांकि, आईपीएल विवादों से रहित नहीं रहा है। 2013 में, लीग मैच फिक्सिंग घोटाले की चपेट में आ गई थी, जिसमें कई खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था।

सर्वश्रेष्ठटीमें और उनके कप्तान: एक नज़र

मुंबई इंडियंस: आईपीएल का अधिकारी

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मुंबई इंडियंस ने आईपीएल में अपनी प्रभावी उपस्थिति साबित की है। इस टीम के पास पांच आईपीएल खिताब हैं, जो इसे सबसे ज्यादा जीतने वाली टीम बनाते हैं। मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने भी इस टीम को अनेक बार विजयी बनाया है और उन्हें इस खेल का माहिर माना जाता है।

गुजरात टाइटंस: नई शक्ति का अभिनेता

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आईपीएल में एक और नई टीम, गुजरात टाइटंस भी अपने उत्कृष्ट खेल के लिए जानी जाती है। इस टीम ने अपनी पहली सीज़न में ही आईपीएल का खिताब जीता था, जो इसकी शक्ति और क्षमता को साबित करता है।

राजस्थान रॉयल्स: पहला विजेता, अब एक यादगार कहानी

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राजस्थान रॉयल्स आईपीएल का पहला विजेता है, जो इसे एक विशेष स्थान पर रखता है। इस टीम का सफर आईपीएल की शुरुआत से लेकर अब तक काफी रोचक रहा है, जिसने कई यादगार पलों को उत्पन्न किया है।

चेन्नई सुपर किंग्स: धूमधाम से वापसी

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चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) में एक और शक्तिशाली टीम है, जिसने पांच बार आईपीएल खिताब जीता है। सीएसके का कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के एक अग्रदूत के रूप में प्रसिद्ध हैं, जिन्होंने अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता और क्रिकेट खेलने की कला से सबको प्रभावित किया है। सीएसके की वापसी आईपीएल 2018 में हुई थी, जिसके बाद से यह टीम फिर से अपनी बाज़ी साबित कर रही है। उनकी दूरदर्शिता, टीम के उत्कृष्ट संघर्षशीलता, और धैर्य के कारण, सीएसके को बहुत सम्मान और स्थान मिला है और वे आईपीएल के एक अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं।

आईपीएल: भारतीय क्रिकेट का रंगीन सफर

आईपीएल ने क्रिकेट को एक नई दिशा में ले जाने का काम किया है। यह न केवल खिलाड़ियों को नई अवसर प्रदान करता है, बल्कि दर्शकों को भी मनोरंजन की नई उचाईयों तक ले जाता है। आगे बढ़ते हुए समय के साथ, यह लीग और भी रोचक हो रही है, जिससे हमारा प्यार और जुनून खेल के प्रति और भी अधिक बढ़ रहा है।

आखिर टखने में क्यों बाँधा जाता है काला धागा, जाने रहस्य

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टखने में काला धागा बांधना भले ही छोटी बात लगती हो, लेकिन ज्योतिष और प्राचीन मान्यताओं में इसका बहुत बड़ा अर्थ है। लोगों का मानना है कि यह उन्हें ब्रह्मांड की ऊर्जाओं से जुड़ने में मदद करता है और बुरी चीजों से बचाता है।

आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि टखने पर काला धागा बांधना क्यों जरूरी है।

  • ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों में विशेष शक्तियां होती हैं जो हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। जब आपका जन्म होता है, तो ग्रहों की स्थिति आपके भविष्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसा माना जाता है कि अपने टखने के चारों ओर काला धागा बांधने से आपको इन ग्रहों की ऊर्जाओं से बेहतर तरीके से जुड़ने में मदद मिलती है। यह बुरी चीज़ों के ख़िलाफ़ ढाल बनाने और अपनी आत्मा और शरीर को स्वस्थ रखने जैसा है।
  • इसमें एक महत्वपूर्ण ग्रह है शनि. यह कठिन समय और चुनौतियाँ लाने के लिए जाना जाता है। काला धागा बांधने से शनि का प्रभाव शांत हो सकता है और आपको कठिनाइयों से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है। यह एक ऐसे दोस्त के होने जैसा है जो कठिन परिस्थितियों में आपका साथ देता है।
  • काले को अक्सर एक ऐसे रंग के रूप में देखा जाता है जो बुरी चीजों को दूर रखता है। माना जाता है कि काला धागा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा और आत्माएं दूर रहती हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। यह हर समय आपके चारों ओर एक सुरक्षा कवच होने जैसा है, जो आपको नुकसान से सुरक्षित रखता है।
  • आपका टखना आपके शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आपको संतुलित रहने में मदद करता है। अपने टखने के चारों ओर एक काला धागा पहनकर, आप अधिक ज़मीनी और स्थिर महसूस कर सकते हैं। यह पृथ्वी की ऊर्जा से जुड़ाव महसूस करने जैसा है, जो जीवन में उतार-चढ़ाव आने पर भी आपको मजबूत बने रहने में मदद करती है।
  • विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में काला धागा पहनने को अलग-अलग तरीके से देखा जाता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, इसे हमेशा कुछ शक्तिशाली और सार्थक के रूप में देखा जाता है। यह दर्शाता है कि आप अपने से भी बड़ी किसी चीज़ में विश्वास करते हैं और आप उच्च शक्तियों द्वारा संरक्षित हैं।
  • अपने टखने के चारों ओर काला धागा बांधना सिर्फ फैशन के बारे में नहीं है। यह ब्रह्मांड से जुड़ने और खुद को बुरी चीजों से बचाने का एक तरीका है। यह आपको मजबूत और संतुलित रहने में मदद करता है, तब भी जब जीवन कठिन हो जाता है। तो, अगली बार जब आप किसी को अपने टखने के चारों ओर काला धागा बंधे हुए देखें, तो याद रखें कि यह सिर्फ डोरी के एक टुकड़े से कहीं अधिक है – यह ताकत, सुरक्षा और किसी बड़ी चीज़ से जुड़ाव का प्रतीक है।

2 घंटे की पूछताछ के बाद कैसे गिरफ़्तार हुए Arvind Kejriwal, जनिये पूरा मामला!

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की हुई गिरफ्तारी

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ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। दो घंटे से भी ज्यादा लंबी पूछताछ के बाद सीएम को गिरफ्तार किया है। सीएम की गिरफ्तारी दिल्ली शराब घोटाले में हुई है। इस मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी हुई है। बता दें कि शाम सात बजे ईडी की टीम सीएम के सरकारी आवास पर पहुंची थी। ई डी ने 2 घंटे से भी ज्यादा लंबी चली पूछताछ में 20 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए। वहीं इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब इसके बाद अरविंद केजरीवाल को ED के कार्यालय ले जाया जाएगा। बता दें कि आज शाम ईडी की टीम सीएम आवास पहुंची थी। इसके बाद ही आशंका जताई जाने लगी थी कि केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी सीएम आवास पहुंच गई थीं। हालांकि दोनों कोआवास के अंदर नहीं जाने दिया गया था। वहीं इसके बाद केजरीवाल के वकीलों की टीम ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने इस मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की थी। हालांकि सुनवाई नहीं हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ED की टीम के सीएम आवास पर पहुंचने की खबर आते ही बाहर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। पुलिस को इसकी आशंका पहले से भी थी और उन्होंने इसकी तैयारी भी कर ली थी। आवास के बाहर रैपिड एक्शन फ़ोर्स समेत पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती कर दी गई थी। इसके साथ ही आवास को चारो तरफ से बैरीकेडिंग कर दी गई थी। बता दें कि दिल्ली शराब घोटाले में यह 16वीं गिरफ्तारी की गई है। इस्ससे पहले बीआरएस नेता के. कविता को भी ED ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया था। दोनों नेता पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार 2021-22 में नई शराब नीति लेकर आई थी, जिसमें घोटाले के आरोप लगे. दिल्ली सरकार के लिए नई शराब नीति उसके गले की फांस बन गई. मामले में दिल्ली के LG वीके सक्सेना (LG VK Saxena) ने CBI जांच की शिफारिश कर दी. जिस समय नई शराब नीति लागू हुई, उस समय मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) डिप्टी सीएम थे और उनके पास ही दिल्ली का आबकारी विभाग भी था. शराब घोटाले के चलते ही मनीष सिसोदिया बीते साल फरवरी में गिरफ्तार हुए और अब तक जेल में हैं. दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया. ED ने दिल्ली में CM आवास पर 2 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ के बाद केजरीवाल को गिरफ्तार किया है. केजरीवाल ने जांच एजेंसी के समन को 9 बार नजरअंदाज किया और पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे. लगातार भेजे जा रहे समन पर भी जब केजरीवाल जांच एजेंसी के पास नहीं गए तो ED ने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया. केजरीवाल को जब वहां भी राहत नहीं मिली, तब उन्होंने हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया और वहां से भी उन्हें झटका मिला. इसके बाद से ही केजरीवाल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी.

सरकार ने भारत में 23 खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने का रखा प्रस्ताव

23 banned dog breed in india

आए दिन कुत्तों के हमले के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, केंद्र सरकार ने भारत में 23 खतरनाक कुत्तों की नस्लों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर खतरनाक मानी जाने वाली कुत्तों की कुछ नस्लों के आयात, बिक्री और प्रजनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है।

पशुपालन और डेयरी विभाग ने अपने पत्र में राज्य सरकारों से इन कुत्तों की बिक्री और प्रजनन के लिए लाइसेंस या परमिट जारी न करने का आग्रह किया है। जिन मालिकों के पास पहले से ही पालतू जानवर के रूप में ये नस्लें हैं, उन्हें उनके प्रजनन को रोकने के लिए या बधिया करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

23 कुत्तों की नस्लों की पूरी सूची देखें, जिन पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया जायेगा

  • पिटबुल टेरियर
  • तोसा इनु
  • अमेरिकी स्टैफ़र्डशायर टेरियर
  • फिला ब्रासीलिरो
  • डोगो अर्जेंटीनो
  • अमेरिकी बुलडॉग
  • बोअरबोएल
  • कांगल
  • मध्य एशियाई शेफर्ड डॉग
  • कोकेशियान शेफर्ड डॉग
  • दक्षिण रूसी शेफर्ड
  • तोर्नजक
  • सारप्लानिनैक
  • जापानी टोसा और अकिता
  • मास्टिफ
  • रोटवीलर
  • टेरियर
  • रोडेशियन रिजबैक
  • वुल्फ डॉग
  • कैनारियो
  • अकबाश कुत्ता
  • मॉस्को गार्ड कुत्ता
  • केन कोरो

इस प्रकार के प्रत्येक कुत्ते को आमतौर पर ‘बैन डॉग’ के नाम से जाना जाता है

पत्र में कुछ नस्लों के कुत्तों को पालतू जानवर के रूप में रखने के बारे में पशु कल्याण समूहों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर भी प्रकाश डाला गया है। 23 ‘खतरनाक’ नस्लों पर इस सिफारिश के अलावा, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से पशु क्रूरता निवारण (कुत्ते प्रजनन और विपणन) नियम 2017 और पशु क्रूरता निवारण (पालतू दुकान) नियम 2017 के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। 2018.

Vantara (Jamnagar): अनंत अंबानी ने शुरू किया दुनिया का सबसे एडवांस पशु कल्याण कार्यक्रम

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Anant Ambani starts Vantara

अनंत अंबानी ने रिलायंस द्वारा ‘वंतारा’ का अनावरण कियाः दुनिया की सबसे उन्नत पशु कल्याण की हुई पहल। इसमें दुनिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर, पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र होगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक अनंत अंबानी ने एक पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र के साथ-साथ दुनिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी उद्यम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर जानवरों के लिए अत्याधुनिक देखभाल प्रदान करना है।

विशाल चिकित्सा केंद्र 1.5 लाख वर्ग फुट में फैला है और अत्याधुनिक रोबोटिक एंडोस्कोपिक मशीनों से सुसज्जित है, जो संकटग्रस्त जानवरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोबोटिक सर्जरी सहित उन्नत चिकित्सा हस्तक्षेप को सक्षम बनाता है।

सुविधा की क्षमताओं पर अपना विस्मय व्यक्त करते हुए, अंबानी ने टिप्पणी की, “दुनिया भर में 30-40 से अधिक सुविधाओं का दौरा करने के बावजूद, मैंने व्यक्तिगत रूप से पहले इतनी अच्छी तरह से सुसज्जित आईसीयू का सामना नहीं किया है। प्रत्येक यात्रा ने हमारी परियोजना के लिए प्रेरणा के रूप में कार्य किया।”

केंद्र में एक विस्तृत हाथी बचाव सुविधा भी है, जो पहले ही पूरे भारत से 200 से अधिक हाथियों को बचा चुकी है। 300 से 400 पेशेवरों की एक समर्पित टीम के साथ, यह सुविधा इन राजसी जानवरों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करती है।

अंबानी ने परियोजना के लिए अपने व्यापक दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा, “जो अनावरण किया गया है वह सिर्फ हिमशैल का सिरा है। हमारी महत्वाकांक्षा जामनगर को दुनिया के अग्रणी वन्यजीव संस्थान के रूप में उभरने की है, जो संरक्षण प्रयासों और गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के प्रजनन के लिए समर्पित है।” अंततः उन्हें उनके प्राकृतिक आवासों में पुनः स्थापित करना।”

अंबानी ने वंतारा पहल में भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष प्राणीशास्त्र और चिकित्सा विशेषज्ञों की भागीदारी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को सरकारी निकायों, अनुसंधान संस्थानों और शैक्षिक संगठनों के सहयोग से लाभ मिलता है, जिसका लक्ष्य भारत के 150 से अधिक चिड़ियाघरों में पशु देखभाल मानकों और बुनियादी ढांचे को बढ़ाना है।

वंतारा परियोजना ने रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की हरी-भरी हरियाली के भीतर 3000 एकड़ को एक प्राकृतिक आवास में बदल दिया है, जो बचाए गए प्रजातियों के फलने-फूलने के लिए आवश्यक समृद्ध वातावरण की नकल करता है।

Dhaniram Mittal – भारत का ‘सबसे चतुर चोर’ जिसने 1000 से ज्यादा कारें चुराईं, फिर जज बनकर 2000 अपराधियों को छुड़ाया

Dhani ram mittle bharat ka chatur chor
Bharat ka chatur chor

आखिरकार 60 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया

पुलिस हलकों में ‘सुपर नटवरलाल’ और ‘इंडियन चार्ल्स शोभराज’ के नाम से मशहूर धनीराम मित्तल ने भारत के सबसे शातिर अपराधियों में से एक के रूप में मुख्य प्रतिष्ठा हासिल की है। कानून की डिग्री, लिखावट विश्लेषण और ग्राफोलॉजी में विशेषज्ञता सहित अपनी व्यापक योग्यताओं के बावजूद, मित्तल ने अपराध के जीवन को अपनी आजीविका के रूप में चुना।

लगभग छह दशकों के दौरान, मित्तल ने एक चौंका देने वाला आपराधिक रिकॉर्ड बनाया, जिसमें उनके नाम पर 1000 से अधिक कार चोरी और कई गिरफ्तारियां दर्ज थीं। दिन के उजाले में बेशर्मी से कारें चुराना उसके पसंदीदा तरीके में शामिल था, जो मुख्य रूप से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में करते थे।

मित्तल के सबसे साहसी कारनामों में से एक में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अस्थायी अनुपस्थिति की योजना बनाना शामिल था। जाली दस्तावेजों का उपयोग करके, मित्तल ने झज्जर अदालत से न्यायाधीश के लिए दो महीने की छुट्टी की व्यवस्था की। इस दौरान, मित्तल ने न्यायाधीश का पद संभाला और 2000 से अधिक अपराधियों को रिहा कर दिया। हालाँकि, अधिकारियों ने तेजी से मुक्त किए गए अपराधियों को फिर से पकड़ लिया।

इससे पहले कि अधिकारियों को उसकी चाल का एहसास होता, मित्तल ने अपने मामले की खुद ही अध्यक्षता की और फैसला सुनाया और वह फरार हो गए।

अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले, मित्तल ने 1968 से 1974 तक फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके स्टेशन मास्टर के रूप में काम किया।
हाल ही में दिल्ली के पश्चिम विहार में गिरफ्तारी के बाद मित्तल एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। उसे एक चोरी की मारुति एस्टीम कार को एक स्क्रैप डीलर को बेचने की कोशिश करते समय पकड़ा गया था, जिसे उसने शालीमार बाग से चुराया था। 4 मई को जेल से रिहा होने के बाद से यह उसकी दूसरी कार चोरी है, जबकि उसकी पिछली गिरफ्तारी मार्च में हुई थी।

पुलिस पूछताछ के दौरान, मित्तल ने उन्नत चोरी-रोधी सुरक्षा प्रणालियों की कमी वाले पुराने वाहनों को निशाना बनाने की बात कबूल की।