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6 साल से दुनिया से दूरी, न फोन न तस्वीरें… सिर्फ ‘टोनी’ ही था सहारा; जिया-राधा की दर्दनाक कहानी

लखनऊ के पारा इलाके से सामने आई एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की गंभीर बीमारी से मानसिक रूप से टूट चुकीं दो सगी बहनों ने फिनायल पीकर आत्महत्या कर ली। दोनों बहनें लंबे समय से अवसाद और सामाजिक अलगाव से जूझ रही थीं और अपने पालतू डॉगी से गहरा भावनात्मक लगाव रखती थीं।

यह मामला पारा थाना क्षेत्र के दोदा खेड़ा, जलालपुर का है। मृतक बहनों की पहचान 24 वर्षीय राधा सिंह और 22 वर्षीय जिया सिंह के रूप में हुई है। दोनों शिक्षित थीं और ग्रेजुएशन कर चुकी थीं।

सामाजिक जीवन से पूरी तरह कट चुकी थीं बहनें

परिजनों के मुताबिक, दोनों बहनें बीते कई वर्षों से सामान्य सामाजिक जीवन से दूर थीं। वे न तो मोहल्ले के लोगों से बातचीत करती थीं और न ही किसी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होती थीं। परिवार से अलग खाना बनाना और अकेले रहना उनकी दिनचर्या बन चुकी थी।

बताया गया कि दोनों बहनें मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और तस्वीरें खिंचवाने जैसी चीजों से भी दूरी बनाए रखती थीं। मां का कहना है कि फोटो खींचने की बात पर वे नाराज तक हो जाया करती थीं।

‘टोनी’ ही था उनकी दुनिया

65 वर्षीय कैलाश सिंह की बेटियों ने जर्मन शेफर्ड नस्ल का एक कुत्ता पाल रखा था, जिसका नाम टोनी था। यही डॉगी दोनों बहनों के जीवन का केंद्र बन चुका था। वे अधिकतर समय उसी के साथ बिताती थीं। यहां तक कि खाने में भी पहले टोनी का हिस्सा अलग रखा जाता था।

करीब एक महीने पहले टोनी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। बहनों को यह डर सताने लगा कि कहीं उनका डॉगी उन्हें छोड़ न दे। इसी चिंता ने उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया।

डिप्रेशन ने छीना जीवन

परिवार के अनुसार, छोटी बहन जिया पहले से ही मानसिक रूप से अस्थिर थी। टोनी की बीमारी के बाद राधा भी गहरे अवसाद में चली गई। बुधवार को दोनों ने एक साथ फिनायल पी लिया और तुरंत अपनी मां गुलाबा देवी को इसकी जानकारी दी।

मां ने बड़े बेटे वीर सिंह को फोन कर बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दोनों को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही राधा की मौत हो गई। जिया ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।

डर और अंधविश्वास भी बना वजह

पड़ोसियों और परिजनों ने बताया कि दोनों बहनें अक्सर डर और भूत-प्रेत जैसी आशंकाओं की बातें किया करती थीं। उनके इलाज के लिए परिवार उन्हें कई बार बालाजी भी ले गया था, लेकिन कोई खास सुधार नहीं दिखा। परिवार को लगता था कि उन पर किसी तरह का साया है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और परिस्थितियों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

IIT से पढ़े CEO की शर्मनाक करतूत, डैशकैम ने खोला राज; IT मैनेजर के साथ कार में गैंगरेप का पूरा मामला

राजस्थान के उदयपुर से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक आईटी कंपनी की महिला मैनेजर के साथ कार के अंदर कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के सीईओ समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और कार में लगे डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज ने इस जघन्य अपराध की पुष्टि की है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

कैसे शुरू हुई वारदात

घटना की शुरुआत 20 दिसंबर की रात से होती है। आईटी कंपनी के सीईओ जयेश की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी उदयपुर के शोभागपुरा इलाके में स्थित एक होटल में आयोजित की गई थी। पार्टी में कंपनी के सीमित कर्मचारियों को आमंत्रित किया गया था। पीड़िता, जो उसी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है, रात करीब 9 बजे वहां पहुंची।

शुरुआत में माहौल सामान्य और खुशनुमा था। संगीत, ड्रिंक्स और जश्न का दौर चलता रहा। जैसे-जैसे रात गहराती गई, पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे वह काफी थकी और असहज नजर आ रही थी। कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात कर रहे थे, तभी कंपनी की एक महिला सीनियर एग्जीक्यूटिव ने ‘आफ्टर पार्टी’ का सुझाव दिया। सहकर्मी होने के कारण पीड़िता ने इनकार नहीं किया।

कार में ले जाकर रची गई साजिश

करीब 1:45 बजे पीड़िता को एक कार में बैठाया गया। कार में पहले से कंपनी का सीईओ जयेश और महिला एग्जीक्यूटिव का पति मौजूद था। तीनों ने भरोसा दिलाया कि उसे सुरक्षित घर पहुंचा दिया जाएगा। रास्ते में कार एक दुकान पर रुकी, जहां से स्मोकिंग से जुड़ा सामान खरीदा गया। इसके बाद कार के भीतर ही पीड़िता से भी स्मोकिंग करवाई गई, जिससे कुछ ही समय में उसकी हालत बिगड़ती चली गई और वह अर्ध-बेहोशी की स्थिति में पहुंच गई।

होश आने पर सामने आई भयावह सच्चाई

कुछ समय बाद जब पीड़िता को होश आया, तो हालात बेहद डरावने थे। कार के अंदर ही सीईओ उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। नशे और कमजोरी के कारण वह प्रभावी रूप से विरोध नहीं कर पा रही थी। पीड़िता के अनुसार, इसके बाद सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव और उसके पति ने मिलकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पूरी रात यह सिलसिला चलता रहा।

घर के पास छोड़कर फरार

सुबह करीब 5 बजे आरोपी उसे उसके घर के नजदीक छोड़कर मौके से फरार हो गए। किसी तरह वह घर पहुंची। पूरी तरह होश में आने पर उसे शरीर में तेज दर्द और चोटों का एहसास हुआ। उसके कान की एक बाली गायब थी, कपड़े अस्त-व्यस्त थे और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए।

डैशकैम बना सबसे बड़ा सबूत

कुछ देर बाद पीड़िता को याद आया कि जिस कार में यह घटना हुई, उसमें डैशकैम लगा था। साहस जुटाकर उसने डैशकैम की रिकॉर्डिंग चेक की। फुटेज में घटना से जुड़ी आवाजें और कुछ दृश्य रिकॉर्ड मिले, जो इस अपराध के अहम सबूत बन गए। अनजाने में आरोपी अपने ही खिलाफ ठोस सबूत छोड़ चुके थे।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इसके बाद पीड़िता ने उदयपुर पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और डैशकैम फुटेज के आधार पर पुलिस ने तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की।

मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे प्रथम दृष्टया सामूहिक दुष्कर्म के संकेत मिले। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने आईटी कंपनी के सीईओ जयेश, सह-आरोपी गौरव और उसकी पत्नी शिल्पा को गिरफ्तार कर लिया।

रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ

एसपी योगेश गोयल ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि पूछताछ के दौरान और अहम जानकारियां सामने लाई जा सकें। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पीड़िता को बेहोश करने के लिए किसी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

Baba Vanga Predictions 2026: नए साल को लेकर बाबा वेंगा की 5 भविष्यवाणियां, जिनसे दुनिया में चिंता का माहौल

भले ही बाबा वेंगा देख नहीं सकती थीं, लेकिन उनकी भविष्यवाणियों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने भविष्य को लेकर कई ऐसे संकेत दिए, जिनमें से कुछ समय के साथ सच साबित हुए। इसी कारण बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां आज भी चर्चा में रहती हैं।अब जब साल 2026 दस्तक देने वाला है, तो बाबा वेंगा की आने वाले साल को लेकर की गई भविष्यवाणियां एक बार फिर लोगों के बीच डर और जिज्ञासा पैदा कर रही हैं। माना जाता है कि उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले कई वर्षों के लिए भविष्य के संकेत दिए थे, जिनमें 2026 को लेकर की गई भविष्यवाणियां काफी चौंकाने वाली हैं।

मुख्य बातें

  • बाबा वेंगा अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए जानी जाती हैं
  • उनकी कई भविष्यवाणियां पहले सच साबित हो चुकी हैं
  • साल 2026 को लेकर किए गए अनुमान लोगों को चिंता में डाल रहे हैं

प्राकृतिक आपदाओं का खतरा

बाबा वेंगा के अनुसार, साल 2026 में प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा सकती है। इस दौरान भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उनकी इस भविष्यवाणी ने लोगों के बीच डर का माहौल बना दिया है।

विनाशकारी युद्ध की आशंका

बाबा वेंगा ने यह भी संकेत दिए हैं कि विश्व की बड़ी ताकतों के बीच संघर्ष हो सकता है। इस संभावित युद्ध से भारी तबाही और जान-माल के नुकसान की आशंका जताई गई है।

एलियंस से संपर्क का दावा

एक और हैरान करने वाली भविष्यवाणी में बाबा वेंगा ने कहा है कि 2026 में पृथ्वी का एलियंस से संपर्क हो सकता है। यह भविष्यवाणी नई नहीं है, लेकिन नए साल के करीब आते ही इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आर्थिक संकट की चेतावनी

बाबा वेंगा के अनुसार, आने वाले साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में आ सकती है। बैंकिंग सिस्टम में संकट, बढ़ती महंगाई और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

AI से बदलेगा मानव जीवन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी बाबा वेंगा ने चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, 2026 में एआई मानव जीवन पर गहरा असर डालेगा। यदि तकनीक पर नियंत्रण नहीं रहा, तो एआई महत्वपूर्ण फैसले लेने की स्थिति में आ सकता है।

अस्वीकरण:यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित है। इसमें दी गई भविष्यवाणियों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

बंद कमरे में 52 ब्राह्मण विधायकों की मौजूदगी से यूपी की राजनीति में हलचल, क्या है इसकी असली वजह?

उत्तर प्रदेश की राजनीति उस वक्त गर्मा गई, जब करीब 50 से ज्यादा ब्राह्मण विधायक एक साथ लखनऊ में जुटते नजर आए। यह जुटान कुशीनगर से बीजेपी विधायक पंचानंद पाठक के आवास पर हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया। खास बात यह रही कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ, जब विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है और सभी दलों के विधायक राजधानी में मौजूद हैं।

मंगलवार शाम आयोजित इस आयोजन में बीजेपी के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के ब्राह्मण विधायक और विधान परिषद सदस्य भी शामिल हुए। कुल 52 विधायक और एमएलसी बंद कमरे में एक साथ बैठे, जिससे राजनीतिक हलकों में इसे किसी बड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जाने लगा। इस कार्यक्रम को ‘सहभोज’ नाम दिया गया था, जिसमें मुख्य रूप से पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

हालांकि, इसे लेकर आयोजकों और मौजूद विधायकों ने किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा से इनकार किया है। मिर्जापुर नगर से विधायक रत्नाकर मिश्रा ने साफ कहा कि यह सिर्फ एक भोजन कार्यक्रम था, न कि कोई राजनीतिक बैठक। उनके अनुसार, सभी लोग सामान्य रूप से बैठे, भोजन किया और फिर वहां से चले गए।

इस सहभोज में रत्नाकर मिश्रा के अलावा शलभमणि त्रिपाठी और एमएलसी उमेश द्विवेदी भी मौजूद थे। ये सभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं, जिससे इस आयोजन को और अधिक महत्व दिया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पहले विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान ठाकुर विधायकों का भी इसी तरह का जुटान हुआ था, जिसे ‘कुटुंब’ नाम दिया गया था।

तब उस आयोजन को पारिवारिक मेल-मिलाप बताया गया था, लेकिन राजनीतिक मायने भी निकाले गए थे। ऐसे में ब्राह्मण विधायकों का यह सहभोज उसी कड़ी का अगला अध्याय माना जा रहा है, जिसने सर्दियों के मौसम में भी यूपी की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।

ISRO सैटेलाइट लॉन्च लाइव अपडेट: पीएम मोदी ने ISRO के LVM3-M6 प्रक्षेपण की सराहना की, इसे अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’ बताया।

ISRO सैटेलाइट लॉन्च अपडेट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने LVM3-M6 मिशन की सफलता की सराहना करते हुए इसे भारत के तेजी से विकसित हो रहे अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को अपने भारी-भरकम प्रक्षेपण यान LVM3-M6 के जरिए ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का विशेष वाणिज्यिक प्रक्षेपण सफलतापूर्वक किया।

रॉकेट ने सुबह 8:55:30 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरी। यह मिशन पहले सुबह 8:54 बजे निर्धारित था, लेकिन बाद में समय में कुछ सेकंड का बदलाव किया गया।

6,100 किलोग्राम वजनी ब्लूबर्ड ब्लॉक-2, LVM3 द्वारा लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह बन गया है। यह उपलब्धि ISRO के प्रक्षेपण इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

यह मिशन जटिल और उच्च मूल्य वाले वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपणों को संभालने में भारत की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है।

ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “#LVM3M6 का लॉन्च दिवस। LVM3-M6 ने सुबह 08:55:30 बजे IST पर SDSC SHAR से ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को लेकर सफल उड़ान भरी।”

बीजेपी ने बर्लिन में दिए गए बयान को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की, उन पर ‘अस्थिरता फैलाने’ का आरोप लगाया।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को जर्मनी के बर्लिन में दिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना की। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जानबूझकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखे एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिससे देश में अशांति का माहौल बन सके।

भंडारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी अक्सर विदेश जाकर भारत के विरोधी ताकतों को एकजुट करने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास के खिलाफ है और उसका रवैया रचनात्मक विपक्ष के बजाय अस्थिरता फैलाने वाला है।

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उनसे अधिक जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। करंदलाजे ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में विकास और सुशासन के बजाय आंतरिक राजनीतिक विवाद अधिक दिखाई देते हैं।

राहुल गांधी ने बर्लिन के हर्टी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भाजपा ने देश की प्रमुख संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया और आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।

राहुल गांधी का दावा था कि ये एजेंसियां विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती हैं, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को आर्थिक मदद देने वाले कारोबारियों पर दबाव बनाया जाता है और सरकारी संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक शक्ति को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल भाजपा से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ रहा है, बल्कि देश की संस्थागत संरचना को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक मजबूत प्रतिरोध खड़ा किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत और पश्चिमी देशों ने चीन को उत्पादन के क्षेत्र में बहुत अधिक बढ़त दे दी है। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक देशों में रोजगार के अवसर कम हुए हैं और भारत, अमेरिका तथा यूरोप के कई हिस्सों में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों को रोजगार और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उत्पादन आधारित आर्थिक मॉडल पर फिर से ध्यान देना होगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां मजबूत करनी होंगी।

राहुल गांधी इस समय जर्मनी के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग कमजोर हो रही है। 17 दिसंबर को म्यूनिख स्थित BMW वर्ल्ड म्यूजियम के दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि आर्थिक मजबूती के लिए मैन्युफैक्चरिंग बेहद जरूरी है और भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए मजबूत औद्योगिक ढांचा विकसित किया जाना चाहिए।

हालांकि भाजपा ने इन दावों को खारिज कर दिया है। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पिछले दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात में हुई बढ़ोतरी तथा ऑटोमोबाइल निर्माण क्षेत्र के विस्तार का हवाला देते हुए राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया।

दीपू के सहकर्मी ही बने उसके कातिल, इस्तीफे के बाद भी नहीं थमा गुस्सा

बांग्लादेश की दिल दहला देने वाली लिंचिंग की पूरी कहानी

बांग्लादेश की एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा की गई निर्मम हत्या को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि यदि फैक्ट्री प्रबंधन ने समय रहते सूचना दी होती, तो संभवतः दीपू की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस जांच में अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि दीपू ने किसी की धार्मिक भावनाएं आहत की थीं। बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के एसपी (इंडस्ट्रियल) मोहम्मद फरहाद हुसैन खान के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी रात करीब आठ बजे उनके एक सब-इंस्पेक्टर ने दी थी। स्थानीय अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके की ओर रवाना हो गई, लेकिन तब तक हालात हाथ से निकल चुके थे। एसपी ने कहा, “सड़क पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। इतनी भारी भीड़ के कारण घटनास्थल तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया था। जब हम फैक्ट्री गेट तक पहुंचे, तब देखा कि उग्र भीड़ शव को ढाका–मयमनसिंह हाईवे की ओर ले जा रही थी, जो वहां से लगभग दो किलोमीटर दूर है। करीब तीन घंटे तक दस किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम रहा, जिससे पुलिस और अन्य एजेंसियों की आवाजाही बाधित हो गई।”

उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर था, जबकि भालुका थाना अपेक्षाकृत नजदीक है। एसपी का कहना है कि यदि समय पर कॉल की जाती, तो स्थिति को संभाला जा सकता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से किसी अधिकारी ने सीधे पुलिस से संपर्क नहीं किया।

फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष

द डेली स्टार से बातचीत में पायनियर निटवेयर बांग्लादेश के सीनियर मैनेजर (प्रशासन) साकिब महमूद ने बताया कि शाम करीब पांच बजे कुछ मजदूर फैक्ट्री परिसर में हंगामा करने लगे थे। उनका आरोप था कि दीपू ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। सूचना मिलते ही फैक्ट्री के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में करने की कोशिश की। उस समय तक वहां सैकड़ों लोग जमा हो चुके थे। सीनियर मैनेजर ने साफ कहा कि दीपू पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई सबूत मौजूद नहीं था, लेकिन इसके बावजूद मजदूरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। हालात बिगड़ते देख शाम करीब 7:30 बजे दीपू से एक तरह का ‘औपचारिक इस्तीफा’ भी दिलवाया गया, ताकि भीड़ को शांत किया जा सके। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद दीपू को फैक्ट्री के सिक्योरिटी रूम में रखा गया और रात आठ बजे पुलिस को सूचना दी गई।जब प्रबंधन से पुलिस को देर से सूचना देने को लेकर सवाल किया गया, तो उनका कहना था कि उन्होंने पहले आंतरिक स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की। इसी दौरान शिफ्ट बदलने का समय हो गया और दूसरी शिफ्ट के मजदूर भी वहां पहुंच गए। खबर फैलते ही स्थानीय लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।

फैक्ट्री में घुसकर दीपू को बाहर घसीटा

सीनियर मैनेजर के अनुसार, रात करीब पौने नौ बजे उग्र भीड़ ने फैक्ट्री का दरवाजा तोड़ दिया और सिक्योरिटी रूम से दीपू को जबरन बाहर निकाल लिया। फैक्ट्री सूत्रों का दावा है कि इसके बाद हमलावर दीपू को घसीटते हुए बाहर ले गए, जहां स्थानीय लोग भी हिंसा में शामिल हो गए और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। बाद में शव को आग के हवाले कर दिया गया। मयमनसिंह में RAB-14 के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमां ने बताया कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि मृतक ने फेसबुक पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट की थी। उन्होंने कहा कि हालात बिगड़ने पर फैक्ट्री को बचाने के लिए उसे जबरन बाहर निकाला गया।

इस आरोप पर कि दीपू को जानबूझकर भीड़ के हवाले किया गया, सीनियर मैनेजर साकिब महमूद ने इससे साफ इनकार किया।

गौरतलब है कि 18 दिसंबर 2025 की रात बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में उग्र भीड़ ने हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी थी। दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में मजदूरी करता था और किराए के मकान में रहता था। उस पर कथित तौर पर कुफ्र का आरोप लगाया गया था, जिसे पुलिस ने गलत बताया। इसके बावजूद भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला, शव को पेड़ से लटकाया और फिर जला दिया।

अब तक 12 गिरफ्तार

इस मामले में बांग्लादेश पुलिस अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पीड़ित के भाई अपू चंद्र दास ने भालुका थाने में 140–150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

समाप्त

India T20 World Cup Squad: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम घोषित, शुभमन गिल बाहर, ईशान किशन की चौंकाने वाली वापसी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया की घोषणा कर दी है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा, जहां मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करेगी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा 20 दिसंबर (शनिवार) को की गई। इस बार टीम की कमान सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई है, जबकि ऑलराउंडर अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया है। चयन में सबसे बड़ा फैसला शुभमन गिल को बाहर रखना रहा, जो हालिया खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और साउथ अफ्रीका सीरीज तक टीम के उपकप्तान भी थे।

ईशान किशन की वापसी, गिल और जितेश बाहर

करीब दो साल बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने भारतीय टीम में वापसी की है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है। वहीं जितेश शर्मा को 15 सदस्यीय स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है।

ओपनिंग की जिम्मेदारी अब संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा संभालते नजर आएंगे। मिडिल ऑर्डर में रिंकू सिंह को भी टीम में शामिल किया गया है।

चयन बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस

मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में चयन समिति की अहम बैठक हुई, जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम की घोषणा की। इस दौरान चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और कप्तान सूर्यकुमार यादव भी मौजूद रहे।

न्यूजीलैंड सीरीज में भी यही टीम

टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई यही भारतीय टीम जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी हिस्सा लेगी।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: टूर्नामेंट से जुड़ी अहम जानकारी

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: टूर्नामेंट से जुड़ी अहम जानकारी
  • फाइनल मुकाबला: 20 मार्च 2026
  • मेजबान देश: भारत और श्रीलंका
  • भारत का ग्रुप: ग्रुप A
  • ग्रुप की अन्य टीमें: USA, नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान

भारतीय टीम अपने ग्रुप मुकाबले चार अलग-अलग मैदानों पर खेलेगी—

  • अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
  • वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई
  • आर. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम

  • सूर्यकुमार यादव (कप्तान),
  • अक्षर पटेल (उपकप्तान),
  • अभिषेक शर्मा,
  • तिलक वर्मा,
  • हार्दिक पंड्या,
  • शिवम दुबे,
  • संजू सैमसन (विकेटकीपर),
  • ईशान किशन (विकेटकीपर),
  • रिंकू सिंह,
  • कुलदीप यादव,
  • वरुण चक्रवर्ती,
  • जसप्रीत बुमराह,
  • अर्शदीप सिंह,
  • वॉशिंगटन सुंदर,
  • हर्षित राणा

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम

  • सूर्यकुमार यादव (कप्तान),
  • अक्षर पटेल (उपकप्तान),
  • अभिषेक शर्मा,
  • तिलक वर्मा,
  • हार्दिक पंड्या,
  • शिवम दुबे,
  • संजू सैमसन (विकेटकीपर),
  • ईशान किशन (विकेटकीपर),
  • रिंकू सिंह,
  • कुलदीप यादव,
  • वरुण चक्रवर्ती,
  • जसप्रीत बुमराह,
  • अर्शदीप सिंह,
  • वॉशिंगटन सुंदर,
  • हर्षित राणा

भारत vs न्यूजीलैंड पूरा शेड्यूल

  • 11 जनवरी: पहला वनडे – वडोदरा
  • 14 जनवरी: दूसरा वनडे – राजकोट
  • 18 जनवरी: तीसरा वनडे – इंदौर
  • 21 जनवरी: पहला टी20 – नागपुर
  • 23 जनवरी: दूसरा टी20 – रायपुर
  • 25 जनवरी: तीसरा टी20 – गुवाहाटी
  • 28 जनवरी: चौथा टी20 – विशाखापत्तनम
  • 31 जनवरी: पांचवां टी20 – तिरुवनंतपुरम

टी20 वर्ल्ड कप 2026: शुरुआती मुकाबलों का शेड्यूल

(7 फरवरी से 20 फरवरी तक के मुकाबले विभिन्न शहरों में खेले जाएंगे, इसके बाद सुपर-8, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले आयोजित होंगे।)

पीएम मोदी ने पारंपरिक चिकित्सा को दुनिया भर में बढ़ावा देने के लिए वैश्विक डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से ट्रेडिशनल मेडिसिन ग्लोबल लाइब्रेरी (TMGL) का शुभारंभ किया। यह एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल मंच है, जिसे आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों से जुड़ी शोध सामग्री, नीतियों और वैज्ञानिक प्रमाणों को एक जगह उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है।

भारत मंडपम में आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दूसरे वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान किए गए एक महत्वपूर्ण वादे को पूरा करती है।

उन्होंने बताया कि TMGL दुनिया भर में पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित वैज्ञानिक शोध, अध्ययन और नीति दस्तावेजों को एक डिजिटल मंच पर एकत्र करेगा। इससे सभी देशों को प्रमाणित और विश्वसनीय जानकारी तक समान पहुंच मिल सकेगी।

194 देशों के सहयोग से तैयार की गई यह लाइब्रेरी पारंपरिक चिकित्सा के बिखरे हुए ज्ञान को एक वैश्विक ज्ञान भंडार में बदलने का प्रयास है। इससे शोध को बढ़ावा मिलेगा, नियमों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और पारंपरिक चिकित्सा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों में सुरक्षित रूप से शामिल करने का रास्ता आसान होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन दिवसीय इस सम्मेलन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन मेल देखने को मिला। इसमें शोध पद्धतियों, डिजिटल तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैश्विक मानकों और निवेश के अवसरों जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि इन चर्चाओं के आधार पर दिल्ली घोषणा पत्र तैयार किया गया है, जो सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों और पेशेवर प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का साझा ढांचा बनेगा।

पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने गुजरात के जामनगर में स्थापित WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने दिल्ली में WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के नए परिसर का भी उद्घाटन किया और इसे शोध, नियमन और क्षमता विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के कारण मधुमेह, हृदय रोग, अवसाद और कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में शारीरिक और मानसिक संतुलन को बहाल करना पूरी दुनिया की जरूरत बन गया है।

उन्होंने बताया कि भारत पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा को मिलाकर कैंसर के समग्र उपचार को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रहा है। साथ ही एनीमिया, गठिया और मधुमेह जैसी बीमारियों पर क्लिनिकल रिसर्च भी जारी है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने माय आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल और आयुष मार्क सहित कई महत्वपूर्ण आयुष पहलों की शुरुआत की। आयुष मार्क को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने योग शिक्षा पर WHO की एक तकनीकी रिपोर्ट भी जारी की और योग के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को प्रधानमंत्री योग पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

दिल्ली में प्रदूषण के चलते तंदूर में कोयला और लकड़ी पर बैन.

देश की राजधानी दिल्ली इस समय गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। खराब होती हवा की स्थिति को देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने शहर के सभी होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर में कोयला और जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

DPCC का कहना है कि कोयले से किया जाने वाला खाना पकाना स्थानीय प्रदूषण को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) तय मानकों से ऊपर बना हुआ है, जो चिंता का विषय है।

जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी भोजनालयों को बिजली, गैस या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित उपकरणों का उपयोग करना होगा। यह फैसला वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू ग्रैप (GRAP) के तहत लिया गया है।

शहरी स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी होटल या रेस्तरां तंदूर में कोयला या लकड़ी का इस्तेमाल न करे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सड़कों पर रखी निर्माण सामग्री हटाने के भी निर्देश

इसके साथ ही DPCC ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में रखी निर्माण सामग्री को हटाने के आदेश भी जारी किए हैं। रेत, बजरी, ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री के खुले भंडारण से उड़ने वाली धूल दिल्ली में PM10 और PM2.5 प्रदूषण को बढ़ा रही है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क और फुटपाथों पर अवैध रूप से रखी या बेची जा रही निर्माण सामग्री को हटाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सामग्री का भंडारण या परिवहन बिना ढके न किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।