कुणाल कामरा के खिलाफ FIR पर बॉम्बे हाई कोर्ट सरकार और पुलिस को भेजा नोटिस

कुणाल कामरा के खिलाफ FIR पर बॉम्बे हाई कोर्ट सरकार और पुलिस को भेजा नोटिस

कुणाल कामरा के खिलाफ FIR पर बॉम्बे हाई कोर्ट सरकार और पुलिस को भेजा नोटिस


मशहूर कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ एक एफआईआर पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस और शिवसेना विधायक मुरजी पटेल को नोटिस जारी किया है। यह एफआईआर कामरा के उस बयान पर आधारित है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ‘देशद्रोही’ बताया था। यह टिप्पणी कामरा ने एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान की थी।

हाई कोर्ट ने कामरा की याचिका पर 16 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, “उत्तरदाताओं (मुंबई पुलिस और पटेल) को नोटिस जारी किया जाए। उन्हें निर्देश लेने और याचिका पर जवाब देने का आदेश दिया जाता है।”

कामरा ने पुलिस के तीन समन मिलने के बावजूद मुंबई पुलिस के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए हैं। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(b) (जनता में अशांति फैलाने वाले बयान) और 356(2) (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है। यह एफआईआर पहले नाशिक और जलगांव से खार पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर की गई है।

कामरा के वकील नवरोज़ सीरवाई ने कोर्ट में बताया कि कामरा सुरक्षा खतरों की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूछताछ में शामिल होने को तैयार हैं। सीरवाई ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों को कामरा का बयान रिकॉर्ड करने में ज्यादा रुचि नहीं है, बल्कि उन्हें शारीरिक रूप से पेश होने पर जोर दिया जा रहा है।

मद्रास हाई कोर्ट ने कामरा की अंतरिम ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल 17 अप्रैल तक बढ़ा दी है, जिससे उन्हें गिरफ्तारी से बचने के लिए और समय मिल गया है। कामरा ने कहा कि उनके बयान राजनीतिक घटनाओं की व्यंग्यात्मक आलोचना का हिस्सा थे, जिसमें शिंदे का उद्धव ठाकरे के खिलाफ जून 2022 में किया गया विद्रोह भी शामिल था।

“यह हत्या का मामला नहीं है। यह एफआईआर एक स्टैंड-अप शो से जुड़ी है। कामरा जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से,” सीरवाई ने कहा।

कामरा की याचिका में यह भी कहा गया है कि एफआईआर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है, और यह भी मांग की गई है कि एफआईआर को रद्द किया जाए। उनका कहना है कि आरोपों में कोई अपराध नहीं बनता। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि उन्हें किसी भी कठोर कार्रवाई जैसे गिरफ्तारी या व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती से सुरक्षा दी जाए।

कामरा ने पिछले साल अगस्त से फरवरी 2025 तक 60 शो किए थे, जिसमें उन्होंने अपने अधिकारों का उचित तरीके से इस्तेमाल किया। शो का रिकॉर्डिंग मार्च 2025 में अपलोड किया गया, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। कोर्ट इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर 16 अप्रैल को फिर से विचार करेगा।

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