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जल्द शुरु होने वाला है चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

Char Dham
Char Dham

जल्द शुरु होने वाला है चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

जल्द शुरु होने वाला है चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरु होने वाले है। चार धाम की यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी नागरिकों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। आइए जान लेते हैं क्या है रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस। केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी दिन अक्षय तृतीया भी है जिसके चलते 10 मई को ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी दर्शनों के लिए खोले जाएंगे। वही विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम की कपाट 12 मई को अभिजीत मुहूर्त में खुल जायेंगे। बता दें कि बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति और गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की समितियां का पत्र मिलने के बाद ही उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू करती है।

कई तरिके से होगा पंजीकरण

चार धाम की यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यात्रियों को चार धाम यात्रा पर जाने के लिए उत्तराखंड के पर्यटन विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। ध्यान दें सरकार द्वारा यात्रा ई-पास की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। सभी यात्री बिना यात्रा ई-पास के सिर्फ रजिस्ट्रेशन कर Char Dham Yatra चार धाम यात्रा कर सकते है। तो आइए अब जान लेते हैं चार धाम यात्रा 2023 के रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस।

सबसे पहले आप को देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट smartcitydehradun.uk.gov.in पर जाना होगा। जिसके बाद आप आधिकारिक पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। यहां आप को कुछ ऑप्शंस दिखाई देंगे। आपको इनमें प्रवासी और अन्य पंजीकरण के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इस ऑप्शन पर क्लिक करते ही आप अगले पेज पर पहुंच जाएंगे। यहां आप Char Dham Yatra Registration Form को देख सकते हैं। अब यहां आपको सारी जरूरी डिटेल्स भरनी होगी, जैसे- यात्रा का प्रकार, यात्रा की श्रेणी, यात्रा प्रस्थान स्थान, यात्रा गंतव्य स्थान, आवेदक का नाम व संबंधित जानकारी, यात्रा का विवरण जिसमें आप के साथ कितने लोग जा रहे हैं आदि की जानकारी देनी पड़ेगी। ये सभी डिटेल्स भरने के बाद आपको सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे, जिसके बाद आप को submit के बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह से आपका चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।

हेलीकॉप्टर के लिए बुकिंग होगी अलग से

यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में अक्सर मौसम खराब रहता है और बर्फ पड़ने के कारण ठंड भी बढ़ जाती है। इसको देखते हुए यात्रियों को पर्याप्त ऊनी कपड़े, छाता, रेनकोट भी साथ में रखनी चाहिए। यदि चारधामों में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालु किसी भी दवाई को लेते है तो साथ में लेकर चलें। अस्वस्थ महसूस हो तो यात्रा करने से परहेज करें। चारधाम के लिए हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए टिकट heliyatra.irctc.co.in से बुक कर सकते हैं।

तेजस्वी सिंह का मछली भोज, सियासी गलियारों में सियासत तेज

Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav

तेजस्वी सिंह का मछली भोज, सियासी गलियारों में सियासत तेज

तेजस्वी सिंह का मछली भोज, सियासी गलियारों में सियासत तेज

कुछ दिनों में चुनाव है, और चुनाव प्रचार जोरों पर है, अब तक सिर्फ सियासत की गलियारों में आरोप औप प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा था लेकिन मंगलवार को सियासत में खाने पर भी बवाल हो गया, जिसमें बीजेपी को मुँह की खानी पड़ी। दरअसल तेजस्वी यादव अपनी चुनाव प्रचार के दौरान अपना एक वीडियो शेयर किया। उस वीडियो में वह वीआईपी के मुखिया मुकेश सहनी संग हेलिकॉप्टर में मछली रोटी खाते नजर आए। अब इसी वीडियो को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बीजेपी नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला दिया। विजय सिन्हा ने कहा कि, ‘ ये लोग सनातनी बनना चाहते हैं लेकिन सनातनी संस्कार सीख नहीं पाए.. सावन में मटन खाते हैं और नवरात्र में मछली खाना। वोट के लिए इतने गिर गए हैं ये लोग कि.. धर्म, संस्कार को लज्जित करते हैं ये लोग। ये लोग धर्म का अपमान करते हैं।’, वहीं बीजेपी के बड़े नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि, ‘तेजस्वी जी सीजनल सनातनी हैं, तुष्टिकरण के पोषक हैं। जब इनकी सरकार थी तो वोट की खातिर इनके पिताजी ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से बसाया था। काफी संख्या में ऐसे लोग आए थे। ये वोट के सौदागर हैं, ना कि सनातनी पुजारी। ये सनातन का लबादा ओढ़कर तुष्टिकरण की राजनीति हैं।

Tejashwi Yadav
Tejashwi Yadav Eating Fish

जिसपर बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘भाजपाइयों और गोदी मीडिया के भक्तों के आईक्यू का टेस्ट लेने के लिए ही हमने यह वीडियो डाला था और हम अपनी सोच में सही भी साबित हुए। ट्वीट में ‘दिनांक’ लिखा हुआ है, लेकिन बेचारे अंधभक्तों को क्या मालूम। आखिर में सहनी जी द्वारा मिर्ची लगने का भी जिक्र किया गया है।’

स्कंदमाता की पूजा से हो सकते हैं आपको लाभ, इस मंत्र से करें प्रसन्न

Skandmata
Skandmata

स्कंदमाता की पूजा से हो सकते हैं आपको लाभ, इस मंत्र से करें प्रसन्न

स्कंदमाता की पूजा से हो सकते हैं आपको लाभ, इस मंत्र से करें प्रसन्न

नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं। पुराणों में कहा जाता है कि भगवान स्कंद ‘कुमार कार्तिकेय’ नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।

स्वरुप

स्कंदमाता की चार भुजाएँ हैं। इनके दाहिनी तरफ की नीचे वाली भुजा, जो ऊपर की ओर उठी हुई है, उसमें कमल पुष्प है। बाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा में वरमुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा जो ऊपर की ओर उठी है उसमें भी कमल पुष्प ली हुई हैं। इनका वर्ण पूर्णतः शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसी कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। इनका वाहन सिंह (शेर) है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए साधकों को इस श्लोक का जाप करना चाहिए।

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया |

शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

नवरात्रि-पूजन के पाँचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित मन वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है। वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर हो रहा होता है। साधक का मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना माँ स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है। इस समय साधक को पूर्ण सावधानी के साथ उपासना की ओर अग्रसर होना चाहिए। उसे अपनी समस्त ध्यान-वृत्तियों को एकाग्र रखते हुए साधना के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

सीएम केजरीवाल के बाद क्यों अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार करना चाहती है ईडी, वक्फ बोर्ड से जुड़ा है मामला

Amanatullah Kkhan and Arvind Kejriwal
Amanatullah Kkhan and Arvind Kejriwal

सीएम केजरीवाल के बाद क्यों अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार करना चाहती है ईडी, वक्फ बोर्ड से जुड़ा है मामला

सीएम केजरीवाल के बाद क्यों अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार करना चाहती है ईडी, वक्फ बोर्ड से जुड़ा है मामला

ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ बुधवार को ई़डी ने दिल्ली कोर्ट का रुख किया है और विधायक के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट की मांग भी की है। आपको बता दें कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी, आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार करना चाहती है। गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में अमानतुल्लाह और कुछ अन्य लोगों पर छापा मारने के बाद ईडी ने दावा किया था कि आप विधायक ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती की है, जिसके बाद “अपराध की आय” के रुप में नकदी अर्जीत कर अपने सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने में रकम का इस्तेमाल किया है।

ईडी के समन को किया है नजरअंदाज

केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप लगाया है कि खान अग्रिम जमानत याचिका दायर करके और जांच में शामिल नहीं होकर मामले में एक आरोपी की भूमिका में आ गए हैं। ईडी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक साइमन बेंजामिन ने आवेदन में यह भी कहा कि एजेंसी खान के खिलाफ जांच अभी खत्म नहीं कर सकी क्योंकि वह उसके सामने पेश नहीं हो रहे हैं। ईडी का कहना है कि खान को पूछताछ के लिए जारी किए गए समन का पालन नहीं किया था।

केजरीवाल के मंत्री ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या उसे भी सताने लगा था ईडी का डर

Rajkumar Anand
Rajkumar Anand

केजरीवाल के मंत्री ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या उसे भी सताने लगा था ईडी का डर

केजरीवाल के मंत्री ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या उसे भी सताने लगा था ईडी का डर

आम आदमी पार्टी के नेता और अरविंद केजरीवाल सरकार के मंत्री राजकुमार आनंद ने पार्टी छोड़ दी है। राजकुमार आनंद पटेल नगर से विधायक हैं। राजकुमार आनंद ने भ्रष्टाचार को लेकर भी पार्टी पर बड़े सवाल उठाए हैं। राजकुमार आनंद के इस्तीफे के बाद आप सांसद संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। AAP नेताओं ने कहा कि परीक्षा की घड़ी है वो डर गए हैं। संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी का मकसद आप को तोड़ना है। दिल्ली, पंजाब सरकार को गिरना ही बीजेपी की मंशा है। संजय सिंह ने कहा कि यह परीक्षा की घड़ी है हो सकता है कि उनके परिवार का दबाव हो और वो डर गए हो।

संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के पीछे आम आदमी पार्टी को खत्म करने की मंशा है। ईडी की कार्रवाई के पीछे भ्रष्टाचार को उजागर करने का उद्देश्य नहीं है। बल्कि इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ आम आदमी पार्टी को तोड़ने का मकसद है। संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी ईडी- सीबीआई का इस्तेमाल कर विधायकों को तोड़ रही है। आज आम आदमी पार्टी की परीक्षा है। एक-एक मंत्री और विधायक की परीक्षा है कि आखिर हमें किस रूप में याद किया जाए, बहादुर के रूप में या कायर के रूप में?’ संजय सिंह ने आगे कहा, ‘यही हैं राजकुमार आनंद, जिनके यहां 23 घंटे तक ईडी का छापा पड़ा था। पूरी बीजेपी यह चिल्ला कर कह रही थी कि राजकुमार आनंद भ्रष्ट हैं। बीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने बयान दिया कि राजकुमार आनंद भ्रष्ट हैं। लेकिन अब हो सकता है कि जल्द ही आपको यह दिखाई पड़ जाए कि भाजपा नेता उन्हें माला पहना कर कैसे पार्टी में शामिल करते हैं या नहीं?’

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई महीने जेल में बिताने के बाद हाल ही में बाहर आए संजय सिंह ने सवाल किया, क्या आप (भाजपा) दिल्ली की तिहाड़ जेल को हिटलर के गैस चैंबर में बदलना चाहते हैं? एक मुख्यमंत्री अपने विधायकों को संदेश क्यों नहीं भेज सकता कि वे दिल्ली के लोगों की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान करें? आप अरविंद केजरीवाल को भावनात्मक रूप से तोड़ना चाहते हैं। आप अरविंद केजरीवाल को प्रताड़ित करके उन्हें झुकाना चाहते हैं। मैं बता देना चाहता हूं कि ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी। चाहे कितनी भी यातना दे लो लेकिन अरविंद केजरीवाल नहीं टूटेंगे।

दीपिका पादुकोण की प्रेगनेंसी पर सनसनीखेज खुलासा

Deepika Padukone
Deepika Padukone

दीपिका पादुकोण की प्रेगनेंसी पर सनसनीखेज खुलासा

दीपिका पादुकोण की प्रेगनेंसी पर सनसनीखेज खुलासा

बॉलीवुड के फेमस कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि दीपिका मां तो बनेंगी पर वह प्रेग्नेंट नहीं हैं सुत्रों के हवाले से ऐसी खबर आ रही कि वह सेरोगेसी से बच्चे को जन्म देंगी। रणवीर और दीपिका ने फैंस को गुड न्यूज दी थी कि सिंतबर में वो अपने पहले बच्चे का स्वागत करेंगे। अब खबरें है कि एक्ट्रेस खुद बच्चे को जन्म नहीं देंगी।

क्या दीपिका पादुकोण नहीं हैं प्रेग्नेंट

एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका प्रेग्नेंट नहीं हैं। हालांकि, वह मां जरूर बनने वाली हैं। रेडिट के अनुसार बी-टाउन में सुनने को मिल रहा है कि कपल ने माता-पिता बनने के लिए सेरोगेसी का सहारा लिया है। रेडिट के एक यूजर के मुताबिक, रणवीर सिंह काफी चुलबुले नेचर के हैं, जिस वजह से उन्होंने कुछ दोस्तों के आगे पापा बनने की न्यूज बता दी थी, इसके बाद कपल ने दीपिका के मां बनने की खबर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की।

हालंकि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की प्री वेडिंग के उत्सव में दीपिका पादुकोण की उपस्थिति ने इंटरनेट पर उनकी गर्भावस्था को लेकर सुर्खियों में आई थी। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी गर्भावस्था की घोषणा की, लेकिन दिखाई दे रहे बेबी बंप की कमी के कारण कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या वह खुद बच्चे को जन्म देंगी या सरोगेसी का विकल्प चुनेंगी।

यह अटकलें हाल ही तेज होने का कारण अभिनेत्री नयनतारा द्वारा सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों का स्वागत करने की खबरों के बीच आई हैं। दीपिका की बेबी बंप की अनुपस्थिति की तुलना नयनतारा की स्थिति से की जाने लगी है, जिससे उनकी अपनी पसंद पर सवाल उठने लगे हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दीपिका ने हाल ही में अपनी गर्भावस्था की घोषणा की है और यह पहली तिमाही हो सकती है, जबकि दूसरी तिमाही के बाद के समय में उभार दिखाई देगा। चूंकि सितंबर डिलीवरी की नियत तारीख है, इसलिए निश्चित रूप से इसमें कुछ महीने का समय और लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वामी रामदेव पस्त, बढ़ सकती हैं उनकी मुश्किलें

सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वामी रामदेव पस्त, बढ़ सकती हैं उनकी मुश्किलें

सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वामी रामदेव पस्त, बढ़ सकती हैं उनकी मुश्किलें

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान बाबा रामदेव और बालकृष्ण कोर्ट में पेश हुए। जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच यह सुनवाई कर रही थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए स्वामी रामदेव का बिना शर्त माफी का हलफनामा स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले 2 अप्रैल को हुई सुनवाई में पतंजलि की तरफ से माफीनामा जमा किया गया था। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल एसजी ने कहा कि हमने इस मामले में सुझाव दिया था कि बिना शर्त के माफी मांगी जाए। जिस पर जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि इन लोगों ने तीन-तीन बार हमारे आदेशों की अनदेखी की है, इन लोगों ने गलती की है और इनको उसका नतीजा भुगतना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होनें कहा कि, हम हलफनामा को ठुकरा रहे हैं ये केवल एक कागज का टुकड़ा है। हम अंधे नहीं हैं! हमें सब दिखता है.’ इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि लोगों से गलतियां होती हैं तो फिर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, फिर गलतियां करने वालों को भुगतना भी पड़ता है। हम इस मामले में इतने उदार नहीं होना चाहते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘इन तीनों ड्रग्स लाईसेंसिंग अधिकारियों को अभी सस्पेंड कीजिए. ये लोग आपकी नाक के नीचे दबदबा बनाते हैं, आप इसे स्वीकार करते हैं? आयुर्वेद दवाओं का कारोबार करने वाली उनसे भी पुरानी कंपनियां हैं. अदालत का मखौल बनाया जा रहा है. इनका कहना है कि विज्ञापन का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेदिक दवाओं से जोड़े रखना है, मानो वे दुनिया में आयुर्वेदिक दवाएं लाने वाले पहले व्यक्ति हैं.’

अधिकारी को लगाई कड़ी फटकार

कोर्ट ने कहा, हमें रिपोर्ट दें जिसमें 3 नोटिस दिए गए थे उसके बाद क्या करवाई हुई है? ड्रग्स विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर मिथिलेश कुमार को हिंदी में डांटते हुए कोर्ट ने कहा, ‘आपको शर्म आनी चाहिए. आपने किस आधार पर कहा कि दोषियों को चेतावनी दी जाएगी? आपने इस मामले में किस लीगल डिपार्टमेंट या एजेंसी से सलाह ली? इससे ज्यादा हिंदी में हम नहीं समझा सकते. क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई हो! क्यों ना माना जाए कि इसमें आपकी मिलीभगत भी थी. आपने बिना एक्ट में देखे वार्निंग की बात लिखी, लोग मर जाएं आप वार्निंग देते रहें. आपने बहुत नौकरी कर ली. अब घर बैठिए. आपको बुद्धि नहीं आई है.’

एक शख्स की याचिका खारिज

इस दौरान एक शख्स ने अपनी याचिका में इस बात का जिक्र किया कि मेरी मां ने इस विज्ञापन पर भरोसा किया था लेकिन उनको फायदा नहीं हुआ. कोर्ट ने दस हजार रुपए दंड के साथ वो याचिका खारिज कर दी. जस्टिस कोहली ने कहा कि आपने अदालत में सुर्खियां बंटोरने के लिए बीच में कूदते हुए ऐसी याचिका कैसे दाखिल की? ये गलत नीयत से दाखिल की गई है.

योग गुरु रामदेव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट भ्रामक विज्ञापन मामले में लगा सकता है बड़ा झटका

बीजेपी ने उम्मीदवारों की 10वीं सूची की जारी, बलिया से नीरज शेखर लड़ेगें चुनाव

Niraj Shekhar
Niraj Shekhar

बीजेपी ने उम्मीदवारों की 10वीं सूची की जारी, बलिया से नीरज शेखर लड़ेगें चुनाव

बीजेपी ने उम्मीदवारों की 10वीं सूची की जारी, बलिया से नीरज शेखर लड़ेगें चुनाव

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की 10वीं सूची जारी कर दी है। बलिया से नीरज शेखर और गाजीपुर से पारसनाथ राय को टिकट दिया गया है। भाजपा ने 2019 में चुनाव लड़कर हारे और जम्मू-कश्मीर को एलजी मनोज सिन्हा को टिकट नहीं दिया है। चंडीगढ़ से किरण खेर का टिकट काट दिया गया है और संजय टंडन को प्रत्याशी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से जयदेव सिंह ठाकुर मैदान में उतरेंगे। फूलपुर से प्रवीण पटेल को टिकट दिया गया है। इलाहाबाद से नीरज त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है। वर्तमान सांसद रीता बहुगुणा जोशी को बेटिकट कर दिया गया है। मछलीशहर से बीपी सरोज को उतारा गया है।

ऐसे करें मां चंद्रघंटा की साधना, जल्द होगी प्रसन्न

Chandraghanta
Chandraghanta

ऐसे करें मां चंद्रघंटा की साधना, जल्द होगी प्रसन्न

ऐसे करें मां चंद्रघंटा की साधना, जल्द होगी प्रसन्न

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा देवी की पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। दुर्गा मैया के 9 स्वरूप हैं। 9 स्वरूपों की अपनी गाथाएं हैं। माथे पर अर्धचंद्र लिए माता चंद्रघंटा दैत्यों का नाश करती हैं। इसलिए आइए जानते हैं चंद्रघंटा माता के अवतरित होने के अनोखी कहानी, स्वरूप, और मंत्र के बारे में, माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है। इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है। लोकवेद के अनुसार माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए साधकों को इस श्लोक को जप करना चाहिए।

|| पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||

कैसे करें साधना

हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं। हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है। हालांकि इन सब क्रियाओं का प्रमाण हमारे पवित्र धर्म ग्रंथों में कहीं नहीं मिलता, देवी देवताओं के मूल व साधना की सही विधि तत्वदर्शी यानि संत पूर्ण संत ही बता सकते हैं एसा हमारे वित्र धर्म ग्रंथों प्रमाणित करते हैं।[3] प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए। मां चन्द्रघंटा को नारंगी रंग प्रिय है। भक्त को जहां तक संभव हो, पुजन के समय सूर्य के आभा के समान रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी में कई समानताएं हैं, लेकिन फर्क सिर्फ आपके नज़रिये में है

Arvind Kejriwal vs Narendra Modi
Arvind Kejriwal vs Narendra Modi

अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी में कई समानताएं हैं, लेकिन फर्क सिर्फ आपके नज़रिये में है

अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी में कई समानताएं हैं, लेकिन फर्क सिर्फ आपके नज़रिये में है

अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी दोनों भारत में प्रमुख राजनीतिक हस्तियां हैं, लेकिन वे अलग-अलग वैचारिक पृष्ठभूमि से आते हैं और उनकी नेतृत्व शैली अलग है। हालाँकि, उनमें समानताएँ भी बहुत हैं:

1. मजबूत नेतृत्व: केजरीवाल और मोदी दोनों अपने मजबूत नेतृत्व गुणों और अपने संबंधित राजनीतिक दलों के भीतर ध्यान और अधिकार हासिल करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।

2. करिश्मा: उन दोनों के पास एक निश्चित स्तर का करिश्मा है जो उन्हें अपने समर्थकों से जुड़ने और लोगों को उनके उद्देश्यों या एजेंडे के आसपास एकजुट करने में मदद करता है।

3. लोकलुभावन अपील: दोनों नेताओं ने जनता से समर्थन हासिल करने के लिए अपने राजनीतिक अभियानों में लोकलुभावन अपीलों का इस्तेमाल किया है।

4. राजनीतिक दृढ़ता: केजरीवाल और मोदी ने अपने करियर में बाधाओं और चुनौतियों पर काबू पाकर राजनीतिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया है, जिसने भारतीय राजनीति में उनके उत्थान में योगदान दिया है।

5. विकास पर ध्यान: अपने वैचारिक मतभेदों के बावजूद, दोनों नेताओं ने अपने शासन एजेंडे में विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के महत्व पर जोर दिया है।

6. सोशल मीडिया प्रेमी: वे दोनों जनता के साथ संवाद करने और अपने एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हैं।

हालाँकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि उनकी राजनीतिक विचारधाराओं, पार्टी संबद्धताओं और शासन शैलियों में महत्वपूर्ण अंतर हैं, जो अक्सर शासन के लिए विपरीत नीतियों और दृष्टिकोणों को जन्म देते हैं।