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‘The Taj Story’ के पोस्टर पर क्यों बवाल, Paresh Rawal पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

'The Taj Story' के पोस्टर पर क्यों बवाल, Paresh Rawal पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
'The Taj Story' के पोस्टर पर क्यों बवाल, Paresh Rawal पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पहले ‘हेरा फेरी 3’ से अचानक बाहर होने और अक्षय कुमार से मनमुटाव को लेकर चर्चा में रहे परेश रावल अब अपनी आने वाली फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के मोशन पोस्टर को लेकर विवादों का केंद्र बन गए हैं।

मोशन पोस्टर में ताजमहल से प्रकट होते दिखे भगवान शिव

29 सितंबर को फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का मोशन पोस्टर सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, जिसमें परेश रावल ताजमहल के गुंबद को उठाते नजर आते हैं और उसके भीतर से भगवान शिव की प्रतिमा प्रकट होती है। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त नाराजगी पैदा कर दी है।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

पोस्टर वायरल होते ही कई यूजर्स ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया। एक यूजर ने लिखा, “OMG! ये परेश रावल से उम्मीद नहीं थी।” वहीं, दूसरे ने कहा, “ये क्या बकवास है?” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “ऐसे लोग देश में अशांति फैलाना चाहते हैं।” कुछ ने अभिनेता पर पैसा कमाने के लिए धार्मिक भावनाओं का सहारा लेने का भी आरोप लगाया।

निर्माताओं और अभिनेता ने दी सफाई

विवाद बढ़ता देख फिल्म के निर्माताओं और परेश रावल ने इंस्टाग्राम पर सफाई दी। उनके पोस्ट में लिखा गया,
“द ताज स्टोरी के निर्माता यह स्पष्ट करते हैं कि यह फिल्म किसी भी धार्मिक मुद्दे से संबंधित नहीं है और न ही यह दावा करती है कि भगवान शिव ताजमहल के भीतर विराजमान हैं। यह फिल्म केवल ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। हम दर्शकों से अनुरोध करते हैं कि फिल्म देखने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। धन्यवाद। – स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड”

हालांकि सफाई जारी करने के बावजूद विरोध कम होने की बजाय और तेज हो गया है। कई यूजर्स ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया और आरोप लगाया कि इस तरह के दृश्य देश में धार्मिक तनाव को बढ़ा सकते हैं।

फिल्म के भविष्य पर संकट के बादल

जहां एक ओर फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ रही थी, वहीं अब इस विवाद ने ‘द ताज स्टोरी’ के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सेंसर बोर्ड से फिल्म की गहन जांच की मांग की है।

फिलहाल यह देखना बाकी है कि विवाद के बीच फिल्म रिलीज तक पहुंच पाती है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि परेश रावल और ‘द ताज स्टोरी’ की टीम को अब भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।