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योग गुरु रामदेव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट भ्रामक विज्ञापन मामले में लगा सकता है बड़ा झटका

Yog Guru Ramdev
Yog Guru Ramdev

योग गुरु रामदेव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट भ्रामक विज्ञापन मामले में लगा सकता है बड़ा झटका

योग गुरु रामदेव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट भ्रामक विज्ञापन मामले में लगा सकता है बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रामदेव पर कोविड रोधी टीकाकरण अभियान और आधुनिक दवाओं के खिलाफ मुहिम चलाने का आरोप लगाया गया है। जिसमें आज योग गुरु रामदेव, पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक (एमडी) आचार्य बालकृष्ण सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने सुनावाई के दौरान कहा कि अदालत के आदेशों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने नारजगी जताते हुए कहा कि 21 नवंबर के कोर्ट के आदेश के बाद भी अगले दिन प्रेस कांफ्रेंस की गई। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी और पतंजलि विज्ञापन छापे जा रहा था इस पर रामदेव के वकील ने कहा कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा और जो गलती पहले हो गई है, उसके लिए हम माफी मांगते हैं। सुप्रीम कोर्ट अब अगले हफ्ते इस मामले की सुनवाई करेगा और रामदेव और बालकृष्‍ण को फिर से कोर्ट में पेश होना होगा. कोर्ट ने रामदेव को हलफनामा दाखिल करने के लिए आखिरी मौका दिया है।

SC ने सरकार से पुछे कड़े सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवाल पुठते हुए कहा कि कोविड का समय सबसे ज्यादा कठिन था। इस समय इलाज का दावा किया गया। उस पर सरकार ने क्या किया है?” सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा की केवल चेतावनी काफी नहीं थी। कानून के हिसाब केंद्र ने कार्रवाई नहीं की। हम हैरान हैं कि केंद्र ने अपनी आंखें क्यों मूंदे रखी थी. जिस पर एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट से कुछ समय मांगा है जवाब देने के लिए, जिसपर कोर्ट ने कहा हम समय देंगे और साथ ही कहा कि बाबा रामदेव और बालकृष्‍ण मिथ्या शपथ पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें और अवमानना के अलावा झूठा हलफनामा देने का केस भी चलाएंगे.

बॉक्सर विजेंदर सिंह बीजेपी में शामिल, कांग्रेस से लड़े थे 2019 का चुनाव, रहे थे असफल

Vijender Singh
Vijender Singh

बॉक्सर विजेंदर सिंह बीजेपी में शामिल, कांग्रेस से लड़े थे 2019 का चुनाव, रहे थे असफल

बॉक्सर विजेंदर सिंह बीजेपी में शामिल, कांग्रेस से लड़े थे 2019 का चुनाव, रहे थे असफल

मुक्केबाजी में भारत के पहले ओलंपिक पदक विजेता और कांग्रेस नेता विजेंदर सिंह बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए। विजेंदर सिंह 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में दक्षिणी दिल्ली से लड़े थे, लेकिन वो असफल रहे। विजेंदर सिंह जाट समुदाय से आते हैं, जिसका हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में सीटों पर राजनीतिक प्रभाव रहा है।

बीजेपी में शामिल होने के बाद दिया बड़ा बयान

बीजेपी में शामिल होने के बाद विजेंदर सिंह ने कहा कि, एक तरफ से मेरी घर वापसी हो रही है, देश विदेश में खिलाड़ियों का मान-सम्मान बढ़ा है. जब से बीजेपी सरकार आई है, तब से खिलाड़ियों को आसानी हुई है. मैं पहले वाला विजेंदर हूं. गलत को गलत कहूंगा। साथ ही आपको ये भी बताते चले कि 2019 में उन्हें चुनाव हराने वाले बीजेपी के रमेश बिधूड़ी हैं जिन्हें 6 लाख 87 हजार से अधिक वोट मिले थे।

हरियाणा सरकार में इस पद पर थे विजेंदर सिंह

2008 में विजेंद्र ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। जिसके बाद पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा। भारत के सबसे कामयाब बॉक्सरों में शुमार किए विजेंद्र ने अपने एमेच्योर कैरियर को तौबा करते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का फैसला किया था।

ब्रेट ली, अख़्तर को भूल जाइए, जानिए कौन है नए भारत का स्टेन गन!

Mayank Yadav
Mayank Yadav

ब्रेट ली, अख़्तर को भूल जाइए, जानिए कौन है नए भारत का स्टेन गन!

ब्रेट ली, अख़्तर को भूल जाइए, जानिए कौन है नए भारत का स्टेन गन!

21 वर्षीय रफ्तार के सौदागर मयंक यादव को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए चुना जाना था, लेकिन हैमस्ट्रिंग की चोट की वजह से यह मौका हाथ से चला गया। मयंक यादव ने दिल्ली सर्किट में अपनी बाउंसर से कई बल्लेबाजों को घायल किया है। मयंक यादव ने IPL के मंच पर धमाकेदार शुरुआत करते हुए अपनी तूफानी गति से क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए अपना पहला मैच खेल रहे 21 वर्षीय खिलाड़ी ने 155.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर दर्शकों को चौंका दिया। 24 में से 9 की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। उन्होंने जॉनी बेयरस्टो, जितेश शर्मा और प्रभसिमरन सिंह के विकेट लिए। जैसे ही मयंक को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया, डेल स्टेन और ब्रेट ली जैसे जाने-माने क्रिकेट दिग्गज सोशल मीडिया पर उनकी प्रचंड गति की सराहना करते हुए प्रशंसा की गूंज में शामिल हो गए। मयंक दिल्ली के पंजाबी बाग के रहने वाले हैं और प्रतिष्ठित सॉनेट क्लब में ट्रेनिंग करते हैं।

मयंक यादव के IPL डेब्यू पर कई लोगों को यह पता चला था कि वह पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के क्रिकेट सर्किट के प्रशंसकों के बीच एक प्रसिद्ध गेंदबाज रहे हैं। कुछ लोग उस किशोर मयंक यादव की कहानी भी जानते हैं, जो उस समय जूते के साइज़ नंबर 12 को खोजने के लिए संघर्ष कर रहा था! कोच देवेंद्र शर्मा ने बताया कि मयंक यादव की गेंद दिखती नहीं है, 158-159 किमी प्रति घंटे की रफ्तार डाल सकता है। वह 6 साल पहले सॉनेट क्लब में हमारे पास आए थे। हमने एक परीक्षण लिया और सीधे देखा कि वह सहज एक्शन के साथ बहुत तेज है। लेकिन उस समय वह काफी कमजोर थे। हालांकि उन्होंने काफी तेज गेंदबाजी की। हमने उनकी फिटनेस पर काम किया, उनके खेल को निखारने के लिए उन्हें क्लब के लिए कुछ एज ग्रुप टूर्नामेंट खेले और धीरे-धीरे वह दिल्ली के लिए खेलने की दौड़ में आगे बढ़े और इस बात कि जानकारी दिल्ली में सोनेट क्लब चलाने वाले और मयंक यादव के कोच देवेंद्र शर्मा ने दी।

2021 में विजय हजारे ट्रॉफी में उनका पहला प्रदर्शन, जहां उन्होंने 49वें ओवर में एक मेडन ओवर डाला, जिससे दिल्ली को हरियाणा के खिलाफ आखिरी 12 गेंदों में 12 रनों का बचाव करने में मदद मिली। लखनऊ सुपर जाइंट्स के तत्कालीन सहायक कोच विजय दहिया ने उन्हें देखा और उसके तुरंत बाद उन्हें अपने साथ जोड़ लिया।

असफलताओं के बावजूद, मयंक की प्रतिभा देवधर ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में चमक उठी, जहां वह संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। इस युवा खिलाड़ी ने 2022 में अपने रणजी ट्रॉफी डेब्यू में दिल्ली के लिए रेड-बॉल क्रिकेट में प्रॉमिसिंग झलक दिखाई थी, लेकिन चोट के कारण उन्हें बाहर जाना पड़ा। देवेंद्र शर्मा ने कहा कि मयंक यादव के पास बहुत तेज यॉर्कर है। मुझे यकीन है कि वह थोड़ा घबराया हुआ था, लेकिन जैसे-जैसे यह धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा, वह उन्हें लॉन्च करना शुरू कर देगा। उसके बाउंसरों से सावधान रहें। उन्होंने दिल्ली सर्किट में कुछ खिलाड़ियों को उनके हेलमेट पर बाउंसर मारी है। जॉनी बेयरस्टो और जितेश शर्मा को पुल पर पकड़ना उनके बाउंसरों के बारे में बहुत कुछ बताता है।

क्या आपको लगता है कि आने वाले वक्त में मयंक यादव अपनी खौफनाक गति के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब होंगे?

UP Police Paper Leak का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हैरान हो जाएंगें जानकर ऐसे किया गया था पेपर लीक

UP Paper Leak
UP Paper Leak

UP Police Paper Leak का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हैरान हो जाएंगें जानकर ऐसे किया गया था पेपर लीक

UP Police Paper Leak का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हैरान हो जाएंगें जानकर ऐसे किया गया था पेपर लीक

उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में STF ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि राजीव नयन ने पहले भी कई प्रतियोगी परिक्षाओं के पेपर लीक कर चुका है। साथ ही उन्होनें बताया कि उसका नाम हाल ही में आयोजित RO/ARO परिक्षा को पेपर लीक करने में भी आया है। पेपर लीक मामले में अब तक 396 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसमें 54 लोगों को यूपी एसटीएफ ने पकड़ा है।

60 हजार पदों पर लिकली थी भर्तियें

आपको बता दें कि बीते 17-18 फरवरी के दिन उत्तर प्रदेश नें सिपाही भर्ती परिक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें बड़े स्तर पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में परिक्षा आयोजित हुई थी। इस परिक्षा को देने के लिए सिर्फ यूपी के ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक से युवा आए थे. मगर सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया।

सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे थे. इसके बाद सिपाही भर्ती बोर्ड ने मामले की जांच की, जिसके बाद यूपी सरकार ने सिपाही भर्ती परिक्षा को रद्द कर दिया गया, और मामले कि जांच UP STF को सौंपी दी गई, पेपर लीक होने के बाद पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ( Promotion Board) की DG रेणुका मिश्रा को भी पद से हटा दिया गया।

कैसे हुआ था पेपर लीक

सुत्रों की माने तो, सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक प्रिंटिंग प्रेस के जरिए हुआ था। जैसे ही पेपर प्रिंटिंग प्रेस से निकला और इसे ट्रांसपोर्ट करवाने वाली कंपनी के पास पह्ंचा, तभी यो लीक करवा दिया गया।

गाजीपुर डीएम और अफजाल अंसारी के बहस का क्या था कारण, क्यो हो रहा वीडियो वायरल

Ghazipur Dm vs Afzal Ansari
Ghazipur Dm vs Afzal Ansari

क्या था कारण गाजीपुर डीएम और अफजाल अंसारी के बहस का कारण

गाजीपुर डीएम और अफजाल अंसारी के बहस का क्या था कारण

सोशल मीडिया पर मॉफिया डॉन मुख्तार अंसारी के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान का एक वीडियो खुब वायरल हो रहा है। विडियो में मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी और गाजीपुर की डीएम आर्यका अखौरी के बीच बहस सुर्खियों में बनी हुई है. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. ऐसे में IAS अधिकारी आर्यका अखौरी के बारे में लोग खूब चर्चा कर रहे हैं कि आखिर वह दंबग महिला डीएम कौन हैं, जो अफजाल अंसारी से भिड़ गई? आपको बता दें कि गाजीपुर जिले की डीएम आर्यका अखौरी 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्हें सितंबर 2022 में गाजीपुर जिले की जिम्मेदारी मिली थी। वीडियो में गाजीपुर डीएम औऱ अफजाल अंसारी के बीच कहा सुनी चल रही थी। मुद्दा यो था कि जिला प्रशासन चाहता था कि मुख्तार अंसारी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। जबकि परिवार इसपर सहमत नहीं था। ऐसे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मुद्दे का मतभेद खुलाकर सामने आ गया। वहां गाजीपुर डीएम और अफजाल अंसारी के बीच जोरदार बहस हुई।

हालाकिं जब माफिया मुख्तार अंसारी का शव कब्रिस्तान पहुंच गया है तब वहां भारी भीड़ थी… जहां उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया… इस दौरान कब्रिस्तान के बाहर पुलिस का सख्त पहरा था… तब पुलिस के साथ मुख्तार के परिजन खुद भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग कर रहे थे।

कर्नाटक के दौरे पर अमित शाह, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर किया गंभीर वार!

Amit Shah
Amit Shah

कर्नाटक के दौरे पर अमित शाह, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर किया गंभीर वार!

कर्नाटक के दौरे पर अमित शाह, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर किया गंभीर वार!

देशभर में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होती जा रही है, इसी के साथ नेताओं के बीच बयानबाजियों का सिलसिला भी जोरों है। मंगलवार को अमित शाह कर्नाटक के उत्तरी बंगलूरू में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इंडी गठबंधन को परिवारवादियों का गठबंधन करार दे दिया। आगे उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि कर्नाटक में भाजपा सभी 28 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार और घोटालों का आरोप भी लगाया और कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन के बीच कोई मुकाबला नहीं है।

शाह ने इस दौरान राहुल गांधी पर भी तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी छुट्टी नहीं लेते और कांग्रेस नेता राहुल गांधी गर्मियां शुरू होते ही विदेश यात्रा पर चले जाते हैं। उन्होंने दावा कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 10 वर्षों के शासन के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया। साथ ही उन्होंने 2014 और 2019 की बात को छेड़ते हुए कहा कि 2014 में कर्नाटक की जनता ने हमें 17 सीटों पर जीत दिलाई। इसके बाद 2019 में 25 सीटों पर भाजपा को जीत मिली लेकिन इस बार जनता से भाजपा गठबंधन को सभी 28 सीटों पर जीत दिलाएगी।

चुनाव प्रचार छोड़ कर रवि किशन क्यों कर रहे हैं ये काम, Video Viral

Ravi Kishan
Ravi Kishan

चुनाव प्रचार छोड़ कर रवि किशन क्यों कर रहे हैं ये काम, Video Viral

चुनाव प्रचार छोड़ कर रवि किशन क्यों कर रहे हैं ये काम, Video Viral

चुनाव प्रचार को दौर शुरु हो चुका है, सभी प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में जोर शोर से प्रचार में जुट गए हैं। इस बीच गोरखपुर लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन का अलग अंदाज देखने को मिला. चुनाव प्रचार के दौरान रवि किशन चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर पर पहुंच गए, जहां वह अदरक कूटते और चाय बनाते नजर आए. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

आपको बता दें कि भाजपा ने एक बार फिर रवि किशन पर भरोसा जताया है। उन्हें दोबारा गोरखपुर से चुनावी मैदान में उतारा गया है. इस बीच रवि किशन अपने प्रचार के दौरान खीरवनिया चौराहे पर मौजूद एक चाय की दुकान पर पहुंच गए और वहां चाय बनाना शुरू कर दिया। चाय बनाते-बनाते वह अदरक भी कूटने लगे।

अदरक कूटने के साथ लगे हाथ विपक्षियों पर निशाना भी उन्होंने साधा, और कहा कि पीएम मोदी को भी ‘चाय वाला’ बोला गया था, लेकिन विपक्ष को नहीं पता कि गरीब ही गरीब का दर्द समझ सकता है। जो सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ है वो गरीब का दर्द क्या समझेगा।

ये चाय है या राजनीति

गौरतलब है कि रवि किशन के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन से सपा के सिंबल पर काजल निषाद प्रत्याशी हैं और गोरखपुर में निषाद समुदाय का अच्छा वोट है, जो किसी को भी चुनाव जीता या हरा सकता है। ऐसे में हर पार्टी निषाद वोटर्स को साधना चाहती है।

परिवार भी लगा चुनाव प्रचार में

आपको बता दें कि रवि किशन के साथ उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला, बेटा सक्षम शुक्ला और बेटी रीवा शुक्ला भी लगे हुए हैं।

चुनाव आयोग ने दिलीप घोष-सुप्रिया श्रीनेत को लगाई फटकार, कहा बयानों में रखें सवाधानी, महिलाओं को अपमान नहीं स्वीकार

Kangana Ranaut, Supriya Shrinate
Kangana Ranaut, Supriya Shrinate

चुनाव आयोग ने 1 अप्रैल को महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए भाजपा नेता दिलीप घोष और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत को फटकार लगाई थी। जिसके बाद EC ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को महिलाओं की गरिमा बढ़ाने के रूप में देखता है और इसकी स्थिति में गिरावट का कोई प्रयास स्वीकार नहीं होगा। साथ ही आयोग ने दिलीप घोष और सुप्रिया श्रीनेत को आचार संहिता उल्लंघन को लेकर नोटिस दिया गया था। जिस पर चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों नेताओं ने माना कि उन्होंने गलत बोला है।

किस लिए EC ने लगाई दोनों नेताओं को फटकार

दरअसल, भाजपा ने बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्री कंगना रनोट को लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी से अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कंगना रनोट पर अभद्र टिप्पणी की थी। सुप्रिया के अकाउंट से लिखा गया था कि “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”

विवाद के बाद श्रीनेत ने अपने सभी सोशल अकाउंट्स से दिए गए विवादित स्टेटमेंट को हटा दिया। और उनकी तरफ से कहा गया कि ये पोस्ट मैने नहीं कि थी। साथ ही उन्होने सफाई देते हुए कहा कि मेरे अकाउंट का कई लोगों के पास एक्सेस है।

इसके अलावा, दिलीप घोष का तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के बारे में अपमानजनक स्टेटमेंट बोलते हुए एक वीडियो रिकार्ड किया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने ममता के बारे में दिए गए अपमानजनक स्टेटमेंट के लिए माफी मांगी।

संजय सिंह को मिली जमानत, ED की चार्जशीट में हुई थी बड़ी गलती!

Sanjay Singh

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को जमानत दे दी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पीबी वराले हैं । मनी लॉन्ड्रिंग केस में संजय सिंह को पिछले साल 4 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ED से सवाल किया गया कि क्या संजय सिहं को और जेल में रखने कि जरूरत है? साथ ही कोर्ट को संजय सिंह के वकिल ने बताया था कि मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि नहीं हुई है और मनी ट्रेल का भी पता नहीं चला है। इसके बावजूद संजय सिंह 6 महीने से जेल में हैं। इसके बाद ED ने अदालत से कहा कि हमें जमानत को लेकर कोई ऐतराज नहीं है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिह को जमालत दे दी

क्या हुई थी ED से गलती

दिल्ली शराब घोटाला केस में इसी साल जनवरी में ED ने अपनी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जोड़ा था। मई 2023 में संजय सिंह ने दावा किया कि ED ने उनका नाम गलती से जोड़ दिया है। ED ने इस पर कहा- हमारी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। जिसमें से से तीन जगह नाम सही लिखा गया है और सिर्फ एक जगह टाइपिंग की गलती हो गई थी।

शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार

atishi marlena press conference

शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार:

शराब नीति केस : आतिशी ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप, AAP के चार नेता हो सकते हैं जल्द गिरफ्तार

शराब नीति घोटाले मामले में दिल्ली की मंत्री आतिशी मार्लेना ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होनें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले वो आम आदमी पार्टी के 4 और बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने वाले है। जिसमें मैं और मेरे अलावा AAP सांसद राघव चड्‌ढा, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक को भी गिरफ्तार करने की तैयारी है। उन्होने आगे कहा कि मेरे एक करीबी के माध्यम से मुझे भाजपा जॉइन करने के लिए अप्रोच किया गया है। साथ ही उन्होने कहा कि अगर में जॉइन नहीं करती हुँ तो मेरे और मेरे रिश्तेदारों के घर में ED की रेड होगी। सब लोगों को समन भेजे जाएंगे और उसके कुछ ही समय बाद हमें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जिसके बाद कल कोर्ट में उनका और सौरभ भारद्वाज का नाम आने पर ED पर भी सवाल उठाया है। उन्होने कहा कि भाजपा को लग रहा है कि केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन जेल में हैं इसके बावजूद AAP मजबूत कैसे है। इसलिए बीजेपी अब हमें जेल में डालने की तैयारी कर रही है।

जिस पर भाजपा के नेता हरीश खुराना ने पलटवार करते हुए कहा कि AAP के लोग रोज नई-नई मनोहर कहानियां सुनाते हैं… और आतिशी उस व्यक्ति का नाम बताएं, जिसने ये जानकारी दी। वरना हम सीधे पुलिस के पास जाएंगे।