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हांगकांग अग्निकांड में अब तक 128 लोगों की मौत, सरकार ने पीड़ित परिवारों को दी बड़ी मदद

हांगकांग के ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या 128 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं. तीन दिन बाद बचाव अभियान रोक दिया गया है. आग लगने के कारण की जांच शुरू हो गई है और पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया है.

हांगकांग में एक भीषण अग्निकांड ने भारी तबाही मचाई है, जहां सात हाई-राइज इमारतों में लगी भीषण आग के तीन दिन बाद बचाव, खोज और तलाशी अभियान शुक्रवार को रोक दिया गया. हांगकांग सरकार ने पुष्टि की है कि ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट में लगी आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 128 हो गई है.

सुरक्षा सचिव क्रिस टैंग पिंग-क्युंग ने बताया कि 200 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, और आशंका है कि पुलिस द्वारा जांच शुरू किए जाने पर और शव मिल सकते हैं. तीन दिवसीय ऑपरेशन के दौरान कुल 391 दमकल इंजन, 185 एम्बुलेंस और 2,311 फायर तथा एम्बुलेंस कर्मियों को तैनात किया गया था.

दुखद रूप से, एक फायर फाइटर की मृत्यु हो गई और 12 घायल हुए. हांगकांग पुलिस ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि लगभग 1,984 अपार्टमेंट में रहने वाले 4,600 निवासियों वाली इमारतों के समूह में आग कैसे लगी.

सरकार ने दी मदद
सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 200,000 हांगकांग डॉलर (लगभग 25,693 अमेरिकी डॉलर) की “शोक भुगतान” राशि देने की घोषणा की है. इसके अलावा अगले हफ्ते से प्रति परिवार 50,000 हांगकांग डॉलर का निर्वाह भत्ता वितरित किया जाएगा.

दो शादियों की बात, एक पत्‍नी हीरोइन…कमला पसंद-राजश्री पान मसाला के मालिक की बहू ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा- प्‍यार नहीं-भरोसा नहीं

दिल्ली के पॉश इलाके वसंत विहार इलाके में कमला पसंद और राजश्री पान मसाला ग्रुप के मालिक कमल किशोर की बहू दीप्‍ति चौरसिया ने खुदकुशी कर ली है।

दिल्ली के पॉश इलाके वसंत विहार इलाके में कमला पसंद और राजश्री पान मसाला ग्रुप के मालिक कमल किशोर की बहू दीप्‍ति चौरसिया ने खुदकुशी कर ली है। दीप्‍ति की उम्र 40 साल थी। मंगलवार की शाम उसका शव चुन्नी के सहारे फंदे से लटकता मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।

हालांकि दीप्ति चौरसिया के परिजन खुदकुशी के लिए उकसाने की पुलिस को शिकायत दे रहे हैं। दीप्ति की साल 2010 में कमल किशोर के बेटे हरप्रीत चौरसिया से शादी हुई थी। दोनों का 14 साल का एक लड़का है। बताया जा रहा है कि हरप्रीत ने दो शादी कर रखी हैं। दूसरी पत्नी दक्षिण भारत के फिल्मों की अभिनेत्री है। इसे लेकर दीप्‍ति और हरप्रीत का विवाद होता रहता था। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

सुसाइड नोट में क्या लिखा

पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें दीप्ति ने भावनात्मक बातें लिखी हैं। नोट में लिखा, अगर प्यार नहीं, भरोसा नहीं किसी रिश्ते में तो फिर रिश्ते में रहने की और जीने की वजह क्या है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दीप्ति मानसिक तनाव या किसी अन्य परेशानी से जूझ रही थीं या नहीं।

गौरतलब है कि मशहूर पान मसाला कंपनी कमला पसंद के मालिक का ताल्लुक कानपुर से है। कानपुर के फीलखाना मोहल्ले से कमला कांत चौरसिया ने गुटखा कारोबार शुरू किया था। करीब 40-45 साल पहले वो गुमटी में खुला पान मसाला बेचते थे, लेकिन आज उनकी कंपनी का अरबों रुपये का टर्नओवर है। उनके पान मसाला गुटखे के कई ब्रांड हैं। कमलाकांत चौरसिया 1980-85 के दौरान पान मसाला घर में ही बनाना प्रांरभ किया था। काहू कोठी में एक गुमटी में वो पान मसाला बेचते थे। फिर परिवार से भी उन्हें मदद मिली।

कमला पसंद पान मसाला का मालिकाना हक केपी समूह और कमला कांत कंपनी के पास है। इसके संस्थापक कमला कांत चौरसिया और कमल किशोर चौरसिया हैं। बताया जाता है कि मानिकचंद समूह कमला पसंद माउथ फ्रेशनर नामक एक संबंधित उत्पाद भी बनाता है, लेकिन मुख्य पान मसाला ब्रांड केपी समूह से जुड़ा है। केपी ग्रुप कमला पसंद पान मसाला बनाने वाली मूल कंपनी है। कमला कांत कंपनी एलएलपी के पास ब्रांड का ट्रेडमार्क है।

Indian Railway की महिला ने उड़ाई धज्जियां, देरी से नाराज महिला यात्री का सवाल बना वायरल, “सुरक्षा का जिम्मेदारा कौन होगा”

Indian Railway की महिला ने उड़ाई धज्जियां, देरी से नाराज महिला यात्री का सवाल बना वायरल, "सुरक्षा का जिम्मेदारा कौन होगा"
Indian Railway की महिला ने उड़ाई धज्जियां, देरी से नाराज महिला यात्री का सवाल बना वायरल, "सुरक्षा का जिम्मेदारा कौन होगा"

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की एक महिला यात्री द्वारा की गई शिकायत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इस पर तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है। मामला ट्रेन नंबर 12524 से जुड़ा है, जो नियत समय से लगभग 9 घंटे देरी से नई जलपाईगुड़ी पहुंची। महिला यात्री ने भारतीय रेलवे, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और IRCTC को अपने सुरक्षा व सुविधा संबंधी सवाल के साथ टैग किया और पूछा कि इतनी देर रात को उनकी सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी कौन लेगा।

महिला यात्री ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा, “एक महिला यात्री होने के नाते मैं यह पूछना चाहती हूं कि इतनी असामयिक स्थिति में मेरी सुरक्षा और सुविधा के लिए कौन जिम्मेदार होगा?” इस सवाल ने सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर गहरी हलचल मचा दी।

एक यूजर ने भारत और जापान की सेवा स्तर में अंतर को लेकर लिखा, “मैंने कहा था, जापान में 45 सेकेंड की देरी पर पूरी रकम वापस मिल जाती है, भारत कभी विकसित देश नहीं बन सकता।” वहीं दूसरे यूजर ने टिकट रद्दीकरण, अग्रिम भुगतान और रेलवे कर्मियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “टिकट कैंसिल किया तो जुर्माना लगता है, अग्रिम भुगतान महीनों पहले कर लिया जाता है पर ब्याज नहीं मिलता। ट्रेन देर या कैंसिल हुई तो कोई रेलवे स्टाफ जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता।”

आलोचना और भी तेज हुई और कई लोगों ने इसे सिस्टम की उदासीनता करार दिया। एक कमेंट में लिखा गया, “सिर्फ जनता को परेशान किया जाता है, मंत्री और अधिकारी मनमानी करते हैं। यह डेमोक्रेसी नहीं, डेमोक्रेजी है।” इस टिप्पणी में सुप्रीम कोर्ट से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक के टैग के साथ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक सुधारों की मांग भी की गई।

इस पोस्ट को अब तक सैकड़ों लोग रीट्वीट कर चुके हैं और वे सभी रेलवे व्यवस्था में सुधार, मुआवजा, और स्पष्ट जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने भारतीय रेलवे की सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, और जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है।

Chaitanyananda Case: चैतन्यानंद के कारनामों की खुल रही परतें, UN नंबर प्लेट से लेकर PMO से था इसका संबंध

Chaitanyananda Case: चैतन्यानंद के कारनामों की खुल रही परतें, UN नंबर प्लेट से लेकर PMO से था इसका संबंध
Chaitanyananda Case: चैतन्यानंद के कारनामों की खुल रही परतें, UN नंबर प्लेट से लेकर PMO से था इसका संबंध

नई दिल्ली: खुद को रसूखदार और प्रभावशाली दिखाने की होड़ में बाबा चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी ने फर्जीवाड़े की सारी हदें पार कर दीं। अब धीरे-धीरे उसके झूठ का जाल सामने आ रहा है और बाबा की हरकतों से लोग हैरान हैं।

सबसे पहले चैतन्यानंद की एक लग्जरी कार पर संयुक्त राष्ट्र (UN) की नकली नंबर प्लेट (39 UN 1) लगी मिली, जिससे उसने खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यक्ति दिखाने की कोशिश की। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत थी। बाबा के पास से प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र मिला है, जिसमें उसने खुद को प्राइम मिनिस्टर एडवाइजरी काउंसिल ऑफ एजुकेशन का सदस्य बताया है।

इतना ही नहीं, बाबा ने फरीदाबाद के एक प्रतिष्ठित स्कूल मानव रचना को चिट्ठी भेजकर खुद को राज्य मंत्री (Minister of State) तक घोषित कर दिया। इस पत्र के पीछे उसका मकसद सिर्फ यह था कि वह अपने प्रभाव और झूठी हैसियत से संस्थानों को प्रभावित कर सके।

बाबा की फोटोशॉप की गई तस्वीरें भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सामने आ रही हैं। एक फोटो में वह सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बराबर की कुर्सी पर बैठा नजर आ रहा है, जिसे योगी और बाबा रामदेव की असली तस्वीर में छेड़छाड़ कर बनाया गया है। दूसरी तस्वीर में बाबा, योगी और बाबा रामदेव के साथ खड़ा दिख रहा है, जो भी एक फर्जी फोटो है। तीसरी तस्वीर में वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ गंभीर बातचीत करते दिखाया गया है, लेकिन यह तस्वीर भी पूरी तरह से बनावटी और फोटोशॉप की गई है।

इन सभी फर्जी तस्वीरों और दस्तावेजों का मकसद केवल एक था लोगों को भ्रमित करना, अपनी हैसियत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और खुद को हाई-प्रोफाइल बाबा के रूप में स्थापित करना। आश्रम में रहने वाले छात्र और अनुयायी भी उसके इस दिखावे से प्रभावित हों, इसके लिए बाबा ने बड़े-बड़े नेताओं के साथ झूठी निकटता दर्शाने का षड्यंत्र रचा।

लेकिन अब बाबा का हर फर्जीवाड़ा एक-एक कर सामने आ रहा है और उसकी साख पूरी तरह से गिर चुकी है। बाबा भले ही जेल में है, लेकिन उसकी हेकड़ी और फर्जी पहचान की परतें खुलती जा रही हैं। अब जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और जल्द ही कई और खुलासे होने की संभावना है।

Bihar Election 2025: चुनाव आयोग की तैयारियों की समीक्षा शुरू, सभी दलों के साथ बैठक जारी

Bihar Election 2025: चुनाव आयोग की तैयारियों की समीक्षा शुरू, सभी दलों के साथ बैठक जारी
Bihar Election 2025: चुनाव आयोग की तैयारियों की समीक्षा शुरू, सभी दलों के साथ बैठक जारी

पटना: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने राज्य में अपनी जमीनी समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पटना पहुंचा। यह दौरा बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

पटना में सभी दलों के साथ बैठक जारी

पटना के ताज होटल में मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक चल रही है। इस बैठक में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ-साथ बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद गुंज्याल और वरिष्ठ चुनाव अधिकारी भी मौजूद हैं। बिहार की 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हैं। इसमें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस दौरे की जानकारी दी और लिखा,
“मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. संधू एवं डॉ. जोशी की अध्यक्षता में ECI प्रतिनिधिमंडल आज पटना पहुंचा है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।”

चुनाव आयोग के बिहार दौरे से पहले दिल्ली में 425 अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर तैयार किया गया है। इनमें 287 आईएएस, 58 आईपीएस और अन्य सेवाओं के 80 अधिकारी शामिल हैं। यह बैठक इंडियन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में हुई।

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने इस अवसर पर पर्यवेक्षकों को “लोकतंत्र के प्रकाश स्तंभ” (Beacons of Democracy) बताया और निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा मतदाता अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी को दोहराया। उन्होंने पर्यवेक्षकों को यह भी निर्देश दिया कि वे राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के साथ संपर्क में रहें और शिकायतों का त्वरित समाधान करें।

संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत चुनाव आयोग इन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। इनका कार्य चुनावी प्रक्रिया की निगरानी, नियमों के पालन की जांच और मतदान केंद्रों पर व्यवस्था सुनिश्चित करना होता है।

बिहार चुनाव की संभावित तारीखें

हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव की आधिकारिक तिथियां अभी घोषित नहीं की गई हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार चुनाव की तारीखें 6 या 7 अक्टूबर को घोषित की जा सकती हैं। सर्वदलीय बैठक और तैयारियों की तीव्र गति को देखते हुए राज्य का राजनीतिक माहौल तेजी से चुनावी मोड़ ले रहा है। जैसे-जैसे चुनाव आयोग की निगरानी और समीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने पर है कि बिहार विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हों, जिससे मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का निर्भय होकर उपयोग कर सकें।

UPSC अब जारी करेगा Provisional Answer Key, अभ्यर्थियों को मिलेगी आपत्ति दर्ज करने की सुविधा

UPSC अब जारी करेगा Provisional Answer Key, अभ्यर्थियों को मिलेगी आपत्ति दर्ज करने की सुविधा
UPSC अब जारी करेगा Provisional Answer Key, अभ्यर्थियों को मिलेगी आपत्ति दर्ज करने की सुविधा

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद प्रोविजनल उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) जारी करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे के जरिए सामने आया है, जिसे सिविल सेवा अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यूपीएससी ने कोर्ट को बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के बाद प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की जाएगी, जिस पर अभ्यर्थी आपत्तियां या सुझाव दे सकेंगे। इन आपत्तियों पर विशेषज्ञों की टीम विचार करेगी और उसके आधार पर अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी। इसके बाद ही प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा।

हलफनामे में आयोग ने कहा,
“याचिका लंबित रहने के दौरान, आयोग ने विभिन्न पहलुओं पर विचार किया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता और एमिकस क्यूरी जयदीप गुप्ता व उनके सहयोगी अधिवक्ता प्रांजल किशोर के सुझाव भी शामिल थे। व्यापक विचार-विमर्श के बाद आयोग ने यह निर्णय लिया है कि:

  • प्रारंभिक परीक्षा के बाद प्रोविजनल उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी
  • अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिनके समर्थन में तीन प्रमाणिक स्रोतों का उल्लेख आवश्यक होगा
  • इन आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की समिति विचार करेगी
  • अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर ही परिणाम घोषित किया जाएगा
  • अंतिम उत्तर कुंजी केवल अंतिम परिणाम के बाद ही सार्वजनिक की जाएगी”

इससे पहले मई 2025 में UPSC ने प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करने के विचार का विरोध किया था और इसे “उल्टा असर डालने वाला” बताया था, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में देरी हो सकती थी। हालांकि, अब आयोग ने अपनी नीति में बदलाव किया है।

वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब में कहा कि UPSC के हलफनामे में इस वर्ष के उन अभ्यर्थियों के लिए कोई समाधान नहीं बताया गया है, जिन्हें उत्तर कुंजी नहीं दी गई थी।

इस बीच, UPSC के चेयरमैन अजय कुमार ने एक वर्चुअल टाउन हॉल में अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आयोग की “धोखाधड़ी और फर्जी प्रमाणपत्रों” के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी नौकरी की परीक्षा में धोखाधड़ी करना स्वीकार्य नहीं है और यह उम्मीदवार के करियर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है।

UPSC ने अपनी शताब्दी वर्ष की शुरुआत विभिन्न आयोजनों के साथ की है, जिसमें पहली बार एक वर्चुअल टाउन हॉल का आयोजन भी शामिल था। टाउन हॉल के दौरान चेयरमैन ने उम्मीदवारों से अपील की कि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी से दूर रहें और पारदर्शी व निष्पक्ष प्रक्रिया पर विश्वास रखें।

यह निर्णय पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में UPSC का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

India vs West Indies 1st Test: भारत की पकड़ मजबूत, वेस्टइंडीज संकट में

India vs West Indies 1st Test: भारत की पकड़ मजबूत, वेस्टइंडीज संकट में
India vs West Indies 1st Test: भारत की पकड़ मजबूत, वेस्टइंडीज संकट में

अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारत ने खेल पर पूरी तरह से अपनी पकड़ बना ली है। पहले दो दिन में शानदार बल्लेबाज़ी प्रदर्शन के बाद, भारतीय गेंदबाज़ों ने भी वेस्टइंडीज को बैकफुट पर धकेल दिया है।

भारत ने अपनी पहली पारी 448/5 पर घोषित की, जिसमें केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक जमाए। राहुल ने अपने टेस्ट करियर का 11वां शतक लगाया, जबकि जडेजा ने अपने छठे और जुरेल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया। जुरेल ने 125 रनों की शानदार पारी खेली।

तीसरे दिन वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों के सामने उनका टॉप ऑर्डर पूरी तरह से लड़खड़ा गया। पहले 15 ओवर में ही वेस्टइंडीज ने अपने पांच विकेट गंवा दिए। रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर ने अहम विकेट लेकर वेस्टइंडीज को बैकफुट पर धकेल दिया।

टीम इंडिया ने सुबह पारी घोषित कर दी थी, जिससे वेस्टइंडीज पर 286 रनों की बढ़त का दबाव बना रहा। इसके बाद तेज शुरुआत करते हुए भारत ने वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज तगेनरीन चंद्रपॉल (8) और जॉन कैंपबेल (14) को सस्ते में पवेलियन भेजा। शाई होप, रोस्टन चेस और ब्रैंडन किंग भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।

लंच तक वेस्टइंडीज का स्कोर 66/5 था और वे भारत से अभी भी 220 रन पीछे थे। दूसरे सत्र में थोड़ी स्थिरता दिखाते हुए एथानाज़े और ग्रेव्स ने साझेदारी करने की कोशिश की, लेकिन 92 के स्कोर पर सुंदर ने एथानाज़े को आउट कर दिया।

इस समय तक वेस्टइंडीज की दूसरी पारी का स्कोर 92/6 है और भारत जीत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय गेंदबाज़ लगातार दबाव बनाए हुए हैं, और वेस्टइंडीज की हार अब महज़ समय का सवाल लग रही है।

पहले दिन मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने वेस्टइंडीज को 162 रन पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसमें सिराज ने चार और बुमराह ने तीन विकेट झटके थे।

भारत की ओर से बल्लेबाज़ी में राहुल, जडेजा और जुरेल की पारियों ने मैच का रुख पूरी तरह से भारत की ओर मोड़ दिया। अब भारतीय टीम जीत से केवल कुछ विकेट दूर है।

यदि वेस्टइंडीज कोई करिश्मा नहीं करता, तो यह टेस्ट मैच जल्द ही भारत की जीत के साथ समाप्त हो सकता है।

Cyclone Shakhti ने मचाया कहर, महाराष्ट्र के कई जिलों में चेतावनी, समुद्र में न जाने की सलाह

Cyclone Shakhti ने मचाया कहर, महाराष्ट्र के कई जिलों में चेतावनी, समुद्र में न जाने की सलाह
Cyclone Shakhti ने मचाया कहर, महाराष्ट्र के कई जिलों में चेतावनी, समुद्र में न जाने की सलाह

मुंबई: अरब सागर में उठा चक्रवात ‘शक्ति’ अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है, जिससे महाराष्ट्र के कई तटीय और आंतरिक जिलों में खतरे की घंटी बज गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए चक्रवात की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर महाराष्ट्र के तटवर्ती क्षेत्रों में 3 से 5 अक्टूबर के बीच 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो कि 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। समुद्र की स्थिति बेहद खराब बताई गई है, और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

चक्रवात शक्ति वर्तमान में गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है और पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। रविवार तक इसके उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सोमवार (6 अक्टूबर) से यह तूफान पूर्वोत्तर दिशा में मुड़ सकता है और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

यह तूफान इस साल के मानसून के बाद अरब सागर का पहला चक्रवात है, जिसकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही है और स्थिति के अनुसार इसमें और तीव्रता आने की आशंका है।

राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है, और तटीय एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निकासी योजनाओं को तैयार करने का आदेश दिया गया है।

आंतरिक महाराष्ट्र, विशेष रूप से पूर्व विदर्भ और मराठवाड़ा में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। वहीं, उत्तर कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि बादल घने हो गए हैं और वायुमंडल में अत्यधिक नमी है।

मौसम विभाग और प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और समुद्र या खतरे वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

Singer Zubeen Garg की मौत की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने की घोषणा

Singer Zubeen Garg की मौत की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने की घोषणा
Singer Zubeen Garg की मौत की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने की घोषणा

गुवाहाटी: असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमय मौत के मामले में असम सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक न्यायिक जांच आयोग गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से बताया कि यह आयोग शनिवार को गठित किया जाएगा और इसकी अगुवाई गौहाटी हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश जस्टिस सौमित्र सैकिया करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम कल से न्यायिक आयोग का गठन कर रहे हैं। मैं सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि जिनके पास जुबिन गर्ग की मौत से संबंधित कोई भी जानकारी या वीडियो हो, वे सामने आकर आयोग के सामने अपना बयान दें।”

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जुबिन की पत्नी को सौंपी जाएगी

सीएम सरमा ने यह भी बताया कि सिंगापुर में हुए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट जुबिन की पत्नी गरिमा को सौंप दी गई है और गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में हुए दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट भी शनिवार को उन्हें दे दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “यह गरिमा (जुबिन की पत्नी) पर निर्भर करता है कि वह रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहती हैं या नहीं। हम यह रिपोर्ट न्यायालय में भी जमा करेंगे।”

जुबिन के बैंड सदस्यों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

इस मामले में गायक जुबिन गर्ग के दो बैंड सदस्यों ड्रमर शेखरज्योति गोस्वामी और को-सिंगर अमृतप्रभा महंता को अदालत ने शुक्रवार को 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इन दोनों को कई दिनों की पूछताछ के बाद गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों उस याच (नौका) पर मौजूद थे जिस पर जुबिन गर्ग 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय डूब गए थे।

अब तक चार गिरफ्तारियां, हत्या का मामला दर्ज

इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले जुबिन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंता को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। उन पर पुलिस ने हत्या के आरोप लगाए हैं। फिलहाल ये दोनों भी सीआईडी की हिरासत में 14 दिनों की रिमांड पर हैं।

सीआईडी के विशेष डीजी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा, “चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस समय इससे अधिक कुछ साझा नहीं किया जा सकता।”

भारत-सिंगापुर संबंधों के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे जुबिन गर्ग

गौरतलब है कि जुबिन गर्ग भारत और सिंगापुर के कूटनीतिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने सिंगापुर गए थे। वह इंडिया-आसियान टूरिज्म ईयर और नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के हिस्से के रूप में कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे।

जुबिन गर्ग की असम में अपार लोकप्रियता है और उनकी असमिया, हिंदी और अन्य भाषाओं में गायी गईं कई गीतों ने उन्हें एक सांस्कृतिक आइकन बना दिया है। उनकी आकस्मिक मौत से राज्य भर में शोक की लहर है और अब न्यायिक जांच की घोषणा से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी।