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Retired DGP Om Prakash की संदिग्ध मौत, पत्नी हिरासत में, पारिवारिक विवाद की आशंका

Retired DGP Om Prakash की संदिग्ध मौत, पत्नी हिरासत में, पारिवारिक विवाद की आशंका
Retired DGP Om Prakash की संदिग्ध मौत, पत्नी हिरासत में, पारिवारिक विवाद की आशंका

बेंगलुरु: कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ओम प्रकाश की रविवार को बेंगलुरु के HSR लेआउट स्थित आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में उनकी पत्नी पल्लवी को हिरासत में लिया गया है, हालांकि पुलिस ने अब तक औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद एक होयसला पेट्रोलिंग वाहन मौके पर पहुंचा। उस समय घर में ओम प्रकाश, उनकी पत्नी पल्लवी और बेटी मौजूद थीं। पहले उन्होंने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में पुलिस निरीक्षक और ज़ोनल डीसीपी सारा फातिमा के पहुंचने पर दरवाजा खोला गया।

जमीन-जायदाद को लेकर पारिवारिक कलह की आशंका
पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ओम प्रकाश अपनी संपत्ति बेटे के नाम करना चाहते थे, जिससे घर में तनाव बढ़ गया था। इसी विवाद के चलते पल्लवी ने कथित रूप से चाकू से हमला किया।

सूत्रों का कहना है कि पल्लवी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में अपने पति द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी और यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें और उनकी बेटी को हथियार से धमकाया गया था। वहीं, ओम प्रकाश ने भी कुछ साथियों से मानसिक तनाव की बात कही थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी केस दर्ज
अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और ओम प्रकाश के बेटे की ओर से दर्ज कराई जाने वाली शिकायत के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। घटना स्थल से एक चाकू बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

शव को सेंट जॉन्स अस्पताल भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। उसके बाद जांच आगे बढ़ेगी।

ओम प्रकाश 1981 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी थे और 2015 से 2017 तक राज्य के डीजीपी और आईजीपी के पद पर रहे थे।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।