स्वामी रामदेव की बढ़ी मुश्किलें, 14 प्रोडक्टों पर लगा बैन, सुप्रीम कोर्ट से भी विज्ञापन मामले में राहत नहीं

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स्वामी रामदेव की बढ़ी मुश्किलें, 14 प्रोडक्टों पर लगा बैन, सुप्रीम कोर्ट से भी विज्ञापन मामले में राहत नहीं

स्वामी रामदेव की बढ़ी मुश्किलें, 14 प्रोडक्टों पर लगा बैन, सुप्रीम कोर्ट से भी विज्ञापन मामले में राहत नहीं

स्वामी रामदेव की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं, एक तरफ पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट फटकार पर फटकार लगाए जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ बाबा रामदेव के दर्जन भर से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लग गया है। यह प्रतिबंध पतंजलि की दिव्य फार्मेसी से जुड़े भ्रामक विज्ञापन के सिलसिले में लगा है। यह जानकारी उत्तराखंड के लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक एफिडेविट में दी है। अथॉरिटी के मुताबिक पतंजलि के 14 प्रोडक्ट्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आपको बता दें कि दिव्य फार्मेसी के जिन प्रोडक्ट्स पर प्रतिबंध लगा है उनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, दिव्य ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट,मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं।

भ्रामक विज्ञापन मामले में लगी कड़ी फटकार

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार (30 अप्रैल) को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बाबा रामदेव और बालकृष्ण से सवाल करते हुए कहा कि माफीनामा समय पर दाखिल क्यों नहीं किया गया. इस पर पतंजलि के वरिष्ठ वकील रोहतगी ने कहा कि यह 5 दिन पहले दायर किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को फटकार लगाते हुए कहा कि कंपनी भ्रामक विज्ञापन मामले में उसके आदेशों का पालन नहीं कर रही है. जब अदालत ने ऑरिजनल रिकॉर्ड मांगे तो सार्वजनिक माफी की ई-कॉपी पेश करने के लिए कंपनी की खिंचाई करते हुए अदालत ने कहा, “यह अनुपालन नहीं है.” जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कहा, ”हम इस मामले में अपने हाथ खड़े कर रहे है, हमारे आदेशों का अनुपालन न करना बहुत हो गया.” सुनवाई के दौरान बाबा रामदेव और बालकृष्ण मौजूद रहे.

Digikhabar Editorial Team
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