अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 21 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जीवित बच गया। मजदूरों को ले जा रहा एक ट्रक मेटेंगलियांग के पास पहाड़ी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया।
यह हादसा 8 दिसंबर को हुआ था, लेकिन इसकी जानकारी दो दिन बाद तब मिली जब हादसे में बचा एकमात्र व्यक्ति किसी तरह बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) के शिविर तक पहुंचा और अधिकारियों को घटना की सूचना दी।
अंजॉ के पुलिस अधीक्षक अनुराग द्विवेदी के अनुसार, 22 मजदूरों का एक समूह 7 दिसंबर को असम के तिनसुकिया जिले से चागलागाम के लिए रवाना हुआ था, जहां वे निर्माण कार्य में लगे हुए थे। जब वे 10 दिसंबर तक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचे, तो उनके साथियों ने हयूलियांग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस ने मजदूरों की तलाश शुरू की। इसी दौरान BRTF शिविर से सूचना मिली कि एक घायल व्यक्ति वहां पहुंचा है। उसने बताया कि जिस ट्रक में वह यात्रा कर रहा था, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें उसके अलावा 21 अन्य मजदूर भी सवार थे।
घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए तेजू के रास्ते असम भेजा गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा 8 दिसंबर की रात 8 से 9 बजे के बीच चागलागाम से लगभग 11 किलोमीटर दूर हुआ। ट्रक पहाड़ी सड़क पर फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा।
इलाके में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण यह हादसा करीब दो दिनों तक किसी की जानकारी में नहीं आ सका।
बचे हुए व्यक्ति की जानकारी के आधार पर प्रशासन ने संभावित दुर्घटनास्थल का पता लगाया। इसके बाद सेना, सीमा सड़क संगठन (BRO), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी बुलाई गई है।
उप पुलिस अधीक्षक (DySP) हाबुंग सामा ने बताया, “अब तक 17 शवों का पता लगाया जा चुका है और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास जारी है। खाई लगभग 700 मीटर गहरी है, जिससे राहत कार्य बेहद कठिन हो गया है।”
अधिकारियों ने बताया कि 22 मजदूरों में से 18 मजदूर असम के तिनसुकिया जिले स्थित गिलापुखुरी चाय बागान के निवासी थे। फिलहाल मामले को दुर्घटना मानकर जांच की जा रही है।












